Biogas System : अब रसोई के कचरे से जलेगा चूल्हा: केरल में ‘बायोगैस प्लांट’ का बढ़ता क्रेज, LPG के खर्च से मिली मुक्ति
घर-घर में लग रहे पोर्टेबल बायोगैस सिस्टम; गीले कचरे का निपटारा भी और मुफ्त ईंधन का दोहरा फायदा

Biogas System :बढ़ती महंगाई और LPG सिलेंडर के बढ़ते दामों के बीच केरल के घरों से एक प्रेरणादायक खबर सामने आ रही है। यहाँ के लोग अब रसोई गैस के लिए पूरी तरह सिलेंडर पर निर्भर रहने के बजाय खुद की ‘गैस फैक्ट्री’ घर में लगा रहे हैं। केरल के शहरी और ग्रामीण इलाकों में ‘पोर्टेबल बायोगैस प्लांट’ का प्रचलन बहुत तेजी से बढ़ा है, जो न केवल कचरा प्रबंधन का समाधान दे रहा है, बल्कि रसोई के बजट को भी राहत पहुंचा रहा है।
क्या है यह तकनीक और क्यों हो रही वायरल?
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में दिखाया गया है कि कैसे एक छोटे से नीले टैंक की मदद से रसोई के कचरे को ईंधन में बदला जा रहा है। इसे ‘एरोबिक डाइजेशन’ तकनीक कहा जाता है। इसमें सब्जी के छिलके, बचा हुआ खाना और अन्य जैविक कचरा डाला जाता है, जिसे बैक्टीरिया बायोगैस (मीथेन) में तब्दील कर देते हैं।
केरल मॉडल की मुख्य विशेषताएं:
किचन में सीधा कनेक्शन: इस प्लांट से निकलने वाली पाइप सीधे रसोई के चूल्हे से जुड़ती है, जिससे चाय बनाने से लेकर खाना पकाने तक का काम आसानी से हो जाता है।
बदबू रहित समाधान: आधुनिक डिजाइन के कारण इसमें से किसी भी प्रकार की दुर्गंध नहीं आती, जिससे इसे बालकनी या छत पर भी रखा जा सकता है।
मुफ्त खाद: गैस बनने के बाद जो अवशेष बचता है, वह जैविक खेती के लिए वरदान है। केरल में लोग इसका उपयोग अपने ‘किचन गार्डन’ के लिए कर रहे हैं।
कचरा प्रबंधन में क्रांतिकारी बदलाव
केरल की नगरपालिकाओं और ‘बायोटेक इंडिया’ जैसी संस्थाओं के सहयोग से इन प्लांट्स को बढ़ावा दिया जा रहा है। सरकार और स्थानीय निकाय अक्सर इस पर सब्सिडी भी प्रदान करते हैं। केरल के निवासियों का कहना है कि इससे उनके घर का 90% गीला कचरा घर पर ही खप जाता है, जिससे बाहर गंदगी नहीं फैलती।
कैसे काम करता है यह सिस्टम?
इनपुट: कचरे को इनलेट पाइप में डालें।
डाइजेशन: टैंक के अंदर बैक्टीरिया कचरे को गलाते हैं।
आउटपुट: ऊपर जमा गैस चूल्हे तक पहुँचती है और नीचे से तरल खाद बाहर आती है।
निष्कर्ष: केरल में सफल हो रहा यह मॉडल अब धीरे-धीरे उत्तर भारत और अन्य राज्यों में भी अपनी जगह बना रहा है। यदि आप भी कचरे की समस्या और गैस के भारी बिल से परेशान हैं, तो यह ‘बायोगैस प्लांट’ एक बेहतरीन निवेश साबित हो सकता है।