S+4 Floors मालिकों पर बड़ी गाज: स्टिल्ट पार्किंग में बना दिए रूम और शोरूम, 1137 चार मंजिला मकानों पर एक्शन की तैयारी
DLF और सुशांत लोक समेत पॉश सोसायटियों में पार्किंग के नियमों की उड़ी धज्जियां; DTPE ने 968 गृहस्वामियों को थमाया नोटिस, 18 बिल्डिंगें सील; हाईकोर्ट में पेश होगी रिपोर्ट

S+4 Floors : साइबर सिटी गुरुग्राम की पॉश कॉलोनियों में स्टिल्ट प्लस फोर (Stilt+4) मंजिला नीति की आड़ में नियमों का उल्लंघन करने वाले भवन मालिकों के खिलाफ टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग (DTPE) ने अपना शिकंजा कस दिया है। शहर की 19 नामी लाइसेंस कॉलोनियों में किए गए सर्वे के बाद विभाग ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। यहां नियमों के विपरीत निर्माण करने वाले 1137 मकानों में गंभीर अनियमितताएं पाई गई हैं, जिसके बाद नियमों को ताक पर रखने वाले भवन मालिकों में हड़कंप मच गया है।
S+4 Floors पार्किंग की जगह खोल दिए शोरूम, PG और गेस्ट हाउस
डीटीपीई (DTPE) अमित मधोलिया के मुताबिक, जांच में सामने आया है कि कई रसूखदार भवन मालिकों ने वाहनों की पार्किंग के लिए आरक्षित ‘स्टिल्ट एरिया’ (ग्राउंड फ्लोर) का व्यावसायिक दुरुपयोग किया है।
कई मकानों में पार्किंग की जगह को दीवारें चुनकर कमरों में बदल दिया गया।
कुछ मुख्य रास्तों पर स्टिल्ट एरिया में शोरूम, पीजी (PG) और गेस्ट हाउस तक संचालित किए जा रहे हैं।
कई भवनों में आलीशान रिसेप्शन एरिया बना दिए गए हैं।
इस अवैध निर्माण का खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है। पार्किंग की जगह खत्म होने से लोग गाड़ियां सड़कों पर खड़ी कर रहे हैं, जिससे इन पॉश सोसायटियों में आए दिन भारी ट्रैफिक जाम और पार्किंग का गंभीर संकट खड़ा हो गया है।
DLF फेज-2 में S+4 Floors में सबसे ज्यादा धांधली, देखें पूरी लिस्ट
विभाग द्वारा तैयार की गई रिपोर्ट के मुताबिक, सबसे ज्यादा अवैध निर्माण और नियमों का उल्लंघन डीएलएफ (DLF) के अलग-अलग फेज में भवन मालिकों द्वारा किया गया है:
नियमों को ताक पर रखने वाले 968 भवन मालिकों को विभाग की तरफ से कारण बताओ (Show Cause) नोटिस जारी किया जा चुका है। वहीं, अत्यधिक उल्लंघन पाए जाने पर 18 मकानों को तुरंत प्रभाव से सील कर दिया गया है। बाकी बचे मकानों पर भी सीलिंग की तलवार लटकी हुई है।
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट सख्त, S+4 Floors मांगी विस्तृत रिपोर्ट
गौरतलब है कि पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय ने गुरुग्राम में स्टिल्ट के साथ चार मंजिला निर्माण पर फिलहाल रोक लगा रखी है। कोर्ट में दायर विभिन्न याचिकाओं में यह दलील दी गई थी कि शहर के बुनियादी ढांचे (Infrastructure) जैसे बिजली, पानी और सीवर व्यवस्था को सुधारे बिना ही चार मंजिला नीति लागू कर दी गई। अदालत ने सरकार से स्टिल्ट पार्किंग में हुए अवैध निर्माणों और सड़कों से अतिक्रमण हटाने को लेकर विस्तृत रिपोर्ट मांगी थी।
डीटीपीई अब इस पूरी कार्रवाई की एक विस्तृत और फाइनल रिपोर्ट पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय में पेश करने जा रहा है, जिसकी अगली सुनवाई 12 मई को तय की गई है। माना जा रहा है कि कोर्ट के कड़े रुख के बाद आने वाले दिनों में नियमों का उल्लंघन करने वाले भवन मालिकों पर और भी बड़ी गाज गिर सकती है।