Gurugram News : अप्रैल 2026 तक गुरुग्राम होगा जलभराव मुक्त, 31 दिसंबर से शुरू होंगे बड़े सफाई अभियान
आयुक्त ने जनसंवाद एवं समाधान शिविरों की भी समीक्षा की और अधिकारियों को निर्देश दिए कि नागरिकों की शिकायतों का समाधान पूरी गंभीरता और तत्परता से किया जाए। उन्होंने गुणवत्तापूर्ण कार्य पर जोर दिया ताकि समस्याएं दोबारा उत्पन्न न हों। सभी अधिकारियों को प्रतिदिन शिकायत पोर्टल चेक करने के सख्त निर्देश दिए गए।

Gurugram News : गुरुग्राम को आगामी मानसून से पहले सीवरेज ओवरफ्लो और जलभराव की गंभीर समस्या से स्थाई राहत मिलने वाली है। नगर निगम गुरुग्राम (MCG) के आयुक्त प्रदीप दहिया ने अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए हैं कि शहर में सीवरेज और ड्रेनेज की सफाई व मरम्मत संबंधी सभी कार्य 31 दिसंबर 2025 से पहले हर हाल में शुरू करा दिए जाएं, और इन्हें अप्रैल 2026 तक पूर्ण किया जाए।
निगमायुक्त ने यह निर्देश आज आयोजित सीवरेज प्रबंधन सेल की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि इन कार्यों को समय पर पूरा करने का लक्ष्य इसलिए है, ताकि अगले मानसून से पहले शहर को जलभराव की समस्या से पूरी तरह निजात मिल सके।
बैठक में निगमायुक्त ने सीवरेज से प्रभावित 40 चिन्हित क्षेत्रों की विस्तृत जानकारी ली और अधिकारियों को इन सभी स्थानों पर स्थाई समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में सरस्वती इनकलेव, खांडसा, बसई, नाहरपुर रूपा, इंदिरा कॉलोनी, नरसिंहपुर, मोहम्मदपुर झाड़सा, बेगमपुर खटोला, मैदावास, नूरपुर मोड़, बादशाहपुर, न्यू कॉलोनी, देवीलाल कॉलोनी, भवानी इनकलेव, झाड़सा, इस्लामपुर, शिवाजी नगर, लक्ष्मी गार्डन, सेक्टर-40, राजीव कॉलोनी, सेक्टर-31, घाटा, बंधवाड़ी, बहरामपुर, चकरपुर, कन्हैयी, राजेन्द्रा पार्क, सूरतनगर, टेकचंद नगर, जैकबपुरा आदि शामिल हैं।
अधिकारियों ने बताया कि कई इलाकों में गाद सफाई (डिसिल्टिंग) का काम पहले से ही चल रहा है, जबकि बाकी क्षेत्रों में काम 31 दिसंबर से पहले शुरू हो जाएगा।
- राजेन्द्रा पार्क, सूरत नगर और टेकचंद नगर में इंटरनल लाइनों की सफाई चल रही है। इसके साथ ही, जहाजगढ़ एसटीपी तक नई लाइन डालने का टेंडर अलॉट हो गया है और काम अगले सप्ताह शुरू हो जाएगा।
- धनवापुर एसटीपी तक 900 एमएम लाइन डालने का प्रस्ताव वित्त एवं संविदा कमेटी द्वारा मंजूर कर लिया गया है, और जल्द ही टेंडर प्रक्रिया शुरू की जा रही है।
- प्रभावित क्षेत्रों में सक्शन टैंकरों के माध्यम से पानी निकालने का काम लगातार जारी है।
निगमायुक्त ने बैठक के दौरान एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए चीफ इंजीनियर की अध्यक्षता में एक कमेटी के गठन की घोषणा की। यह कमेटी उन संवेदनशील स्थानों की पहचान करेगी, जहाँ सीवरेज का पानी क्रीक्स (छोटी नदियों) या अन्य जल स्रोतों में जा रहा है। यदि ऐसा पाया जाता है, तो कमेटी विस्तृत रिपोर्ट तैयार करेगी और स्थाई समाधान सुनिश्चित कराएगी।
आयुक्त ने जनसंवाद एवं समाधान शिविरों की भी समीक्षा की और अधिकारियों को निर्देश दिए कि नागरिकों की शिकायतों का समाधान पूरी गंभीरता और तत्परता से किया जाए। उन्होंने गुणवत्तापूर्ण कार्य पर जोर दिया ताकि समस्याएं दोबारा उत्पन्न न हों। सभी अधिकारियों को प्रतिदिन शिकायत पोर्टल चेक करने के सख्त निर्देश दिए गए।
बैठक में अतिरिक्त निगमायुक्त यश जालुका, चीफ इंजीनियर विजय ढाका, संयुक्त आयुक्त विशाल कुमार सहित कई कार्यकारी अभियंता और अन्य अधिकारी उपस्थित थे।













