गुरुग्राम के सेक्टर-43 स्थित पावरग्रिड ऑडिटोरियम में आयोजित इस बैठक में कुल 18 मामले रखे गए, जिनमें से मुख्यमंत्री ने 14 का मौके पर ही समाधान कर दिया। उन्होंने शेष चार मामलों को अगली बैठक तक लंबित रखा और संबंधित अधिकारियों को इन मामलों की विस्तृत रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए।
बैठक में देवत कॉलोनी निवासी प्रमोद कुमार का एक मामला खास चर्चा का विषय रहा। उन्होंने पिछली बैठक में शिकायत की थी कि उनके पड़ोसी ने 16 साल से उनकी 24 फुट चौड़ी गली के 12 फुट हिस्से पर अवैध कब्जा कर रखा है, जिससे आवाजाही में दिक्कत हो रही थी। मुख्यमंत्री के निर्देश पर नगर निगम ने कार्रवाई की और शिकायतकर्ता ने शुक्रवार को बताया कि अवैध कब्जा हटा दिया गया है। प्रमोद कुमार ने अपनी 16 साल पुरानी समस्या का समाधान होने पर मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।
सूर्य विहार रेज़िडेंट वेलफेयर एसोसिएशन की एक शिकायत का भी समाधान हुआ। पिछली बैठक में उन्होंने बताया था कि उनकी कॉलोनी में बिजली के खंभे और तारें 30 साल से भी ज्यादा पुरानी हो चुकी हैं, जिससे दुर्घटना का खतरा बना हुआ था। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद, डीएचबीवीएन ने कॉलोनी में सभी पुराने कंडक्टर और जर्जर खंभे बदल दिए हैं। एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने इस त्वरित कार्रवाई के लिए मुख्यमंत्री का धन्यवाद किया।
इसके अलावा, सेक्टर-85 की ओरिस सोसायटी के निवासियों ने अपनी सोसायटी के मुख्य मार्ग को द्वारका एक्सप्रेसवे से जोड़ने वाली 24 मीटर चौड़ी सड़क के अवरुद्ध होने की शिकायत की। उन्होंने बताया कि कुछ भू-मालिकों ने सड़क को रोक दिया है, जिससे निवासियों और स्कूली बच्चों को असुरक्षित रास्ते से गुजरना पड़ रहा है। मुख्यमंत्री ने इस मामले पर तुरंत संज्ञान लिया और डीटीपी व एसटीपी को जल्द से जल्द कार्रवाई कर सड़क को खाली कराने के निर्देश दिए।
इस बैठक में उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह, विधायक बिमला चौधरी, तेजपाल तंवर, मुकेश शर्मा सहित कई वरिष्ठ अधिकारी और भाजपा के पदाधिकारी मौजूद रहे।