Gurugram Metro: ओल्ड गुरुग्राम मेट्रो रूट ट्रैफिक डायवर्ज़न प्लान तैयार, जल्द बंद होंगे ये रास्तें
जीएमआरएल का लक्ष्य है कि पहला चरण अगले तीन साल में पूरा हो जाएगा, और अगले चार साल में मेट्रो का संचालन शुरू हो जाएगा।

Gurugram Metro : गुरुग्राम में रहने वालों के लिए मेट्रो का विस्तार एक बड़ी खबर है, लेकिन इसके साथ ही कुछ समय के लिए शहर की सड़कों पर बदलाव भी देखने को मिलेगा । ओल्ड गुरुग्राम मेट्रो के पहले चरण का निर्माण शुरू हो गया है, जिसके चलते आर्य समाज रोड को जेड चौक से कन्हई टी-पॉइंट तक बंद किया जा रहा है । गुरुग्राम ट्रैफिक पुलिस ने मिलकर एक रुट डायवर्जन प्लान तैयार किया है जिसको जल्द ही लागू किया जाएगा ।
इस बदलाव से, गुरुग्राम में आवाजाही करने वालों को कुछ दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। जहाँ पहले आर्य समाज रोड से केवल 3 किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ती थी, अब यह सफर बढ़कर लगभग 7 किलोमीटर का हो जाएगा।

वैकल्पिक रास्ता : जेड चौक से आने वाले वाहनों को अब बाबा भीमराव अंबेडकर मार्ग, सेंट थॉमस मार्ग, और भगवान महावीर मार्ग का इस्तेमाल करना होगा।
कन्हई मोड़ : आर्य समाज रोड तीन लेन की है, जबकि नया वैकल्पिक रास्ता दो लेन का है। ऐसे में कन्हई मोड़ पर ट्रैफिक का दबाव बढ़ने से जाम की समस्या हो सकती है।
आरडी सिटी सिग्नल : बाबा भीमराव अंबेडकर मार्ग पर वाहनों की संख्या बढ़ने से आरडी सिटी सिग्नल पर भी लंबा इंतजार करना पड़ सकता है।
पर्यावरण का भी रखा जा रहा है ध्यान

मेट्रो कॉरिडोर के रास्ते में आ रहे 1801 पेड़ों को हटाया जा रहा है। हालांकि, इनकी भरपाई के लिए कादरपुर गांव में 18010 नए पौधे लगाए जाएंगे। यह जिम्मेदारी हरियाणा वन विकास निगम को दी गई है।
क्या है परियोजना ?
ओल्ड गुरुग्राम मेट्रो परियोजना की कुल लागत 5452 करोड़ रुपये है, जिसमें 28.5 किलोमीटर लंबा रूट और 27 स्टेशन बनाए जाएंगे। यह परियोजना तीन चरणों में पूरी होगी:
- पहला चरण: मिलेनियम सिटी सेंटर से सेक्टर-9 तक।
- दूसरा चरण: सेक्टर-9 से डीएलएफ साइबर सिटी तक।
- तीसरा चरण: मेट्रो डिपो का निर्माण।
जीएमआरएल का लक्ष्य है कि पहला चरण अगले तीन साल में पूरा हो जाएगा, और अगले चार साल में मेट्रो का संचालन शुरू हो जाएगा। फिलहाल, इस ट्रैफिक डायवर्जन योजना को जीएमडीए और यातायात पुलिस की मंजूरी का इंतजार है, जिसके बाद काम शुरू हो जाएगा।












