El Nino Impact : भारत के मॉनसून पर ख़तरा, आसमान से बरसेगी आग ! भीषण गर्मी के लिए हो जाओ तैयार, अल नीनो का होगा अटैक !

El Nino Imapct : क्या इस बार भारत में भीषण गर्मी पड़ने वाली है ? क्या इस बार आसमान से आग बरसने वाली है ? ऐसा हम नहीं कह रहे हैं बल्कि इस बार मौसम के पूर्वानुमान से ऐसे आसार बन रहे हैं कि भारत में इस साल भीषण गर्मी पड़ने वाली है । इस साल गर्मी से निपटने के लिए तैयारी की जरुरत होगी । मॉनसून भी इस बार अल नीनो के चलते प्रभावित हो सकता है और भारत में मॉनसून के दौरान कई इलाकों में कमी देखी जा सकती है ।

विश्व मौसम विज्ञान संगठन की मानें तो इसके पूरे आसार नजर आ रहे । WMO ने पूर्वानुमान जताया है कि अल नीनो से भारत का मानसून प्रभावित हो सकता है । आने वाले महीने और भी गर्म हो सकते हैं । ऐसे में हमें इस बार भीषण गर्मी के लिए तैयार रहने की जरूरत है ।

विश्व मौसम विज्ञान संगठन के मुताबिक, इस वर्ष के अंत में अल नीनो का खतरा मंडरा रहा है । इसका असर भारत के मानसून पर पड़ने के आसार हैं। हालांकि, विशेषज्ञों का ये भी कहना है कि इस समय निश्चित रूप से कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी । ऐसा इसलिए क्योंकि अल नीनो वर्ष में आमतौर पर मानसून के दौरान बारिश पर नकारात्मक प्रभाव डालते हैं ।

WMO ने दिया भीषण गर्मी के संकेत

विश्व मौसम विज्ञान संगठन (डब्ल्यूएमओ) के अपडेट में यह भी कहा गया है कि अलग-अलग जलवायु फैक्टर्स के कारण मार्च से मई के दौरान औसत से अधिक लैंड सरफेस तापमान में बढ़ोतरी के वैश्विक संकेत मिल रहे हैं। इसका असर भारत में पहले से ही महसूस किया जा रहा है। देश के कई हिस्सों में लू की स्थिति बनने लगी है, आगे ये और भी गंभीर हो सकती है।

दिल्ली-एनसीआर में चढ़ने लगा पारा

इस बीच, भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने भविष्यवाणी की है कि अगले तीन दिनों के दौरान जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में दिन का तापमान सामान्य से 5-7 डिग्री सेल्सियस अधिक रहने की संभावना है। दिल्ली-एनसीआर सहित उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों, गुजरात और मध्य प्रदेश में यह तापमान 4-6 डिग्री सेल्सियस अधिक रहेगा। (El Nino Impact)

अगले 5 दिन कैसा रहेगा मौसम

अगले पांच दिनों के दौरान दक्षिणपूर्वी प्रायद्वीपीय भारत में दिन का तापमान सामान्य से 2-3 डिग्री सेल्सियस अधिक रहने का पूर्वानुमान है। पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय (MoES) के पूर्व सचिव माधवन राजीवन ने बताया कि अल नीनो का असर सीजन के दूसरे हिस्से में डेवलप होने की संभावना है। मौजूदा पूर्वानुमानों के अनुसार, यह एक मॉडरेट अल नीनो हो सकता है। हालांकि, इस समय के पूर्वानुमानों में काफी अनिश्चितताएं हैं।

अल नीनो को लेकर क्या है पूर्वानुमान (El Nino Impact)

अल नीनो मध्य और पूर्वी भूमध्यरेखीय प्रशांत महासागर में समुद्र की सतह के तापमान में बड़े पैमाने पर होने वाली बढ़ोतरी को संदर्भित करता है। ये उष्णकटिबंधीय वायुमंडलीय परिसंचरण में परिवर्तन के साथ होता है, जिसमें हवाओं का दबाव और बारिश के पैटर्न में परिवर्तन शामिल है। इसमें आमतौर पर ला नीना के विपरीत प्रभाव भी होते हैं, जो भारतीय उपमहाद्वीप में अच्छी मानसूनी बारिश से जुड़े होते हैं।

वैश्विक तापमान को लेकर WMO का अपडेट

विश्व मौसम विज्ञान संगठन की महासचिव सेलेस्टे साउलो ने कहा कि डब्ल्यूएमओ आने वाले महीनों में स्थितियों पर बारीकी से नजर रखेगा ताकि जरूरी फैसला लेने में मदद मिल सके। 2023-24 में आया हालिया अल नीनो अब तक के पांच सबसे शक्तिशाली अल नीनो में से एक था। इसने 2024 में दर्ज किए गए रिकॉर्ड वैश्विक तापमान में अहम भूमिका निभाई।

Sunil Yadav

सुनील यादव पिछले लगभग 15 वर्षों से गुरुग्राम की पत्रकारिता में सक्रिय एक अनुभवी और विश्वसनीय पत्रकार हैं। उन्होंने कई बड़े नेशनल न्यूज़ चैनलों में ( India Tv, Times Now,… More »
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