Haryana Metro : दिल्ली और सोनीपत के बीच बढ़ेगी मेट्रो की कनेक्टिविटी, जानिए किस इलाके के लोगों को होगा फायदा

Haryana Metro: देश की राजधानी दिल्ली (Delhi) और हरियाणा का प्रमुख शहर सोनीपत (Sonipat) जल्द ही और नजदीक आने वाले हैं। वजह है एक नया और तगड़ा मेट्रो कनेक्शन (Metro Connectivity) जिसकी तैयारी ज़ोरों पर है।
अब तक अगर किसी को कुंडली से दिल्ली के रिठाला या रोहिणी जाना होता था तो बस या अपनी गाड़ी का ही सहारा लेना पड़ता था। लेकिन अब दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन यानी DMRC और हरियाणा सरकार मिलकर एक नया मेट्रो कॉरिडोर बनाने जा रहे हैं जो सीधे रिठाला (Rithala) से नाथूपुर (Nathupur) तक 26.5 किलोमीटर का सफर तय करेगा।Haryana Metro

मेट्रो से बढ़ेगी दिल्ली-हरियाणा की नजदीकी
इस प्रोजेक्ट के पूरा होते ही दिल्ली और हरियाणा (Delhi Haryana) के बीच की दूरी बस कुछ मिनटों की हो जाएगी। मेट्रो का यह नया रूट रोहिणी बवाना नरेला जैसे घनी आबादी वाले इलाकों से होकर निकलेगा जिससे रोजाना सफर करने वाले हजारों लोगों को राहत मिलेगी। खास बात ये है कि कुंडली और नाथूपुर जैसे एरिया अब सीधे मेट्रो नेटवर्क से जुड़ जाएंगे।
सोचिए पहले जहाँ ऑफिस जाने में घंटों लग जाते थे वहीं अब मेट्रो (Metro) पकड़ो और आराम से अपने गंतव्य तक पहुंच जाओ बिना ट्रैफिक बिना टेंशन!Haryana Metro
21 स्टेशन वाला होगा यह Metro Route
इस मेट्रो लाइन पर कुल 21 स्टेशन होंगे। शुरुआत रिठाला (Rithala) से होगी और आखिरी स्टेशन नाथूपुर (Nathupur) रहेगा। बीच में जो प्रमुख स्टेशन होंगे उनमें रोहिणी सेक्टर 25 सेक्टर 26 सेक्टर 31 बवाना नरेला कुंडली और अन्य शामिल हैं।
हर स्टेशन को इस तरह डिजाइन किया जाएगा कि वहां आसपास की कॉलोनियों और मार्केट को फायदा मिले। मेट्रो स्टेशन बनने से एरिया का रेट भी बढ़ेगा और रियल एस्टेट में भी जबरदस्त उछाल आएगा।

कितनी लागत आएगी इस मेगा प्रोजेक्ट में?
अब बात करते हैं पैसों की क्योंकि ऐसा कोई भी प्रोजेक्ट बिना मोटी लागत के नहीं बनता। इस Delhi-Sonipat Metro Project पर कुल ₹6230 करोड़ खर्च होने का अनुमान है। इसमें से ₹5685.22 करोड़ दिल्ली वाले हिस्से पर और ₹545.77 करोड़ हरियाणा खंड पर खर्च होंगे।Haryana Metro

इस फंडिंग में 80% हिस्सा राज्य सरकार यानी हरियाणा सरकार उठाएगी जबकि 20% हिस्सा केंद्र सरकार देगी। यानी दोनों सरकारें मिलकर इस काम को आगे बढ़ा रही हैं और ये देखकर अच्छा लगता है कि इन्फ्रास्ट्रक्चर पर अब गंभीरता से काम हो रहा है।
रोजाना कितने लोग उठाएंगे फायदा?
जैसा कि रिपोर्ट में बताया गया है इस नई मेट्रो लाइन से लगभग 50000 लोग रोजाना सफर करेंगे। ऑफिस जाने वाले कॉलेज स्टूडेंट्स बिज़नेस करने वाले लोग सबको एक जैसी सहूलियत मिलेगी।
अब जो लोग कुंडली या नाथूपुर जैसे एरिया से दिल्ली के बवाना नांगलोई नजफगढ़ जैसे एरिया में आते-जाते हैं उन्हें बहुत फायदा होगा। न सिर्फ सफर आसान होगा बल्कि समय और पैसे दोनों की बचत होगी।
किन दिक्कतों से जूझ रही है परियोजना?
हालांकि प्रोजेक्ट की योजना और उद्देश्य दमदार है लेकिन अभी भी कुछ टेक्निकल और एडमिनिस्ट्रेटिव चुनौतियां बाकी हैं। भूमि अधिग्रहण (Land Acquisition) एक बड़ा मुद्दा है साथ ही कई जगहों पर बिजली के खंभों और सड़क निर्माण को लेकर भी समस्याएं हैं।
इन्हीं सबको लेकर हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (HSVP) के प्रधान सलाहकार डीएस ढेसी की अगुवाई में हाल ही में एक बैठक हुई। इस मीटिंग में हरियाणा मास रैपिड ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (HMRTC) और DMRC के अफसर भी शामिल हुए। मीटिंग में तकनीकी पहलुओं के अलावा स्थानीय समस्याओं पर भी चर्चा हुई ताकि कोई अड़चन आने से पहले ही उसका हल निकाला जा सके।
कब तक पूरा होगा प्रोजेक्ट?
सरकार का लक्ष्य है कि यह प्रोजेक्ट 2028 से पहले ही पूरा हो जाए। अब अगर सब कुछ प्लान के अनुसार चलता है तो 3 साल के अंदर आप सीधे कुंडली से रिठाला तक मेट्रो में बैठकर सफर कर पाएंगे।
इस मेट्रो लाइन को खास तौर पर पर्यावरण के अनुकूल (Eco-friendly) बनाया जाएगा। यानी यह ना सिर्फ यात्रियों को फायदा देगा बल्कि शहर के ट्रैफिक और प्रदूषण को भी कम करेगा।











