Gurugram News: गुरुग्राम से दिल्ली, एयरपोर्ट और चंडीगढ़ का सफर हुआ आसान, बड़ी परियोजनाओं से मिलेगी रफ्तार

परियोजनाओं के तहत जलभराव की समस्या से निपटने के लिए नई आरसीसी नालियां बनाई जाएंगी और भूजल रिचार्ज को बढ़ावा देने के लिए वर्षा जल संचयन संरचनाएं स्थापित की जाएंगी।

Gurugram News:  राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास को नई गति मिलने वाली है, जिससे गुरुग्राम और दिल्ली के बीच यात्रा करने वाले लाखों लोगों को बड़ी राहत मिली। दो प्रमुख परियोजनाएं – द्वारका एक्सप्रेस-वे (दिल्ली खंड) और अर्बन एक्सटेंशन रोड (UER-2) शुरू हो गया है। इन परियोजनाओं का लक्ष्य न केवल यातायात को सुगम बनाना है, बल्कि समय, ईंधन और प्रदूषण को भी कम करना है।

द्वारका एक्सप्रेस-वे और UER-2 से बदली कनेक्टिविटी की तस्वीर
परियोजना गुरुग्राम से दिल्ली एयरपोर्ट और चंडीगढ़ जाने वाले 50,000 से अधिक वाहनों को जाम से मुक्ति दिलाएगी। यह 75.71 किलोमीटर लंबा तीसरा रिंग रोड गुरुग्राम को द्वारका, मुंडका और नजफगढ़ से जोड़ते हुए दिल्ली के अलीपुर तक पहुंचेगा। इसके शुरू होने से गुरुग्राम से दिल्ली एयरपोर्ट तक का सफर जो फिलहाल डेढ़ घंटे का है, वह घटकर सिर्फ 30 मिनट का रह जाएगा।

UER-2, जिसे देश की सबसे आधुनिक शहरी यातायात परियोजनाओं में से एक माना जा रहा है, में 27 फ्लाईओवर, 2 आरओबी और 11 अंडरपास जैसी अत्याधुनिक संरचनाएं शामिल हैं। यह सोनीपत की तरफ से आने वाले वाहनों को बिना दिल्ली के अंदरूनी हिस्सों में प्रवेश किए, सीधे गुरुग्राम या इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे तक जाने का रास्ता देगा, जिससे ट्रैफिक जाम से स्थायी राहत मिलेगी।

NH-48 पर 282 करोड़ की परियोजनाओं का शिलान्यास
गुरुग्राम में मंगलवार को केंद्रीय राज्य मंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने राष्ट्रीय राजमार्ग-48 (पुराना NH-8) पर 282 करोड़ की महत्वपूर्ण परियोजनाओं की आधारशिला रखी। इन परियोजनाओं में सर्विस रोड का सुधार, चार नए फ्लाईओवर का निर्माण और नौ आधुनिक फुट ओवरब्रिज (FOB) शामिल हैं।

पचगांव चौक, राठीवास, हीरो कंपनी के पास और साहलवास जैसे व्यस्त चौराहों पर बनने वाले फ्लाईओवर ट्रैफिक जाम की समस्या को खत्म करेंगे। इसके अलावा, 9 आधुनिक फुट ओवरब्रिज (FOB) पैदल यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करेंगे, जो राजमार्ग पर दुर्घटनाओं की संभावना को काफी कम कर देगा। ये FOB विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांगजनों के लिए सुविधाजनक होंगे, क्योंकि इनमें रैम्प की सुविधा भी होगी।

परियोजनाओं के तहत जलभराव की समस्या से निपटने के लिए नई आरसीसी नालियां बनाई जाएंगी और भूजल रिचार्ज को बढ़ावा देने के लिए वर्षा जल संचयन संरचनाएं स्थापित की जाएंगी। सड़क सुरक्षा को मजबूत करने के लिए साइनबोर्ड, रोड स्टड और हाई-मास्ट लाइटें लगाई जाएंगी। पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए 15,000 पेड़ भी लगाए जाएंगे।

ये दोनों ही परियोजनाएं गुरुग्राम, दिल्ली, और आसपास के क्षेत्रों में यातायात की सुविधा, सुरक्षा और गति को बेहतर बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होंगी, जिससे आम जनता को रोजमर्रा के सफर में बड़ी सहूलियत मिलेगी।

Manu Mehta

मनु मेहता पिछले लगभग 18 वर्षों से गुरुग्राम की पत्रकारिता में सक्रिय एक अनुभवी और विश्वसनीय पत्रकार हैं। उन्होंने कई बड़े नेशनल न्यूज़ चैनलों (ANI News, News Express, TV 9,… More »
Back to top button