जीएमआरएल अब इस विस्तार योजना को हरियाणा सरकार और केंद्रीय शहरी आवास मंत्रालय के समक्ष मंजूरी के लिए रखेगी। यह विस्तार ओल्ड गुरुग्राम मेट्रो रूट पर यात्रियों की संख्या बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
राइट्स द्वारा तैयार की गई रिपोर्ट के अनुसार, गुरुग्राम रेलवे स्टेशन तक पहुंचने के लिए 1.80 किलोमीटर लंबा नया मेट्रो ट्रैक बनाया जाएगा। इस विस्तार के लिए रेलवे स्टेशन पर मेट्रो स्टेशन के निर्माण हेतु कुल 1069 वर्ग मीटर ज़मीन की आवश्यकता होगी।
हरियाणा सरकार की 419 वर्ग मीटर, निजी ज़मीन 446 वर्ग मीटर और रेलवे विभाग की 204 वर्ग मीटर ज़मीन शामिल है, जिसका उपयोग प्रवेश और निकास द्वार बनाने के लिए किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, सेक्टर-पांच मेट्रो स्टेशन पर भी 605 वर्ग मीटर जमीन की जरूरत होगी। रेलवे स्टेशन पर एस्क्लेटर लगाने पर ही करीब 12.70 करोड़ रुपये का खर्च आएगा।
ओल्ड गुरुग्राम मेट्रो परियोजना के तहत 28.5 किलोमीटर लंबा रूट और 27 स्टेशन प्रस्तावित हैं। इस नई योजना में, सेक्टर-पांच में एक इंटरचेंज स्टेशन बनाया जाएगा, जो भौंडसी से आने वाले प्रस्तावित मेट्रो रूट (जिसकी डीपीआर एचएमआरटीसी ने राइट्स को सौंपी है) को भी जोड़ेगा। फिलहाल, ओल्ड गुरुग्राम मेट्रो का विस्तार सेक्टर-पांच से रेलवे स्टेशन तक किया जाएगा।
ओल्ड गुरुग्राम मेट्रो के पहले चरण का निर्माण कार्य धरातल पर शुरू हो गया है। सेक्टर-31 में यातायात सिग्नल के पास पिलरों की खुदाई का काम चल रहा है, वहीं सेक्टर-33 स्थित ट्रांसपोर्ट नगर की 25 एकड़ जमीन पर कास्टिंग यार्ड बनाने का काम भी शुरू हो चुका है। मेट्रो निर्माता कंपनी ने अपना कार्यालय स्थापित कर लिया है और अगले महीने से निर्माण कार्य में और तेज़ी आने की उम्मीद है। पहले चरण के निर्माण पर 1277 करोड़ रुपये का खर्च आएगा।
गुरुग्राम रेलवे स्टेशन तक यह विस्तार मेट्रो के दूसरे चरण में शामिल किया जाएगा। जीएमआरएल बोर्ड की मंजूरी के बाद, इसे हरियाणा सरकार और शहरी आवास मंत्रालय से स्वीकृति मिलने के बाद दूसरे चरण के टेंडर दस्तावेज़ों में शामिल किया जाएगा। पहले चरण में मिलेनियम सिटी सेंटर से सेक्टर-नौ तक और दूसरे चरण में सेक्टर-नौ से डीएलएफ साइबर सिटी तक मेट्रो का निर्माण प्रस्तावित है।