Gurugram: मुख्यमंत्री ने युवाओं को दिया राष्ट्र निर्माण का मंत्र

नी ने कहा कि ऊर्जावान युवाओं को देखकर 'विकसित भारत' और 'विकसित हरियाणा' का संकल्प और भी सुदृढ़ होता है। उन्होंने विश्वास दिलाया कि अमृतकाल की यह पीढ़ी ही वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में अग्रसर करेगी

Gurugram News Network – हरियाणा के मुख्यमंत्री  नायब सिंह सैनी ने शुक्रवार को गुरुग्राम में आयोजित ‘युवा मॉक पार्लियामेंट’ को सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि “लोकतंत्र का उत्सव और नीति-निर्माण की एक जीवंत प्रयोगशाला” बताया। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे इस मंच के माध्यम से देश को यह स्पष्ट संदेश दें कि लोकतंत्र की रक्षा ही हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।

आपातकाल के काले अध्याय पर विमर्श का अवसर

मुख्यमंत्री सैनी ने कहा कि यह युवा मॉक पार्लियामेंट केवल एक शैक्षणिक अभ्यास नहीं है, बल्कि यह संविधान हत्या दिवस के रूप में याद किए जाने वाले आज के दिन, आपातकाल के उस ‘काले अध्याय’ पर विमर्श करने का भी अवसर है, जिसने लोकतंत्र की आत्मा को कुचलने का दुस्साहस किया था।

मुख्यमंत्री ने गुरुग्राम की धरती पर इस कार्यक्रम के आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि यह न केवल युवाओं के उज्ज्वल भविष्य का संकेत है, बल्कि लोकतंत्र की एक सशक्त प्रयोगशाला के रूप में इसकी भूमिका अत्यंत सराहनीय है। उन्होंने गुरु द्रोण की इस पावन भूमि और मिलेनियम सिटी के रूप में प्रसिद्ध गुरुग्राम को नवाचार और आकांक्षा की भावना को आगे बढ़ाने वाला शहर बताया।

 सैनी ने कहा कि ऊर्जावान युवाओं को देखकर ‘विकसित भारत’ और ‘विकसित हरियाणा’ का संकल्प और भी सुदृढ़ होता है। उन्होंने विश्वास दिलाया कि अमृतकाल की यह पीढ़ी ही वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में अग्रसर करेगी, और इसमें युवा मॉक पार्लियामेंट एक मील का पत्थर साबित होगी।

‘पॉलिसी मेकर’ बनें युवा, न कि केवल ‘पॉलिसी टेकर’

मुख्यमंत्री ने युवाओं से कहा कि वे संसद को केवल एक इमारत के रूप में न देखें, बल्कि उसे 140 करोड़ देशवासियों की आकांक्षाओं के केंद्र के रूप में समझें। उन्होंने जोर दिया कि संसद में गूंजने वाला हर शब्द और बनने वाला हर कानून देश के अंतिम व्यक्ति के जीवन को प्रभावित करता है। इस युवा मॉक पार्लियामेंट का उद्देश्य केवल संसदीय प्रक्रियाओं की नकल करना नहीं, बल्कि उस भावना को आत्मसात करना है जो भारतीय लोकतंत्र को विशिष्ट बनाती है।

उन्होंने युवाओं को प्रेरित किया कि वे किसी भी विषय पर बोलते समय गहन अध्ययन करें और तथ्यों व आंकड़ों के आधार पर अपनी बात रखें। उन्होंने कहा कि विरोध करना लोकतंत्र का अधिकार है, लेकिन केवल विरोध के लिए विरोध नहीं, बल्कि समाधान और विकल्प के साथ रचनात्मक आलोचना ही लोकतंत्र की असली ताकत है। उन्होंने स्पष्ट किया कि लोकतंत्र में विरोध होना चाहिए, न कि अवरोध।

भारत: वैश्विक समस्याओं के समाधान में भागीदार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आज भारत वह देश नहीं रहा जो दुनिया से मदद मांगता था, बल्कि अब भारत वैश्विक समस्याओं के समाधान में भागीदार बन चुका है। उन्होंने बताया कि रक्षा, डिजिटल, स्टार्टअप, टेक्नोलॉजी, ग्रीन एनर्जी, स्पेस टेक्नोलॉजी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और सेमीकंडक्टर मिशन जैसे क्षेत्रों में भारत अब वैश्विक मंच पर अग्रणी स्थान प्राप्त कर रहा है।

युवाओं से चार महत्वपूर्ण संकल्प लेने का आग्रह

मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने युवाओं से युवा मॉक पार्लियामेंट से प्रेरणा लेकर अपने जीवन में चार महत्वपूर्ण संकल्प अपनाने का आग्रह किया:

  1. देश के किसी भी एक ज्वलंत मुद्दे पर गहन अध्ययन करें और उसके समाधान के लिए समाज में जागरूकता फैलाएं।
  2. अपने जीवन में किसी भी प्रकार के शॉर्टकट को न अपनाएं।
  3. परिवारवाद और भ्रष्टाचार की राजनीति को नकारें और प्रदर्शन व योग्यता को समर्थन दें।
  4. ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ की भावना को और अधिक मजबूत करें।

आपातकाल: अन्याय का काला अध्याय

खेल राज्य मंत्री श्री गौरव गौतम ने आपातकाल पर बोलते हुए कहा कि वर्ष 1975 में लगाए गए आपातकाल को केवल आपातकाल कहना उस दौर की क्रूरता को कम करके आंकना होगा। उन्होंने इसे “अन्याय काल” बताया, जब संविधान, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और आम नागरिकों के अधिकारों का बेरहमी से दमन किया गया। उन्होंने कहा कि विपक्ष आज लोकतंत्र का रक्षक बनने का दिखावा कर रहा है, जबकि आपातकाल लोकतंत्र पर हुए कुठाराघात का सबसे बड़ा उदाहरण है।

Manu Mehta

मनु मेहता पिछले लगभग 18 वर्षों से गुरुग्राम की पत्रकारिता में सक्रिय एक अनुभवी और विश्वसनीय पत्रकार हैं। उन्होंने कई बड़े नेशनल न्यूज़ चैनलों (ANI News, News Express, TV 9,… More »
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