खुशखबरी – बिना दिल्ली में घुसे गुरुग्राम से देहरादून जाना होगा आसान, अगले महीने मिल सकती है सौगात
अब आप राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में प्रवेश किए बिना हरियाणा के गुरुग्राम, उत्तर प्रदेश के नोएडा और उत्तराखंड की राजधानी देहरादून तक सीधी और तेज यात्रा कर सकेंगे।

अब दिल्ली की भीड़ से मिलेगा छुटकारा: गुरुग्राम, देहरादून और नोएडा के लिए निर्बाध यात्रा का नया युग
दिल्ली-एनसीआर और उससे आगे की यात्रा करने वाले लाखों यात्रियों के लिए यह किसी खुशखबरी से कम नहीं है। अब आप राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में प्रवेश किए बिना हरियाणा के गुरुग्राम, उत्तर प्रदेश के नोएडा और उत्तराखंड की राजधानी देहरादून तक सीधी और तेज यात्रा कर सकेंगे। विभिन्न एक्सप्रेसवे परियोजनाओं, विशेष रूप से दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे और पेरिफेरल एक्सप्रेसवे के समन्वय से, क्षेत्रीय कनेक्टिविटी में एक नया अध्याय जुड़ गया है।
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे: समय और दूरी दोनों की बचत
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे (NH 709B), जिसकी अनुमानित लागत करीब ₹12,000 करोड़ है, का अधिकांश कार्य पूरा होने को है और इसे जुलाई या अगस्त 2025 तक पूरी तरह से चालू होने की उम्मीद है। यह 210 किलोमीटर लंबा, 6 से 12 लेन वाला एक्सेस-कंट्रोल एक्सप्रेसवे दिल्ली में अक्षरधाम से शुरू होकर बागपत, शामली, सहारनपुर से होते हुए देहरादून तक पहुंचेगा।

- यात्रा का समय: मौजूदा 5-6 घंटे की यात्रा को घटाकर मात्र 2.5 से 3 घंटे करने का लक्ष्य है।
- दूरी में कमी: दिल्ली और देहरादून के बीच की दूरी लगभग 235 किमी से घटकर 210 किमी रह जाएगी।
- विशेषताएं: इस एक्सप्रेसवे में एशिया का सबसे लंबा 7 किलोमीटर का एलिवेटेड वाइल्डलाइफ कॉरिडोर भी शामिल है, जो राजजी नेशनल पार्क (Rajaji National Park) से होकर गुजरेगा और वन्यजीवों की सुरक्षा सुनिश्चित करेगा। इसमें 113 अंडरपास, 5 आरओबी (रेलवे ओवरब्रिज), 4 बड़े पुल और 62 बस शेल्टर भी शामिल हैं।
- चरणबद्ध उद्घाटन: एक्सप्रेसवे के कुछ हिस्से पहले ही खुल चुके हैं, जैसे दिल्ली में अक्षरधाम से खेकड़ा (31.6 किमी) तक का सेक्शन, जिससे दिल्ली से बागपत का सफर सिर्फ 25 मिनट का हो गया है। देहरादून के पास दतकाली मंदिर से अशारोड़ी (3.5 किमी) का खंड भी चालू है।
गुरुग्राम के लिए आसान कनेक्टिविटी
जो यात्री अब गुरुग्राम से देहरादून या नोएडा जाना चाहते हैं, उन्हें दिल्ली के अंदरूनी इलाकों में प्रवेश करने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे (EPE) और वेस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे (WPE) (KMP Expressway) जैसे पेरिफेरल एक्सप्रेसवे की भूमिका इसमें महत्वपूर्ण है। ये एक्सप्रेसवे दिल्ली के चारों ओर एक रिंग रोड बनाते हैं, जिससे दिल्ली में प्रवेश किए बिना ही सीधे एक शहर से दूसरे शहर तक यात्रा की जा सकती है।

दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे का गुरुग्राम पर प्रभाव
गुरुग्राम से सीधी कनेक्टिविटी में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे (Delhi Mumbai Expressway) का भी महत्वपूर्ण योगदान है। यह एक्सप्रेसवे गुरुग्राम को सीधे मुंबई, वडोदरा और कोटा जैसे प्रमुख शहरों से जोड़ता है।

- कम यात्रा समय: गुरुग्राम से वडोदरा तक की 950 किलोमीटर की यात्रा अब 20-22 घंटे के बजाय मात्र 10 घंटे में पूरी की जा सकेगी।
- आर्थिक विकास: यह एक्सप्रेसवे गुरुग्राम के रियल एस्टेट बाजार और वाणिज्यिक विकास को बढ़ावा दे रहा है, जिससे सोहना रोड और न्यू गुरुग्राम जैसे क्षेत्रों में संपत्ति की कीमतों में वृद्धि देखी जा रही है।
नोएडा तक बिना रुके पहुंच
नोएडा के लिए भी, ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे (EPE) एक महत्वपूर्ण बाईपास के रूप में कार्य करता है। यह एक्सप्रेसवे, जिसे अक्सर दिल्ली की “लाइफलाइन” कहा जाता है, दिल्ली में प्रवेश किए बिना उत्तर प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान के बीच आवाजाही को सुगम बनाता है।
भविष्य की योजनाएं:
इन एक्सप्रेसवे परियोजनाओं के पूर्ण होने से न केवल यात्रा का समय कम होगा और ट्रैफिक जाम से मुक्ति मिलेगी, बल्कि इसके कई व्यापक लाभ भी होंगे:
- प्रदूषण में कमी: वाहनों की सुगम आवाजाही से ईंधन की खपत और परिणामस्वरूप वायु प्रदूषण में कमी आएगी।
- पर्यटन को बढ़ावा: देहरादून, मसूरी और हरिद्वार जैसे पहाड़ी गंतव्यों तक पहुंच आसान होने से उत्तराखंड में पर्यटन को भारी बढ़ावा मिलेगा। दिल्ली से मसूरी तक 4 घंटे में पहुंचने के लिए देहरादून से एक 26 किलोमीटर की एलिवेटेड रोड का भी प्रस्ताव है, जिसकी लागत ₹6,100 करोड़ होगी।
- आर्थिक विकास: बेहतर कनेक्टिविटी व्यापार, लॉजिस्टिक्स और रियल एस्टेट क्षेत्र को बढ़ावा देगी, जिससे पूरे उत्तरी भारत में आर्थिक विकास होगा।
- रोजगार के अवसर: बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के निर्माण और संबंधित वाणिज्यिक गतिविधियों से बड़ी संख्या में रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
कुल मिलाकर, ये महत्वाकांक्षी एक्सप्रेसवे परियोजनाएं भारत के सड़क नेटवर्क को आधुनिक बनाने और दिल्ली-एनसीआर सहित आसपास के राज्यों में यात्रा और वाणिज्य को अधिक कुशल बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम हैं। गुरुग्राम और देहरादून के बीच की यात्रा अब वास्तव में एक नए, तेज और निर्बाध अनुभव में बदलने वाली है।











