Gurugram News : बादशाहपुर, मानेसर और फर्रुखनगर में रजिस्ट्रियों की जांच शुरु, DC ने किया विशेष कमेटी का गठन
जमीन की रजिस्ट्री के लिए हरियाणा रियल एस्टेट (नियमन एवं विकास) अधिनियम (HDRUA) की धारा 7ए के तहत NOC लेना अनिवार्य है। यह नियम सुनिश्चित करता है कि अवैध कॉलोनियों या विवादित जमीनों की रजिस्ट्री न हो।

Gurugram News : गुरुग्राम जिले में नागरिकों की लगातार मिल रही शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए, उपायुक्त अजय कुमार ने एक बड़ा कदम उठाया है। उन्होंने फर्रुखनगर, बादशाहपुर और मानेसर तहसीलों में बिना अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) के हुई रजिस्ट्रियों की जांच के लिए एक विशेष कमेटी का गठन किया है।
यह कमेटी 1 अप्रैल 2025 से 31 अगस्त 2025 के बीच पंजीकृत सभी रजिस्ट्रियों की गहन जांच करेगी। जांच का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि क्या भू-माफियाओं और अधिकारियों की मिलीभगत से नियमों का उल्लंघन किया गया है।
अधिकारियों को सौंपी गई जिम्मेदारी
डीसी के आदेशानुसार, जांच का जिम्मा विभिन्न अधिकारियों को दिया गया है:
- फर्रुखनगर तहसील: पटौदी के उपमंडल अधिकारी (ना) के प्रवाचक सतीश।
- मानेसर तहसील: गुरुग्राम तहसील के आरसी विजय।
- बादशाहपुर तहसील: नगद शाखा के सहायक प्रदीप कुमार।
जांच रिपोर्ट संबंधित एसडीएम की देखरेख में तैयार की जाएगी और सीधे डीसी कार्यालय को सौंपी जाएगी । जमीन की रजिस्ट्री के लिए हरियाणा रियल एस्टेट (नियमन एवं विकास) अधिनियम (HDRUA) की धारा 7ए के तहत NOC लेना अनिवार्य है। यह नियम सुनिश्चित करता है कि अवैध कॉलोनियों या विवादित जमीनों की रजिस्ट्री न हो। बिना एनओसी के रजिस्ट्री करना इस कानून का सीधा उल्लंघन है।
डीसी अजय कुमार ने कहा कि यह कदम प्रशासन की पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, ताकि भविष्य में इस तरह की शिकायतें न आएं और आम लोगों को बेहतर सेवा मिल सके।
गौरतलब है कि इससे पहले भी, कादीपुर तहसील के नायब तहसीलदार अनिल यादव पर नियमों की अनदेखी करने का आरोप लगने के बाद उन पर कार्रवाई हो चुकी है। यह नया कदम भी जमीन की रजिस्ट्रियों में बढ़ती गड़बड़ी को रोकने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।









