Haridwar : हरिद्वार जाने वाले हो जाएं सावधान ! हरकी पौड़ी हुई जलविहीन
दशहरे से धनतेरस तक गंग नहर बंद

Haridwar :हरिद्वार। धर्मनगरी हरिद्वार में दशहरे की रात से गंग नहर को 15 दिनों के लिए बंद कर दिया गया है, जिसके चलते विश्व प्रसिद्ध हरकी पौड़ी का मुख्य घाट पूरी तरह जलविहीन हो गया है। इस वार्षिक बंदी के कारण हरकी पौड़ी पर गंगा स्नान के लिए पहुँच रहे श्रद्धालुओं में गहरी मायूसी छाई हुई है।

हर साल की तरह, इस वर्ष भी उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग ने गंग नहर को दशहरे से धनतेरस तक बंद रखने का निर्णय लिया है। अधिकारियों के अनुसार, यह कदम नहर की साफ़-सफाई और मरम्मत कार्यों के लिए आवश्यक है। हरिद्वार से कानपुर तक जाने वाली गंग नहर की वार्षिक बंदी दशहरे की रात से शुरू हो गई है। उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग के एसडीओ भारत भूषण शर्मा ने बताया कि गंग नहर का सालाना मेंटीनेंस इन्हीं 15 दिनों के दौरान पूरा किया जाता है। हालांकि, श्रद्धालुओं की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए इस बार विभाग ने एक विशेष व्यवस्था की है। एसडीओ शर्मा ने जानकारी दी कि गंग नहर बंदी के दौरान भी हरकी पौड़ी पर सुबह और शाम की आरती के समय ढाई पानी (सीमित मात्रा में जल प्रवाह) दिया जाएगा, जिससे आरती की रस्म पूरी की जा सके।

गंगा बंदी के कारण हरकी पौड़ी पर गंगा जल की अनुपस्थिति से श्रद्धालु सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं। दूर-दराज से गंगा स्नान की इच्छा लेकर हरिद्वार पहुँचे यात्रियों को भारी निराशा का सामना करना पड़ रहा है। एक श्रद्धालु ने अपनी मायूसी व्यक्त करते हुए कहा, “हम इतनी दूर से गंगा स्नान के लिए आए थे, लेकिन यहाँ डुबकी लगाने लायक भी पानी नहीं है। हमने कभी नहीं सोचा था कि हरिद्वार आकर ऐसा दृश्य देखने को मिलेगा।” श्रद्धालुओं का कहना है कि जलविहीन घाट देखकर उन्हें बहुत दुख हो रहा है।










