Gurugram : ढीले पड़े मंत्री जी के तेवर, समीक्षा बैठक में जलभराव पर नहीं लिया एक्शन,औपचारिक निर्देशों तक सिमटी बैठक

मॉनसून में डूबे Gurugram के बाद भी MCG अधिकारियों पर मेहरबान दिखे उद्योग मंत्री राव नरबीर सिंह, सख्त चेतावनी के बावजूद किसी अधिकारी पर नहीं गिरी गाज

Gurugram/गुरुग्राम
हरियाणा के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह के तेवर अब ढीले पड़ते नजर आ रहे हैं। कुछ समय पहले तक शहर में जरा से जलभराव पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त एक्शन लेने और कड़े कदम उठाने का दावा करने वाले मंत्री जी, अब समीक्षा बैठक में केवल औपचारिक दिशा-निर्देश देने तक सीमित हो गए हैं।

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: हाल ही में हुई भीषण बारिश के दौरान गुरुग्राम (Gurugram) का ड्रेनेज सिस्टम पूरी तरह ध्वस्त हो गया और पूरा शहर मानो पानी में डूब गया था। जनता को उम्मीद थी कि विश्राम गृह में नगर निगम गुरुग्राम (MCG) के अधिकारियों के साथ आयोजित समीक्षा बैठक में मंत्री जी का चाबुक चलेगा और जलभराव के जिम्मेदार अधिकारियों पर गाज गिरेगी। हैरान करने वाली बात यह रही कि बैठक में जलभराव के कारण Gurugram जनता को हुई भारी परेशानी के बावजूद मंत्री जी ने न तो अधिकारियों को कोई फटकार लगाई और न ही अपने पुराने वादे के मुताबिक किसी अधिकारी के खिलाफ कोई ठोस एक्शन लिया।

बैठक का पूरा रुख केवल कागजी रिपोर्ट लेने और आगामी परियोजनाओं के समयबद्ध निष्पादन तक ही सीमित रहा, जिससे साफ जाहिर होता है कि मंत्री जी की सख्ती अब सिर्फ बयानों तक ही सिमट कर रह गई है।

Gurugram : 366 करोड़ के कार्यों की समीक्षा, पर जवाबदेही तय नहीं

समीक्षा बैठक के दौरान वार्ड-1 से वार्ड-18 तक चल रहे 366.40 करोड़ रुपये की लागत के विभिन्न विकास कार्यों की प्रगति रिपोर्ट पेश की गई। मंत्री राव नरबीर सिंह ने अधिकारियों को सड़क निर्माण, सीवर, ड्रेनेज और जलापूर्ति के कार्यों में तेजी लाने तथा गुणवत्ता बनाए रखने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण के समय रोड लेवलिंग और सीवर मैनहोल के ढक्कनों को सड़क के बराबर रखा जाए ताकि बारिश के समय पानी जमा न हो। हालांकि, स्थानीय निवासियों का कहना है कि हर बार बैठक में यही निर्देश दोहराए जाते हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर ड्रेनेज व्यवस्था सुधारने में विफलता के लिए किसी भी अधिकारी की जवाबदेही तय नहीं की जाती।

Gurugram : ड्रेनेज और सीवरेज परियोजनाओं का ब्योरा

बैठक में अधिकारियों द्वारा पेश की गई रिपोर्ट के अनुसार शहर में कई ड्रेनेज और सीवरेज प्रोजेक्ट्स पर काम जारी है:

  • वार्ड-9: यूरो स्कूल से जीएमडीए बस स्टैंड और बसई रोड से कृष्णा नगर तक 4.22 करोड़ रुपये की लागत से स्टॉर्म वाटर ड्रेन बनाई जा रही है (पूर्णता तिथि: 16 दिसंबर 2026)। उमंग भारद्वाज चौक से गाडोली पुलिया तक सफाई और बॉक्स ड्रेन का कार्य 1.69 करोड़ रुपये की लागत से जारी है।

  • वार्ड-8: सेक्टर-9 में 7.41 करोड़ रुपये और सेक्टर-9ए में 5.16 करोड़ रुपये की लागत से स्टॉर्म वाटर डिस्पोजल और ड्रेन का कार्य चल रहा है, जिनकी पूर्णता तिथि 10 नवंबर 2026 तय की गई है।

  • वार्ड-16 एवं वार्ड-4: उप्पल साउथएंड में 1.80 करोड़ रुपये की लागत से इंटरनल ड्रेनों को मास्टर ड्रेन से जोड़ने का काम और रेजांगला रोड के पास 1.03 करोड़ रुपये की लागत से ड्रेन निर्माण प्रगति पर है।

  • मॉडल रोड एवं एसटीपी: वार्ड-15 में बानी स्क्वायर से साउथ सिटी-2 तक 1.83 करोड़ रुपये की मॉडल रोड तथा वार्ड-17 (बेगमपुर खटौला) में 6.94 करोड़ रुपये की लागत से 2 एमएलडी क्षमता के एसटीपी का निर्माण जारी है, जिसे 31 दिसंबर 2026 तक शुरू करने का लक्ष्य है।

जन-सवाल: क्या केवल बैठकों से सुधरेगा (Gurugram) गुरुग्राम?

जलभराव से त्रस्त गुरुग्राम की जनता अब यह सवाल उठा रही है कि जब तक लापरवाह अधिकारियों और ठेकेदारों पर कार्रवाई नहीं होगी, तब तक करोड़ों रुपये के ये प्रोजेक्ट्स जलभराव की समस्या से निजात दिला पाएंगे या नहीं? मंत्री राव नरबीर सिंह का ढीला रुख और अधिकारियों पर मेहरबानी शहर के नागरिकों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है।

Manu Mehta

मनु मेहता पिछले लगभग 18 वर्षों से गुरुग्राम की पत्रकारिता में सक्रिय एक अनुभवी और विश्वसनीय पत्रकार हैं। उन्होंने कई बड़े नेशनल न्यूज़ चैनलों (ANI News, News Express, TV 9,… More »
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