Gurugram: हरियाणा पुलिस में 783 नए जवान शामिल, देश सेवा का लिया संकल्प
प्रशिक्षण के दौरान इन जवानों को नए कानूनों के अलावा स्थानीय व विशेष कानूनों, स्वचालित हथियारों का संचालन, टेलिकम्युनिकेशन, फायर फाइटिंग, आपदा प्रबंधन, फर्स्ट एड, योग, लैंगिक संवेदनशीलता और मानवाधिकार जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर व्यावहारिक और सैद्धांतिक प्रशिक्षण दिया गया।

Gurugram News Network – हरियाणा पुलिस प्रशिक्षण केंद्र, भोंडसी में शुक्रवार को एक भव्य दीक्षांत समारोह का आयोजन किया गया, जहाँ 783 प्रशिक्षु सिपाही (264 महिला और 519 पुरुष) हरियाणा पुलिस बल में विधिवत रूप से शामिल हो गए। इन नए जवानों ने अपने प्रशिक्षण को सफलतापूर्वक पूरा करने के बाद देश और समाज की सेवा करने का संकल्प लिया।
समारोह के मुख्य अतिथि केंद्र सरकार के गृह सचिव गोविंद मोहन थे। उन्होंने परेड का निरीक्षण किया और सलामी ली, जिसके बाद नवप्रशिक्षित जवानों को उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। इस परेड की कमान महिला प्रशिक्षु सिपाही रेणु ने संभाली, जो महिला सशक्तिकरण की एक शानदार मिसाल पेश करती हैं।
गोविंद मोहन ने अपने संबोधन में कहा कि पुलिस बल में शामिल होना सिर्फ एक पेशा नहीं, बल्कि समाज के प्रति एक बड़ा उत्तरदायित्व और सेवा भाव है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि इन प्रशिक्षुओं ने हाल ही में लागू हुए भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम जैसे तीनों नए कानूनों को गहनता से समझा है और वे भविष्य में इन्हें प्रभावी ढंग से लागू करेंगे। उन्होंने पुलिसकर्मियों को अनुशासित, मानसिक रूप से सशक्त और तकनीकी रूप से दक्ष होने की महत्ता पर भी बल दिया।
हरियाणा के पुलिस महानिदेशक शत्रुजीत कपूर ने बताया कि इस बैच में शामिल 783 सिपाहियों में से अधिकतर (718) ग्रामीण क्षेत्रों से हैं, जबकि 65 शहरी क्षेत्रों से चयनित किए गए हैं। उन्होंने यह भी बताया कि भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी रही है और बड़ी संख्या में उच्च शिक्षित युवा इस बल का हिस्सा बने हैं।
बैच में एक पीएचडी धारक, दो एलएलबी, आठ एमबीए, तीन एमटेक, 34 बीटेक, छह एमसीए, आठ बीसीए, और 31 बीएड डिग्री धारकों सहित कुल 201 प्रशिक्षु स्नातकोत्तर स्तर के हैं। यह आंकड़ा दर्शाता है कि हरियाणा पुलिस में अब शिक्षित और जागरूक युवाओं की भागीदारी बढ़ रही है।
प्रशिक्षण के दौरान इन जवानों को नए कानूनों के अलावा स्थानीय व विशेष कानूनों, स्वचालित हथियारों का संचालन, टेलिकम्युनिकेशन, फायर फाइटिंग, आपदा प्रबंधन, फर्स्ट एड, योग, लैंगिक संवेदनशीलता और मानवाधिकार जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर व्यावहारिक और सैद्धांतिक प्रशिक्षण दिया गया।
- साइबर अपराध नियंत्रण: वर्ष 2025 में साइबर ठगी के मामलों में 50% की कमी और पांच गुना अधिक रिकवरी दर्ज की गई है। प्रतिदिन औसतन 21 साइबर अपराधियों की गिरफ्तारी हो रही है, जो 2023 में मात्र 5 थी।
- 112 इमरजेंसी सेवा: यह सेवा प्रदेश के नागरिकों को औसतन 7 मिनट 12 सेकंड में सहायता प्रदान कर रही है, जिसकी संतुष्टि दर 92% है।
- महिला सुरक्षा: प्रत्येक जिले में महिला थाना स्थापित किया गया है और 2200 से अधिक हॉटस्पॉट चिन्हित कर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की गई है, जिससे गंभीर महिला अपराधों में कमी आई है।
- नशा मुक्त अभियान: अब तक 4054 गांव और 859 शहरी वार्ड नशा मुक्त घोषित किए जा चुके हैं, और दो लाख से अधिक युवाओं को खेलों से जोड़ा गया है।
हरियाणा सरकार ने पुलिसकर्मियों के कल्याण के लिए कई ऐतिहासिक निर्णय लिए हैं, जिनमें वर्दी भत्ता 7500 प्रतिवर्ष, राशन भत्ता 2100 प्रतिमाह, प्रशिक्षकों के लिए 20% विशेष भत्ता और मोबाइल भत्ता शामिल हैं।
समारोह के समापन पर प्रशिक्षण केंद्र के पुलिस महानिरीक्षक बी. सतीश बालन ने सभी अधिकारियों, प्रशिक्षकों, जवानों और उनके अभिभावकों को बधाई एवं धन्यवाद दिया। उन्होंने विश्वास जताया कि ये युवा सिपाही हरियाणा पुलिस की गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ाएंगे।











