Fake Call Centre: बैंककर्मी बनकर ठगी, फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़, 6 गिरफ्तार
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि इस कॉल सेंटर का मालिक अनुज नाम का व्यक्ति है, जो पिछले तीन महीनों से यह धंधा चला रहा था। अनुज के निर्देश पर ये लोग ग्राहकों को फोन करके खुद को बैंक कर्मचारी बताते थे।

Fake Call Centre: साइबर क्राइम साउथ पुलिस ने शहर के सेक्टर-30 में चल रहे एक बड़े फर्जी कॉल सेंटर का खुलासा किया है। यह गिरोह बैंककर्मी बनकर लोगों को ठग रहा था। पुलिस ने इस मामले में एक महिला समेत छह लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपी लोगों के क्रेडिट कार्ड से रिवॉर्ड पॉइंट रिडीम करने का झांसा देकर एक फर्जी ऐप डाउनलोड करवाते थे और फिर उनकी सारी जानकारी चुराकर पैसों की ठगी करते थे।
9 अगस्त को मिली एक शिकायत के बाद शुरू हुई। एक व्यक्ति ने पुलिस को बताया कि फर्जी बैंक कर्मचारी बनकर जालसाजों ने उसके फोन पर एक नकली ऐप इंस्टॉल करवाया और क्रेडिट कार्ड से पैसे निकाल लिए। शिकायत मिलते ही एसीपी प्रियांशु दीवान के नेतृत्व में साइबर क्राइम साउथ थाना प्रभारी नवीन कुमार की टीम ने जांच शुरू की।
गहन छानबीन के बाद, पुलिस ने सेक्टर-30 स्थित एक कॉल सेंटर पर छापा मारा और सभी छह आरोपियों को रंगे हाथों पकड़ लिया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान राजस्थान के भरतपुर और अलवर, दिल्ली और उत्तराखंड के रहने वाले के रूप में हुई है।
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि इस कॉल सेंटर का मालिक अनुज नाम का व्यक्ति है, जो पिछले तीन महीनों से यह धंधा चला रहा था। अनुज के निर्देश पर ये लोग ग्राहकों को फोन करके खुद को बैंक कर्मचारी बताते थे। वे क्रेडिट कार्ड के रिवॉर्ड पॉइंट रिडीम करने का लालच देते और फिर एक फर्जी ऐप का लिंक भेजते थे।

जैसे ही कोई ग्राहक ऐप डाउनलोड करके अपनी जानकारी और ओटीपी डालता था, ये आरोपी उसके क्रेडिट कार्ड से पैसे ट्रांसफर कर लेते थे। पुलिस के मुताबिक, ठगी गई रकम को सीधे बैंक में नहीं लिया जाता था, बल्कि उससे पेट्रो कार्ड खरीदे जाते थे। ये पेट्रो कार्ड फिर टैक्सी चालकों को बेच दिए जाते और उनसे नकद पैसे ले लिए जाते थे। आरोपियों ने बताया कि उन्हें हर लेनदेन पर 10 प्रतिशत कमीशन मिलता था।
पुलिस ने आरोपियों के पास से 11 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। सभी छह आरोपियों को रविवार को अदालत में पेश किया गया, जिसमें से तीन – सूरज, निसार खान और अंसार खान – को दो दिन की पुलिस रिमांड पर लिया गया है, जबकि अहजाज, योगेश और सरिता को जेल भेज दिया गया है।











