Gurugram Blind Murder Mystery : 15 हजार के कर्ज ने दोस्त को बनाया जल्लाद, पहले पिलाई शराब फिर ब्लेड से रेता गला

पैसे वसूलने और फेसल की बाइक हड़पने के लिए सतीश ने मौत का जाल बुना। 24 दिसंबर 2025 को उसने फेसल को शराब पीने के बहाने बुलाया। सतीश ने खुद कम शराब पी लेकिन फेसल को अधिक पिलाकर बेसुध कर दिया।

Gurugram Blind Murder Mystery : गुरुग्राम पुलिस ने एक बेहद पेचीदा और रोंगटे खड़े कर देने वाले ‘ब्लाइंड मर्डर’ (Blind Murder) मामले का पर्दाफाश करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। महज 15 हजार रुपये के लेनदेन और बाइक हड़पने के लालच में एक शख्स ने अपने ही दोस्त की गला दबाकर और ब्लेड से वार कर निर्मम हत्या कर दी थी।

घटना की शुरुआत 8 जनवरी 2026 को हुई, जब सेक्टर-10 थाना पुलिस को सूचना मिली कि सेक्टर-37 स्थित शनि मंदिर के पीछे खाली पड़े प्लॉट में एक अज्ञात व्यक्ति का शव पड़ा है। पुलिस ने मौके पर पहुँचकर सीन-ऑफ-क्राइम और FSL की टीमों को बुलाया। मृतक की जेब से मिले दस्तावेजों के आधार पर उसकी पहचान 27 वर्षीय फेसल इदरीसी के रूप में हुई, जो मूल रूप से कानपुर, उत्तर प्रदेश का रहने वाला था।

शुरुआत में मृतक के पिता ने अपनी बहू (फेसल की पत्नी) और उसके मामा पर हत्या का शक जताया था। हालांकि, सेक्टर-10 थाना प्रबंधक निरीक्षक कुलदीप की टीम ने जब वैज्ञानिक साक्ष्यों और सूचनाओं को खंगाला, तो शक की सुई फेसल के ही एक दोस्त सतीश तिवारी (25 वर्ष) की ओर घूमी। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 15 जनवरी को आरोपी सतीश को सरस्वती एन्क्लेव, गुरुग्राम से दबोच लिया।

पूछताछ में आरोपी सतीश ने बताया कि वह और फेसल दोनों गुरुग्राम में ‘रैपिडो’ बाइक चलाने का काम करते थे। फेसल ने उससे लोन दिलाने के नाम पर 15,000 रुपये लिए थे जो वह वापस नहीं कर रहा था। सतीश को डर था कि फेसल अपने गांव भाग जाएगा और उसके पैसे डूब जाएंगे।

पैसे वसूलने और फेसल की बाइक हड़पने के लिए सतीश ने मौत का जाल बुना। 24 दिसंबर 2025 को उसने फेसल को शराब पीने के बहाने बुलाया। सतीश ने खुद कम शराब पी लेकिन फेसल को अधिक पिलाकर बेसुध कर दिया। रास्ते में जानबूझकर बाइक गिराई और फेसल को झाड़ियों में ले जाकर पहले उसका गला दबाया, फिर दाढ़ी बनाने वाले ब्लेड से उसका गला और हाथों की नसें काट दीं।

आरोपी इतना शातिर था कि हत्या के बाद उसने शव को थर्मोकोल से ढक दिया ताकि किसी की नजर न पड़े। वह फेसल का मोबाइल और बाइक लेकर फरार हो गया। फेसल का UPI पासवर्ड उसे पहले से पता था, जिसका इस्तेमाल कर उसने खरीदारी की और 5 हजार रुपये कैश भी निकलवाए। बाद में उसने बाइक और मोबाइल को रायबरेली में अपने एक दोस्त के घर छिपा दिया।

Sunil Yadav

सुनील यादव पिछले लगभग 15 वर्षों से गुरुग्राम की पत्रकारिता में सक्रिय एक अनुभवी और विश्वसनीय पत्रकार हैं। उन्होंने कई बड़े नेशनल न्यूज़ चैनलों में ( India Tv, Times Now,… More »
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