Haryana Weather: टूटेंगे बारिश के पुराने सारे रिकॉर्ड, अगले तीन दिनों में होगी भारी बारिश, अलर्ट जारी
मौसम विज्ञानियों ने हिसार सहित पूरे प्रदेश में 7 जुलाई से 11 जुलाई के बीच वर्षा की संभावना जताई है। जुलाई माह में हिसार में वर्षा के आंकड़ों को देखें तो 32 वर्ष पहले 22 जुलाई 1993 को एक दिन में सबसे अधिक वर्षा हुई थी।

Haryana Weather: मौसम विज्ञानियों ने हिसार सहित पूरे प्रदेश में 7 जुलाई से 11 जुलाई के बीच वर्षा की संभावना जताई है। जुलाई माह में हिसार में वर्षा के आंकड़ों को देखें तो 32 वर्ष पहले 22 जुलाई 1993 को एक दिन में सबसे अधिक वर्षा हुई थी।
उस दिन 256.5 मिलीमीटर वर्षा हुई, जो हिसार में जुलाई माह में एक दिन में सर्वाधिक वर्षा का रिकॉर्ड है। वहीं 7 जुलाई को हुई वर्षा का सर्वाधिक रिकॉर्ड देखें तो 66 वर्ष पहले आज के दिन यानि 7 जुलाई 1959 को 95.5 मिलीमीटर वर्षा हुई थी।

जुलाई माह में गर्मी व उमस के कारण अधिकतम तापमान के रिकॉर्ड को देखे तो जुलाई में 47.2 डिग्री सेल्सियस हिसार का अधिकतम तापमान रहा है। यह 13 जुलाई 1947 को रहा था। इसके अलावा 8 जुलाई 2009 में 44.5 डिग्री सेल्सियस तापमान था।
अगर जुलाई माह में हिसार के न्यूनतम तापमान के आंकड़ों को देखें तो 8 जुलाई 2005 में हिसार का न्यूनतम तापमान 26.2 डिग्री सेल्सियस रहा। इसके अलावा 3 जुलाई 2016 में 25.8 न्यूनतम तापमान रहा है। इसके अलावा 20 जुलाई 2017 में 20.1 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान रहा है। आगामी दिनों में संभावना है कि वर्षो पुराने यह रिकॉर्ड टूट सकते है।
मानसूनी हवाओं से वर्षा की संभावना बंगाल की खाड़ी से आ रही मानसूनी हवाओं से पूरे प्रदेश में 7 जुलाई से लेकर 11 जुलाई तक वर्षा की संभावना बनी हुई है। इस पूरे सप्ताह में मानसून सक्रिय रहेगा। जिससे प्रदेश के करीब सभी जिलों में बीच-बीच में वर्षा की संभावना बनी रहेगी।
दक्षिणी पूर्वी हवाओं के हिसार व आसपास जिलों में आने से यहां लगातार वर्षा की संभावना बनी हुई है। मौसम विशेषज्ञ डा. चंद्र मोहन ने बताया कि हरियाणा में रविवार को पंजाब से सटे जिलों सिरसा, फतेहाबाद, जींद, कैथल, कुरुक्षेत्र, पंचकूला, अंबाला, यमुनानगर में हल्की वर्षा हुई है। मानसूनी हवाएं मध्य समुद्र तल से सूरतगढ़, सिरसा, दिल्ली, लखनऊ, वाराणसी होते हुए पूर्व-दक्षिणपूर्व दिशा में उत्तर-पूर्वी बंगाल की खाड़ी तक बनी हुई है।
गंगा के तटीय क्षेत्र पश्चिम बंगाल व निकटवर्ती ओडिशा पर चक्रवात के प्रभाव से पश्चिम बंगाल और उसके आसपास के क्षेत्रों में एक निम्न दबाव का क्षेत्र बना हुआ। इससे जुड़ा चक्रवात समुद्र तल से 7.6 किमी ऊपर तक बढ़ा व ऊंचाई के साथ दक्षिण-पश्चिम की ओर झुका है। जिससे अगले 2-3 दिनों के दौरान इसे उतर-पश्चिम क्षेत्र की ओर बढ़ने की संभावना है।
इसके अलावा उत्तरी पर्वतीय क्षेत्रों पर एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से उत्तरी पश्चिमी राजस्थान पर एक चक्रवातीय सर्कुलेशन बना हुआ है। भारतीय मौसम विभाग ने आरेंज अलर्ट भी जारी कर दिया है। हरियाणा एनसीआर दिल्ली में अधिकतर स्थानों पर दिन और रात के तापमान सामान्य से नीचे बने हुए हैं।

नमी वाली मंद गति से हवाएं चलने और बादलों की आवाजाही से लगातार वातावरण में नमी में बढ़ोतरी से संपूर्ण इलाके में उमस भरी पसीने छुटाने वाली गर्मी से आमजन को परेशान होना पड़ रहा है। महेंद्रगढ़ का अधिकतम तापमान 35.0 डिग्री सेल्सियस व न्यूनतम तापमान 26.6 डिग्री सेल्सियस रहा है। वहीं हिसार का अधिकतम तापमान 35.8 डिग्री सेल्सियस रहा, वहीं न्यूनतम तापमान 27.6 डिग्री सेल्सियस रहा।
नारनौंद व हिसार में हुई वर्षा हिसार में रात 10 बजे गरज-चमक के साथ तेज वर्षा हुई। इसके अलावा नारनौंद क्षेत्र में भी वर्षा हुई। जिले में अलग-अलग क्षेत्रों में वर्षा की होने से लोगों ने उमस भरी गर्मी से राहत की सांस ली।

मौसम विज्ञानियों ने हरियाणा एनसीआर दिल्ली के अधिकतर पश्चिमी जिलों सिरसा, फतेहाबाद, हिसार, भिवानी, चरखी दादरी, महेंद्रगढ़ में रिमझिम वर्षा की गतिविधियों की संभावना है। धीरे-धीरे हरियाणा के मध्यवर्ती और दक्षिणी हिस्सों में बारिश की गतिविधियां देखने को मिलेगी।










