Gurugram Police का सबसे बड़ा साइबर ऑपरेशन: 214 जालसाज गिरफ्तार , करोड़ों की रकम बचाई
नवंबर माह की इस प्रभावी कार्यवाही में बैंकिंग फ्रॉड, OTP फ्रॉड, ऑनलाइन ट्रेडिंग, निवेश ठगी, सोशल मीडिया आधारित अपराध, और नौकरी/कस्टमर केयर फ्रॉड से जुड़े जालसाजों को गिरफ्तार किया गया है।

Gurugram Police : साइबर अपराधों पर नकेल कसने और पीड़ितों को त्वरित राहत दिलाने की दिशा में गुरुग्राम पुलिस ने नवंबर-2025 में बड़ी सफलता हासिल की है। एसीपी साइबर अपराध प्रियांशु दीवान (HPS), के नेतृत्व में पुलिस ने एक महीने में 214 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
साइबर अपराधों के विरुद्ध चलाए गए विशेष अभियान के दौरान, गुरुग्राम पुलिस की सभी जोनल टीमों (पूर्व, पश्चिम, दक्षिण व मानेसर) ने निम्नलिखित प्रमुख उपलब्धियाँ दर्ज कीं:

| उपलब्धि | विवरण/राशि |
| कुल गिरफ्तार आरोपी | 214 |
| कुल होल्ड कराई गई राशि | 8,77,00,395 (लगभग 8.77 करोड़) |
| पीड़ितों को रिफंड कराई गई राशि | 3,52,66,462 (लगभग 3.52 करोड़) |
| कुल प्राप्त शिकायतें (नवंबर) | 3557 |
| दर्ज किए गए अभियोग | 140 |
नवंबर माह की इस प्रभावी कार्यवाही में बैंकिंग फ्रॉड, OTP फ्रॉड, ऑनलाइन ट्रेडिंग, निवेश ठगी, सोशल मीडिया आधारित अपराध, और नौकरी/कस्टमर केयर फ्रॉड से जुड़े जालसाजों को गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि त्वरित तकनीकी कार्यवाही और बैंकिंग संस्थानों के रियल-टाइम सहयोग से संदिग्ध खातों में ₹8 करोड़ 77 लाख की बड़ी राशि को होल्ड (फ्रीज़) कराया गया, जिससे पीड़ितों को बड़ी आर्थिक क्षति होने से बचाया जा सका। इसके अलावा, साइबर हेल्पलाइन 1930 के माध्यम से त्वरित प्रतिक्रिया तंत्र का उपयोग करते हुए 3 करोड़ 52 लाख से अधिक की राशि सफलतापूर्वक पीड़ितों के खातों में रिफंड भी कराई गई।
गुरुग्राम पुलिस संगठित साइबर गिरोहों की पहचान और उन पर कार्रवाई के लिए बैंकिंग, टेलीकॉम और वित्तीय संस्थानों के साथ लगातार समन्वय स्थापित कर रही है। इसके साथ ही, साइबर जागरूकता अभियानों का विस्तार किया जा रहा है और तकनीकी निगरानी, डिजिटल ट्रेसिंग एवं अकाउंट फ्रीजिंग की प्रक्रिया को तेज करने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।
पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी प्रकार की साइबर ठगी होने पर बिना देर किए तुरंत 1930 पर कॉल करें और रिपोर्ट दर्ज कराएं। साथ ही, किसी भी संदिग्ध लिंक, कॉल, ऐप या निवेश संबंधी झांसे से बचें। साइबर अपराधों के विरुद्ध इस लड़ाई में नागरिक जागरूकता और पुलिस को तुरंत सूचना देना अत्यंत आवश्यक है।











