Gurugram Sohna Metro : गुरुग्राम वालों के लिए खुशखबरी ! अब भोंडसी नहीं बल्कि सोहना IMT तक जाएगी मेट्रो

Gurugram Sohna Metro : गुरुग्राम वालों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है । गुड़गांव रेलवे स्टेशन से भोंडसी मेट्रो कॉरिडोर को अब सोहना IMT तक विस्तार करने पर चर्चा की जा रही है । ऐसी खबरे सामने आई हैं कि इस प्रस्तावित मेट्रो रुट का विस्तार किया जाएगा और इस कॉरिडोर को भोंडसी के आगे IMT Sohna तक ले जाया जाएगा । इससे ओल्ड गुरुग्राम, बादशाहपुर, सोहना रोड़, भोंडसी और सोहना इलाके में बेहतर कनेक्टिविटी मिलने की संभावनाएं हैं ।
सोहना इलाके में तेजी से बढ़ती आबादी, नए रिहायशी सेक्टरों और IMT Sohna के औद्योगिक विकास को देखते हुए मेट्रो कॉरिडोर को आगे बढ़ाने का प्रस्ताव महत्वपूर्ण माना जा रहा है । हरियाणा मास रैपिड मेट्रो ट्रांजिट सिस्टम ने इस नए रुट के प्रस्ताव पर काम करना शुरु कर दिया है ।
भोंडसी से आगे IMT Sohna तक जाएगी मेट्रो
अभी गुड़गांव रेलवे स्टेशन से भोंडसी तक मेट्रो कॉरिडोर का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है । अब इस कॉरिडोर को आगे IMT Sohna तक ले जाने की संभावना पर काम किया जा रहा है । अगर प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है तो भविष्य में गुड़गांव रेलवे स्टेशन से भोंडसी होते हुए IMT Sohna तक मेट्रो कनेक्टिविटी विकसित की जा सकती है ।
हालांकि, IMT Sohna तक मेट्रो का अंतिम रूट, स्टेशन और कुल लंबाई अभी तय नहीं हुई है। इसके लिए सरकार की मंजूरी के बाद विस्तृत तकनीकी और फिजिबिलिटी स्टडी की जरूरत होगी।
गुड़गांव रेलवे स्टेशन से शुरू होगा प्रस्तावित कॉरिडोर
प्रस्तावित मेट्रो कॉरिडोर को गुड़गांव रेलवे स्टेशन से जोड़ने की योजना है। शुरुआती अलाइनमेंट में पुराने गुरुग्राम के कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों को शामिल किया गया है । प्रस्तावित रूट में सदर बाजार, जेल रोड और राजीव चौक जैसे प्रमुख क्षेत्र शामिल किए जाने की योजना सामने आई है। इसके बाद कॉरिडोर गुरुग्राम-सोहना क्षेत्र की तरफ बढ़ेगा।
भोंडसी तक प्रस्तावित कॉरिडोर के लिए तैयार किए गए शुरुआती अलाइनमेंट में करीब 20 किलोमीटर लंबा रूट और 17 स्टेशन प्रस्तावित किए गए थे। हालांकि यह अलाइनमेंट अंतिम नहीं माना जा रहा है।
ये क्षेत्र हो सकते हैं मेट्रो रूट से कनेक्ट
पहले तैयार किए गए प्रस्ताव के अनुसार भोंडसी से गुरुग्राम रेलवे स्टेशन के बीच मेट्रो कॉरिडोर में कई महत्वपूर्ण इलाकों को जोड़े जाने की योजना है ।
इनमें प्रमुख रूप से भोंडसी, मोहन नगर, पावर कॉलोनी, बादशाहपुर क्षेत्र, सेक्टर-67, M3M अर्बाना चौक, सेक्टर-65, गोल्फ कोर्स एक्सटेंशन रोड, फ्रेस्को स्क्वायर, साउथ सिटी-2, सेक्टर-47, बख्तावर चौक, मेदांता अस्पताल, मिनी सचिवालय, सदर बाजार, सेक्टर-8, गुड़गांव रेलवे स्टेशन शामिल हैं।
ध्यान देने वाली बात यह है कि 17 स्टेशनों की यह सूची अभी अंतिम नहीं है। IMT Sohna तक विस्तार होने के बाद नए हिस्से के स्टेशन अलग से तय किए जा सकते हैं।
सोहना रोड पर ही बनेगा मेट्रो रूट? अभी तस्वीर साफ नहीं
गुरुग्राम-भोंडसी मेट्रो के रूट को लेकर पहले सोहना रोड के साथ कॉरिडोर बनाने का विकल्प सामने आया था। बाद में अधिक आबादी वाले सेक्टरों को कनेक्ट करने के लिए अलाइनमेंट में बदलाव के विकल्पों पर भी विचार किया गया । ऐसे में भोंडसी से IMT Sohna तक मेट्रो किस रास्ते से जाएगी, यह विस्तृत तकनीकी अध्ययन और DPR के बाद ही स्पष्ट होगा । यह भी तय किया जाना बाकी है कि कॉरिडोर पूरी तरह एलिवेटेड होगा या किसी हिस्से में भूमिगत मेट्रो का विकल्प अपनाया जाएगा ।
विधानसभा में भी उठ चुका है गुरुग्राम से सोहना तक मेट्रो का मुद्दा
गुरुग्राम से सोहना तक मेट्रो कनेक्टिविटी का मुद्दा हरियाणा विधानसभा में भी उठ चुका है। फरवरी 2026 में सोहना विधायक तेजपाल तंवर ने सरकार से पूछा था कि IMT Sohna और आसपास विकसित हो रहे नए रिहायशी सेक्टरों को देखते हुए गुरुग्राम से सोहना तक मेट्रो विस्तार की कोई योजना है या नहीं। इससे साफ है कि सोहना क्षेत्र को गुरुग्राम के मौजूदा मेट्रो नेटवर्क से जोड़ने की मांग लगातार सामने आती रही है।
IMT Sohna तक मेट्रो पहुंचने से क्या होगा फायदा?
अगर IMT Sohna Metro परियोजना आगे बढ़ती है तो इसका सबसे बड़ा फायदा गुरुग्राम और सोहना के बीच सार्वजनिक परिवहन कनेक्टिविटी को मिल सकता है। इससे गुरुग्राम और सोहना के बीच आवागमन आसान हो सकता है। सोहना और आसपास के नए सेक्टरों को बेहतर कनेक्टिविटी मिल सकती है। IMT Sohna के औद्योगिक क्षेत्र को सार्वजनिक परिवहन का विकल्प मिलेगा।
सड़क पर निजी वाहनों और बसों पर निर्भरता कम करने में मदद मिल सकती है। गुरुग्राम रेलवे स्टेशन के जरिए दूसरे शहरों से आने-जाने वाले यात्रियों को भी फायदा हो सकता है।
अभी किस चरण में है Gurugram-Sohna Metro?
फिलहाल IMT Sohna तक मेट्रो विस्तार को अंतिम मंजूरी मिली हुई परियोजना नहीं माना जा सकता। पहले सरकार की मंजूरी, फिर फिजिबिलिटी स्टडी और विस्तृत परियोजना रिपोर्ट यानी DPR की प्रक्रिया महत्वपूर्ण होगी । DPR और तकनीकी अध्ययन के दौरान मेट्रो की लंबाई, स्टेशन, रूट, निर्माण तकनीक, अनुमानित लागत और यात्री क्षमता जैसी महत्वपूर्ण चीजें तय की जाएंगी ।
