9 साल का इंतजार खत्म! गुरुग्राम को मिलने जा रहा है उत्तर भारत का सबसे बड़ा ‘Tower Of Justice’, CJI करेंगे उद्घाटन
2017 में हुई थी शुरुआत, ₹133 करोड़ का प्रोजेक्ट ₹295 करोड़ में हुआ तैयार; रिकॉर्ड रूम में लगी आग के बाद काम में आई थी तेजी

Tower Of Justice : साइबर सिटी गुरुग्राम के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर है। करीब 9 साल के लंबे इंतजार के बाद आखिरकार गुरुग्राम का अत्याधुनिक जिला अदालत परिसर यानी ‘टावर ऑफ जस्टिस’ (Tower of Justice) बनकर तैयार हो गया है। उत्तर भारत के इस सबसे बड़े कोर्ट कॉम्प्लेक्स (Tower Of Justice) का भव्य उद्घाटन आगामी रविवार, 12 जुलाई को भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्य कांत द्वारा किया जाएगा।
पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट से मिली मंजूरी के बाद, गुरुग्राम के जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी कर दिए हैं। उद्घाटन समारोह की भव्यता और संवेदनशीलता को देखते हुए गुरुग्राम सेशंस डिवीजन के सभी न्यायिक अधिकारियों और कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं। सभी स्टाफ को 11 और 12 जुलाई को मुख्यालय पर ही मौजूद रहने के निर्देश दिए गए हैं।

Tower Of Justice : लागत दोगुनी से ज्यादा, 3 साल का काम 9 साल में हुआ पूरा
हरियाणा सरकार ने साल 2017 में इस महत्वाकांक्षी परियोजना (Tower Of Justice) की घोषणा की थी। उस समय सरकार ने दावा किया था कि करीब 133 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह कॉम्प्लेक्स 3 साल के भीतर यानी 2020 तक तैयार हो जाएगा। लेकिन प्रशासनिक और तकनीकी कारणों से यह प्रोजेक्ट खिंचता चला गया। करीब एक दशक की देरी के चलते इस प्रोजेक्ट का बजट भी बढ़कर लगभग 295 करोड़ रुपये पहुंच गया।
क्या है इस ‘Tower Of Justice’ की खासियत?
विशाल परिसर: यह पूरा कोर्ट कॉम्प्लेक्स (Tower Of Justice) लगभग 7 एकड़ के दायरे में फैला हुआ है।
अत्याधुनिक इमारतें: इसमें दो पूरी तरह से सेंट्रलाइज्ड एयर-कंडीशंड (AC) टावर बनाए गए हैं, जो क्रमशः 8 और 7 मंजिला हैं।
बढ़ेंगे कोर्ट रूम: मौजूदा पुराने परिसर में जहां केवल 45 कोर्ट रूम चल रहे थे, वहीं इस नए कॉम्प्लेक्स में 55 आधुनिक कोर्ट रूम होंगे। इसके अलावा विशाल कॉन्फ्रेंस हॉल और आम जनता के लिए विश्वस्तरीय सुविधाएं दी गई हैं।
पुराने रिकॉर्ड रूम की आग के बाद बढ़ी मुस्तैदी
इस प्रोजेक्ट (Tower Of Justice) को जल्द से जल्द पूरा करने की जरूरत पिछले दिनों तब और बढ़ गई थी, जब 24 मई को पुराने ज्यूडिशियल कॉम्प्लेक्स के रिकॉर्ड रूम में भीषण आग लग गई थी। इस हादसे में सालों पुराने अदालती दस्तावेजों के बंडल जलकर खाक हो गए थे, कई कोर्ट रूम और चैंबर्स को भारी नुकसान पहुंचा था और इमारत का एक हिस्सा ढह गया था। 10 दमकल गाड़ियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया था।
चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट की शिकायत पर शिवाजी नगर थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत एफआईआर दर्ज की गई थी, जिसमें पुलिस अब भी साजिश (Sabotage) के एंगल से जांच कर रही है। उस हादसे के बाद 21 अदालतों को आनन-फानन में सिविल लाइंस स्थित पीडब्ल्यूडी (B&R) गेस्ट हाउस में शिफ्ट किया गया था, जहां फिलहाल काम चल रहा है।
अब 12 जुलाई को इस नए और सुरक्षित ‘Tower Of Justice’ के शुरू होने से न केवल गुरुग्राम के वकीलों और जजों को बेहतरीन वर्किंग स्पेस मिलेगा, बल्कि तारीख पर आने वाले हजारों मुकदमों के फरियादियों को भी बड़ी राहत मिलेगी।