Good News : 600 नए वाहनों से उठेगा घरों का कचरा, जानें आपके जोन को कितना मिला बजट
नगर निगम की इस अस्थाई कार्यप्रणाली और बार-बार टेंडर बदलने की नीति से गुरुग्राम के स्थानीय निवासी और आरडब्ल्यूए (RWA) बेहद नाराज हैं।

Good News : गुरुग्राम शहर की डगमगाई सफाई व्यवस्था को एक बार फिर पटरी पर लाने के लिए गुरुग्राम नगर निगम (MCG) ने अस्थायी समाधान का सहारा लिया है। नगर निगम ने शहर के सभी आठ जोन में घरों से डोर-टू-डोर कूड़ा उठाने (Door-to-Door Waste Collection) के लिए एक नई निविदा (Tender) प्रक्रिया शुरू की है। इस नई योजना के तहत शहर की गलियों और मुख्य मार्गों से कचरा उठाने के लिए कुल 600 नए वाहनों को काम पर लगाया जाएगा।
यह नया टेंडर आगामी छह महीनों (जुलाई से दिसंबर 2026 तक) के लिए वैध रहेगा, जिस पर निगम लगभग 24 करोड़ रुपये का भारी-भरकम बजट खर्च करने जा रहा है। गौरतलब है कि शहर में कचरा प्रबंधन का 5 साल का बड़ा टेंडर रद्द होने के बाद से ही सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है, जिसके चलते निगम को इस छह महीने के ‘अस्थायी जुगाड़’ का सहारा लेना पड़ा है। (Good News)
किस जोन के हिस्से आया कितना बजट
नगर निगम द्वारा सभी आठ जोन के लिए अलग-अलग बजट आवंटित किया गया है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, सबसे बड़ी राशि जोन-2 को आवंटित की गई है, जबकि सबसे कम बजट जोन-8 के खाते में आया है:
जोन-1: ₹1 करोड़ 78 लाख
जोन-2: ₹4 करोड़ 76 लाख (सबसे अधिक)
जोन-3: ₹4 करोड़ 15 लाख
जोन-4: ₹1 करोड़ 58 लाख
जोन-5: ₹2 करोड़ 90 लाख
जोन-6: ₹2 करोड़ 02 लाख
जोन-7: ₹4 करोड़ 81 लाख
जोन-8: ₹1 करोड़ 53 लाख (सबसे कम)
घरों से कूड़ा उठाने के लिए खर्च होने वाले 24 करोड़ रुपये के अलावा, नगर निगम सेकेंडरी डंपिंग पॉइंटों की सफाई पर भी करोड़ों रुपये अलग से फूंक रहा है। शहर के अलग-अलग इलाकों में बने बड़े डंपिंग स्टेशनों से कचरा समेटकर मुख्य बंधवाड़ी वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट (Bandhwari Plant) तक पहुंचाने के लिए एक अलग टेंडर जारी किया गया है। निजी एजेंसियों को सौंपे गए इस कार्य के लिए निगम की ओर से 10 करोड़ रुपये से अधिक की राशि अलग से खर्च की जाएगी।
नगर निगम की इस अस्थाई कार्यप्रणाली और बार-बार टेंडर बदलने की नीति से गुरुग्राम के स्थानीय निवासी और आरडब्ल्यूए (RWA) बेहद नाराज हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि बड़ी कंपनियों के टेंडर रद्द होने के बाद छोटे-छोटे ठेकेदारों को काम दिया जा रहा है।(Good News)
इन ठेकेदारों के पास न तो पर्याप्त संसाधन होते हैं और न ही आधुनिक गाड़ियां, जिसके कारण गलियों में नियमित रूप से कूड़े की गाड़ियां नहीं पहुंच पातीं। लोगों का कहना है कि जब तक नगर निगम 5 से 10 साल का कोई ठोस और परमानेंट एग्रीमेंट नहीं करता, तब तक शहर को खुले में पड़े कचरे और गंदगी के ढेरों से पूरी तरह मुक्ति मिलना नामुमकिन है। (Good News)
मामले पर जानकारी देते हुए नगर निगम गुरुग्राम के कार्यकारी अभियंता, सुंदर श्योराण ने बताया, “हमने छह महीने की अवधि के लिए आठों जोन में घरों से कूड़ा उठाने के टेंडर लगा दिए हैं। पहले जहां शहर में केवल 400 वाहनों की मदद से कूड़ा उठाया जा रहा था, वहीं अब इस बेड़े को बढ़ाकर 600 वाहन करने की योजना बनाई गई है। हमारा प्रयास है कि शहर की कचरा प्रबंधन व्यवस्था में जल्द से जल्द सुधार आए। (Good News)