Gurugram: गर्मियों में शहरवासियों को नहीं होगी पानी की किल्लत, 670 एमएलडी की होगी आपूर्ति
जीएमडीए की पिछली बैठक के संबंध में लिए गए निर्णयों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कुडा-कचरा उठाने वाली कंपनी इकोग्रीन को एक नया नोटिस भेजा जाए और उसकी प्रोपर्टी एटैच करके सख्त कार्यवाही की जाए। उन्होंने कहा कि इस मामले में यदि कोई अधिकारी या कर्मचारी संलिप्त पाया जाता है तो उसके खिलाफ भी कार्यवाही की जाए।

Gurugram News Network – हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि आगामी 31 मई के पश्चात गुरूग्रामवासियों को कुल 670 एमएलडी जलापूर्ति की जाएगी। इसके लिए आज उनके द्वारा अधिकारियों को निर्देश दिए गए है ताकि गर्मी के मौसम को देखते हुए लोगांे को किसी भी प्रकार की दिक्कत न हों। इसके अलावा, उन्होंने बताया कि गुरूग्राम में 400 नई इलैक्ट्रिक बसें भी संचालित की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने गुरूग्राम मैट्रोपोलिटन विकास प्राधिकरण की 14वीं बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। आज की बैठक में विकास की गति को तेज करने के लिए लगभग 3034.82 करोड रूपए के बजट को भी मंजूरी दी गई है। बैठक में उद्योग मंत्री राव नरबीर सिंह, विधायक तेजपाल तंवर, बिमला चौधरी और मुकेश शर्मा भी उपस्थित रहें।
जीएमडीए की पिछली बैठक के संबंध में लिए गए निर्णयों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कुडा-कचरा उठाने वाली कंपनी इकोग्रीन को एक नया नोटिस भेजा जाए और उसकी प्रोपर्टी एटैच करके सख्त कार्यवाही की जाए। उन्होंने कहा कि इस मामले में यदि कोई अधिकारी या कर्मचारी संलिप्त पाया जाता है तो उसके खिलाफ भी कार्यवाही की जाए।
मुख्यमंत्री ने नजफगढ ड्रेन के साथ लगते हुए गांवों में जलभराव की समस्या पर चिंता जताई और अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस बारे में ठोस योजना बनाई जाए ताकि जलभराव से निजात मिल सकें। बैठक में मुख्यमंत्री को बताया गया कि वजीराबाद में बनाए जाने वाले स्टेडियम का कार्य आरंभ कर दिया गया है और आगामी जून-2026 तक इस कार्य को पूरा कर लिया जाएगा।
नायब सिंह सैनी ने गुरूग्राम में बनाए जाने वाले 700 बिस्तर के अस्पताल पर भी समीक्षा की और इस संबंध में की जा रही कार्यवाही को आगे बढाने के निर्देश अधिकारियों को दिए। इसी प्रकार, मुख्यमंत्री ने गुरूग्राम में बनाए जाने वाले बस अडडे के कार्य की समीक्षा की और अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि आगामी एक माह के भीतर बस अडडे के लिए टेंडर लगा दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री को बताया गया कि सैक्टर 45-46-51-52 में लगभग 52 करोड रूपए की लागत से फलाईओवर बनाए जाएंगें और इस बारे में 31 मई तक टेंडर लगा दिए जाएंगें। ऐसे ही, सैक्टर 85-86-89-90 के जकंशन में भी फलाईओवरों का निर्माण किया जाएगा जिस पर 59 करोड रूपए का खर्च आएगा और इस परियोजना की डीपीआर 30 अप्रैल तक सौंप दी जाएगी। गुरूग्राम में ताऊ देवी लाल स्टेडियम के अपग्रेडेशन के लिए लगभग 634 करोड रूपए की प्रशासनिक मंजूरी दी गई और इसके सुदृढीकरण के लिए अध्ययन किया जा रहा हैं।
मुख्यमंत्री को बताया गया कि वाटिका चौक से एनएच 48 सीपीआर तक एसपीआर सडक का अपग्रेडेशन किया जाएगा तथा इस परियोजना की डीपीआर 30 जून तक सौंप दी जाएगी। इसी प्रकार, वर्तमान मुख्य पंम्पिग स्टेशन, धनवापुर के सुदृढीकरण के लिए लगभग 116 करोड रूपए की मंजूरी दी गई और इस कार्य का टेंडर 30 अप्रैल तक आंमत्रित किया जाएगा। वहीं, 100-100 एमएलडी का वाटर ट्रीटमेंट प्लांट, चंदू और बसई का निर्माण भी किया जाएगा ।
सेक्टर 76-80 में मास्टर स्ट्राम वाटर ड्रेनेज सिस्टम को बिछाने के लिए लगभग 119 करोड रूपए के टेंडर आमंत्रित किए गए हैं। बैठक में बताया गया कि 120 एमएलडी सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट, बहरामपुर और 100 एमएलडी सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट, धनवापुर के लिए टेंडर किए गए हैं। इसके अतिरिक्त सैक्टर 107 में100 एमएलडी के दो एसटीपी निर्मित किए जाएंगें।
मेट्रो कोरिडोर पर बख्तावर चौक पर अंडरपास तथा पांच ग्रेड सेपरेशन ओवरलेपिंग बनाए जाने का फैसला आज की बैठक में लिया गया है जिस पर लगभग 350 करोड रूपए खर्च होंगें। सेक्टर डिवाइडिंग रोड 78-80, नोरंगपुर रोड पर 41.81 करोड रूपए की लागत से 84 मीटर की मास्टर सैक्टर रोड बनाई जाएगी।
ओल्ड दिल्ली रोड से रेजांगला चौक तक मास्टर वाटर डेªन तथा अशोक विहार से रेलवे कल्वर्ट नंबर 50 तक मास्टर वाटर डेªन का निर्माण किया जाएगा और इन ड्रेनस का निर्माण भविष्य में आबादी को देखते हुए किया जाएगा जोकि 4.20 किलोमीटर लंबी होंगी और 70 करोड रूपए खर्च किए जाएंगें।
मुख्यमंत्री को बताया गया कि भविष्य की मांग को देखते हुए 1300 एमएम की एमएस पाईपलाईन को बदला जाएगा जोकि 11.5 किलोमीटर लंबी होगी और जिस पर लगभग 110 करोड रूपए लागत आएगी।
134 करोड रूपए की लागत से ओल्ड मास्टर सीवर लाईन का सुदृढीकरण और सीवरेज सिस्टम को सील्टफ्री किया जाएगा। इसी तरह से दिल्ली-रेवाडी रेल लाईन पर मास्टर वाटर सप्लाई लाईन पर तीन कल्वर्ट अंडर रेलवे लाईन बनाए जाएंगें, जिस पर 52 करोड रूपए की राशि खर्च होगी।