Gurugram मेट्रो निर्माण में विदेशी Expert देंगे मिलेनियम सिटी लुक
जीएमआरएल की महत्वाकांक्षी योजना है कि गुरुग्राम की पहचान 'मिलेनियम सिटी' के रूप में और मजबूत हो, इसलिए मेट्रो स्टेशनों के आंतरिक और बाहरी लुक को अनूठा बनाया जाएगा।

Gurugram : ओल्ड गुरुग्राम मेट्रो परियोजना को खास पहचान देने के लिए गुरुग्राम मेट्रो रेल लिमिटेड (जीएमआरएल) विदेशी विशेषज्ञों (एक्सपैट) की मदद ले रहा है। इन विशेषज्ञों की टीम ने हाल ही में पूरे रूट का निरीक्षण किया और अब वे मेट्रो के डिजाइन और निर्माण को अंतरराष्ट्रीय स्तर का बनाने में अपने सुझाव देंगे।
जीएमआरएल की महत्वाकांक्षी योजना है कि गुरुग्राम की पहचान ‘मिलेनियम सिटी’ के रूप में और मजबूत हो, इसलिए मेट्रो स्टेशनों के आंतरिक और बाहरी लुक को अनूठा बनाया जाएगा। विदेशी विशेषज्ञों की टीम में आर्किटेक्ट और स्ट्रक्चर विशेषज्ञ शामिल हैं, जिनके पास विदेशों में मेट्रो परियोजनाओं पर काम करने का व्यापक अनुभव है।
मेट्रो निर्माण के लिए डिटेल डिजाइन कंसलटेंट (डीडीसी) का जिम्मा फ्रांस की कंपनी सिस्ट्रा को सौंपा गया है। सिस्ट्रा ने पहले चरण के 14 मेट्रो स्टेशनों का स्ट्रक्चरल डिज़ाइन तैयार कर लिया है, जिसके आधार पर सिविल वर्क का काम एक एजेंसी को दिया गया है और निर्माण कार्य शुरू हो चुका है।
सिस्ट्रा ने तीन विशेषज्ञ टीमों को बुलाया है। ये टीमें जीएमआरएल के साथ मिलकर निम्नलिखित महत्वपूर्ण पहलुओं पर सुझाव देंगी:
ग्रीन मेट्रो निर्माण: पर्यावरण-अनुकूल तकनीकों का उपयोग।
एफओबी (फुट ओवर ब्रिज) निर्माण: यात्रियों की सुविधा के लिए एफओबी का डिज़ाइन।
छत और स्टेशनों का डिज़ाइन: मेट्रो स्टेशनों को एक विशिष्ट और आकर्षक लुक देना।
रूट पर प्रारंभिक कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। सेक्टर 44 के पास हुई पाइल टेस्टिंग सफलतापूर्वक पास हो गई है, जिसके बाद अब मेट्रो के लिए पिलर निर्माण का कार्य शुरू हो गया है। वर्तमान में एक मशीन काम कर रही है, और जल्द ही इस काम में पाँच मशीनें लगाई जाएंगी ताकि पिलर निर्माण का कार्य जल्द पूरा किया जा सके। इसके अलावा, सेक्टर 33 में कंपनी ने काॅस्टिंग यार्ड में मेट्रो से जुड़े आवश्यक कार्यों के लिए इंतजाम शुरू कर दिए हैं।
पहले चरण में मिलेनियम सिटी सेंटर से सेक्टर-9 तक 14 मेट्रो स्टेशनों का सिविल वर्क होना है। इसके साथ ही, बसई से सेक्टर 101 और डिपो का भी निर्माण किया जाएगा। निर्माण कंपनी कॉरिडोर के लिए पिलर निर्माण के साथ-साथ स्टेशनों के लिए पाइल टेस्टिंग भी कर रही है।
जीएमआरएल को उम्मीद है कि इन विदेशी विशेषज्ञों के अनुभव और सुझाव से गुरुग्राम मेट्रो परियोजना एक आधुनिक, ग्रीन और आकर्षक परिवहन व्यवस्था के रूप में उभरेगी।