Haryana News : हरियाणा में 11.65 करोड़ की लागत से Driving Training & Research Institute बनाने की मंज़ूरी मिली

Haryana News : हरियाणा के परिवहन मंत्री अनिल विज के प्रयासों से अंबाला छावनी को नई सौगात मिलने जा रही है जिसके तहत ड्राइविंग ट्रेनिंग एवं रिसर्च संस्थान अंबाला छावनी के गांव शाहपुर में स्थापित किया जाएगा । इसके अलावा, आटोमेटेड व्हीकल टेस्टिंग स्टेशन भी इसी गांव में स्थापित किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि ड्राइविंग ट्रेनिंग एवं रिसर्च संस्थान और आटोमेटेड व्हीकल टेस्टिंग स्टेशन को स्थापित करने के लिए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी द्वारा स्वीकृति प्रदान कर दी गई है । विज ने बताया कि अंबाला छावनी के गांव शाहपुर की 13 एकड 5 कनाल और 4 मरला भूमि पर ड्राइविंग ट्रेनिंग एवं रिसर्च संस्थान और आटोमेटेड व्हीकल टेस्टिंग स्टेशन को स्थापित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि ड्राइविंग ट्रेनिंग एवं रिसर्च संस्थान और आटोमेटेड व्हीकल टेस्टिंग स्टेशन की स्थापना पर लगभग 11.65 करोड रूपए की राशि खर्च की जाएगी।
परिवहन मंत्री ने बताया कि ड्राइविंग ट्रेनिंग एवं रिसर्च संस्थान और आटोमेटेड व्हीकल टेस्टिंग स्टेशन की स्थापना से प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से सैकडों लोगों के लिए रोजगार के अवसर सृजित होगें । उन्होंने बताया कि इस संस्थान के माध्यम से आसपास के जिलों के हजारों प्रशिक्षित युवाओं को ओर अधिक हुनरमंद बनाने अर्थात अधिक कौशलयुक्त तैयार किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, आटोमेटेड व्हीकल टेस्टिंग स्टेशन की स्थापना से प्रति सप्ताह लगभग 300 वाहनों की फिटनेस की जांच की जाएगी । (Haryana News)
विज ने बताया कि वे चाहते हैं कि हरियाणा में परिवहन सुविधाओं को ओर अधिक सुचारू व सुगम बनाया जाए और इसके लिए उनके द्वारा नित नए दिन तकनीकी रूप से आधुनिक तरीके से सेवाओं को लोगों तक पहुंचाने का कार्य किया जा रहा है । उल्लेखनीय है कि पिछले दिनों परिवहन मंत्री ने राज्य परिवहन की बसों में यात्रा करने वाले यात्रियों की सुविधा के लिए बस ट्रैकिंग सिस्टम और बस अडडों पर बसों के आवागमन की स्थिति की जानकारी डिजीटल रूप में दर्शाने के लिए डिजीटल बोर्ड लगाने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए हुए है, जिस पर त्वरित कार्यवाही की जा रही है । (Haryana News)
क्या होता है ड्राइविंग ट्रेनिंग एवं रिसर्च संस्थान ?
आधुनिक प्रशिक्षण (Advanced Training)
यहाँ केवल स्टयरिंग पकड़ना नहीं सिखाया जाता, बल्कि सिम्युलेटर (Simulator) के जरिए असली सड़क पर जाने से पहले अभ्यास कराया जाता है। इसमें बारिश, कोहरा या रात के समय गाड़ी चलाने का आभासी अनुभव दिया जाता है।
वैज्ञानिक ड्राइविंग ट्रैक
इन संस्थानों में विशेष प्रकार के टैस्टिंग ट्रैक (जैसे H-track, S-bend, और Gradient) होते हैं। यहाँ सेंसर और कैमरों की मदद से ड्राइवर की कुशलता जांची जाती है।
अनुसंधान और डेटा (Research)
जैसा कि इसके नाम में ‘रिसर्च’ शब्द है, यह संस्थान सड़क दुर्घटनाओं के कारणों का अध्ययन करते हैं और सड़क सुरक्षा (Road Safety) के नए नियम या तरीके विकसित करने में मदद करते हैं।
विभिन्न प्रकार के कोर्स
प्रारंभिक कोर्स: नए ड्राइवरों के लिए जो पहली बार लाइसेंस ले रहे हैं।
रिफ्रेशर कोर्स: भारी वाहन (Truck/Bus) चालकों या खतरनाक सामग्री ले जाने वाले ड्राइवरों के लिए समय-समय पर अनिवार्य ट्रेनिंग।
सॉफ्ट स्किल: ड्राइवरों को यात्रियों के साथ व्यवहार और प्राथमिक चिकित्सा (First Aid) की जानकारी भी दी जाती है।
लाइसेंस प्रक्रिया में भूमिका
कई राज्यों में, यदि आप IDTR से ट्रेनिंग सर्टिफिकेट प्राप्त करते हैं, तो लर्निंग लाइसेंस या पक्का लाइसेंस मिलने की प्रक्रिया काफी व्यवस्थित और आसान हो जाती है, क्योंकि आपकी योग्यता पहले ही प्रमाणित हो चुकी होती है।