Good News : ओल्ड गुरुग्राम मेट्रो के लिए जमीन अधिग्रहण का कार्य शुरू, भूमि मालिकों को भेजे गए नोटिस
इलमपुर, कन्हई और बसई में खरीदी जाएगी 11 हजार वर्ग मीटर जमीन; बख्तावर चौक पर फ्लाईओवर के ऊपर दौड़ेगी मेट्रो

Good News : ओल्ड गुरुग्राम मेट्रो के पहले चरण के निर्माण को गति देने के लिए भूमि अधिग्रहण विभाग ने जमीन खरीदने की प्रक्रिया आधिकारिक तौर पर शुरू कर दी है। मेट्रो स्टेशनों के निर्माण और लाइन बिछाने के लिए चिन्हित की गई जमीनों के मालिकों को विभाग की ओर से नोटिस जारी कर दिए गए हैं। नोटिस मिलने के बाद अब भूमि मालिकों की ओर से आपत्तियां दाखिल करने का सिलसिला भी शुरू हो गया है।
तीन गांवों में 11 हजार वर्ग मीटर जमीन की जरूरत
गुरुग्राम मेट्रो रेल लिमिटेड (जीएमआरएल) के आग्रह पर विभाग करीब 11 हजार वर्ग मीटर जमीन का अधिग्रहण कर रहा है। इसके लिए तीन मुख्य गांवों को चिन्हित किया गया है:
इस्लामपुर: यहां मेट्रो स्टेशन और लाइन के लिए सबसे अधिक करीब 8,500 वर्ग मीटर जमीन की आवश्यकता है।
बसई: इस गांव में लगभग 1,700 वर्ग मीटर जमीन अधिग्रहित की जाएगी।
कन्हई: यहाँ मेट्रो कार्यों के लिए करीब 534 वर्ग मीटर जमीन की जरूरत है।
छोटे टुकड़ों के कई मालिक, सर्वे हुआ पूरा
राजस्व रिकॉर्ड के सर्वे में एक दिलचस्प पहलू सामने आया है कि जमीन के छोटे-छोटे टुकड़ों पर कई लोगों का मालिकाना हक है। आंकड़ों के अनुसार:
बसई में मात्र साढ़े 43 मीटर जमीन के लिए 34 मालिक सामने आए हैं।
इस्लामपुर में 2759 वर्ग मीटर जमीन का मालिकाना हक 21 लोगों के पास है।
एक अन्य हिस्से में 3637 वर्ग मीटर जमीन के लिए 38 लोगों के नाम राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज हैं।
Good News : बख्तावर चौक पर अब बनेगा फ्लाईओवर
योजना में एक महत्वपूर्ण बदलाव करते हुए बख्तावर चौक पर अब अंडरपास की जगह फ्लाईओवर बनाने का निर्णय लिया गया है। शहरी एवं आवास मंत्रालय ने जीएमआरएल के इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इस फ्लाईओवर के ऊपर से मेट्रो का संचालन होगा। अब इस मामले को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता वाली जीएमडीए (GMDA) की आगामी बैठक में अंतिम मंजूरी के लिए रखा जाएगा।
निर्माण कार्य ने पकड़ी रफ्तार
बता दें कि ओल्ड गुरुग्राम मेट्रो के पहले चरण के तहत निर्माण कार्य पहले ही शुरू हो चुका है। वर्तमान में नेताजी सुभाष चंद्र बोस मार्ग पर 12 पिलर तैयार किए जा चुके हैं, जबकि करीब 30 पिलर अभी निर्माणाधीन हैं। जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी होते ही स्टेशनों के निर्माण कार्य में और तेजी आने की उम्मीद है।