Gurugram News: Dwarka expressway Tunnel से Delhi-Gurugram का सफर हुआ आसान, NH-48 पर वाहनों का दबाव हुआ कम
Dwarka expressway का 19 किलोमीटर का हरियाणा वाला हिस्सा पहले ही आम जनता के लिए खोल दिया गया था। अब दिल्ली का हिस्सा भी तैयार है और ट्रायल के तौर पर वाहनों के लिए खुला है।

Gurugram News: Delhi-Gurugram के बीच यात्रा करने वालों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। Dwarka expressway की नई टनल के खुलने से दिल्ली-जयपुर हाईवे (NH-48) पर वाहनों का दबाव लगातार कम हो रहा है, जिससे यात्रियों को ट्रैफिक जाम से काफी राहत मिल रही है। 12 जून से 24 घंटे खुली इस टनल का प्रयोग करने वाले वाहनों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है।
सात जुलाई को 92 हजार 161 वाहन चालकों ने इस टनल का प्रयोग किया, जो इसकी बढ़ती लोकप्रियता और प्रभावशीलता को दर्शाता है। यह संख्या 26 जून को 74 हजार 497 और 3 जुलाई को 86 हजार 79 थी, जिससे साफ है कि दिन-ब-दिन अधिक लोग इस सुविधा का लाभ उठा रहे हैं।

Dwarka expressway का 19 किलोमीटर का हरियाणा वाला हिस्सा पहले ही आम जनता के लिए खोल दिया गया था। अब दिल्ली का हिस्सा भी तैयार है और ट्रायल के तौर पर वाहनों के लिए खुला है। दिल्ली में यह आठ लेन की सुरंग Dwarka expressway को इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय (IGI) एयरपोर्ट से जोड़ती है, जबकि दूसरी टनल एक्सप्रेसवे को NH-48 से जोड़ती है।
इससे उन लोगों को सीधा फायदा मिल रहा है जो Dwarka expressway से होकर सीधे एयरपोर्ट जाना चाहते हैं। वहीं, NH-48 से Gurugram, Manesar, Rewari और Jaipur जाने वाले लोग अब इस टनल के माध्यम से Dwarka expressway का उपयोग कर रहे हैं। NHAI के परियोजना निदेशक आकाश ने बताया कि दोनों टनल को 24 घंटे खुला रखा गया है, जिससे वाहन चालकों को काफी सहूलियत हुई है।

NHAI के आंकड़ों के अनुसार, 7 जुलाई को टनल में सबसे ज़्यादा वाहनों की आवाजाही सुबह 9 से 10 बजे के बीच (7,742 वाहन) और शाम 6 से 7 बजे के बीच (7,402 वाहन) दर्ज की गई। हालांकि, रात 3 बजे से सुबह 7 बजे के बीच वाहनों की संख्या कम रहती है।
NH-48 पर जाम को पूरी तरह खत्म करने के लिए सरहौल बॉर्डर पर MCD टोल को हटाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने बताया कि सरहौल टोल पर सड़क अचानक संकरी हो जाती है, जिससे वाहनों की लंबी कतारें लग जाती हैं।
Dwarka expressway Tunnel का खुलना Delhi और Gurugram के बीच आवागमन को सुगम बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे यात्रियों का समय और ईंधन दोनों की बचत हो रही है।











