Haryana IIT: हरियाणा में IIT स्थापना की कवायद हुई तेज, 2 गांवों ने जमीन देने का रखा प्रस्ताव

 Haryana IIT: देशभर में उच्च तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) का नाम सबसे ऊपर आता है। ये संस्थान भारत सरकार द्वारा स्थापित किए गए हैं और इनका उद्देश्य इंजीनियरिंग टेक्नोलॉजी और रिसर्च के क्षेत्र में विश्वस्तरीय शिक्षा प्रदान करना है। देश में फिलहाल कुल 23 IITs हैं जो अलग-अलग राज्यों में फैले हुए हैं। IIT से पढ़कर निकले छात्र आज Google Microsoft Amazon जैसी बड़ी कंपनियों में ऊंचे पदों पर काम कर रहे हैं। Haryana IIT

हर साल लाखों स्टूडेंट्स (students) JEE Advanced जैसी कठिन परीक्षा पास करके इनमें एडमिशन (admission) लेने का सपना देखते हैं। यही कारण है कि अगर किसी राज्य में नया IIT खुलता है तो वो ना सिर्फ शिक्षा की दिशा में बड़ी छलांग होती है बल्कि उस क्षेत्र का विकास भी तेज़ी से होता है।

IIT के लिए फ्री में दी ज़मीन

हरियाणा के महेन्द्रगढ़ जिले में अब ऐसा ही ऐतिहासिक मौका दस्तक दे रहा है। जिले के गांव पाली और खुड़ाना ने मिलकर एक बड़ा फैसला लिया है। रविवार को माता सती मंदिर पाली में एक जिला स्तरीय बैठक हुई जिसमें दोनों गांवों की पंचायतों ने भारत सरकार को बिना किसी शर्त के मुफ्त ज़मीन देने की घोषणा की है वो भी सिर्फ एक नहीं बल्कि देश के सबसे प्रतिष्ठित संस्थान IIT की स्थापना के लिए। Haryana IIT

ये सुनकर हरियाणा के लोग खुशी से फूले नहीं समा रहे। गांव वालों का कहना है कि यदि उनके क्षेत्र में IIT खुलता है तो ये सिर्फ गांव या जिले की नहीं बल्कि पूरे प्रदेश की तरक्की की शुरुआत होगी।

ज़मीन की तलाश शुरू

दरअसल केंद्र सरकार ने हाल ही में हरियाणा में एक नया IIT खोलने का प्रस्ताव रखा है। इसके लिए सरकार ने कुछ जिलों से उपयुक्त स्थानों के बारे में जानकारी मांगी थी। इसके जवाब में महेन्द्रगढ़ के जिला उपायुक्त को एक पत्र प्राप्त हुआ जिसके बाद प्रशासन ने संभावित गांवों से संपर्क साधा।

पाली और खुड़ाना की पंचायतों ने इस मौके को पहचानते हुए बिना देरी के प्रस्ताव भेजा और साफ कर दिया कि वे फ्री ऑफ कॉस्ट (free of cost) ज़मीन देने को तैयार हैं। और यही नहीं जमीन पर कोई शर्त भी नहीं रखी गई है – न मुआवजा न कोई लाभ की मांग। Haryana IIT

IIT की स्थापना को बताया ऐतिहासिक मौका

गांवों की इस बैठक में सरपंचों के साथ-साथ सामाजिक कार्यकर्ता वरिष्ठ नागरिक और शिक्षाविद भी शामिल हुए। सभी ने एक स्वर में कहा कि IIT की स्थापना इलाके के लिए गोल्डन चांस (golden chance) है। इस मौके को किसी भी हाल में गंवाना नहीं चाहिए।

पाली के सरपंच ने बताया हमारे पास पर्याप्त ज़मीन है और गांव के सभी लोगों ने इस प्रस्ताव को एकमत से मंज़ूरी दी है। हमें गर्व होगा अगर हमारे गांव में देश का इतना बड़ा संस्थान खुलेगा।

खुड़ाना के सरपंच ने भी कहा हम चाहते हैं कि आने वाली पीढ़ियों को बेहतर शिक्षा और रोज़गार के मौके यहीं अपने क्षेत्र में मिलें। इसलिए हम बिना शर्त ज़मीन दे रहे हैं।

रोज़गार के मिलेंगे बेहतरीन मौके

जैसा कि सब जानते हैं जहां IIT होता है वहां सिर्फ पढ़ाई ही नहीं वहां आसपास का पूरा माहौल बदल जाता है। सड़क बिजली पानी ट्रांसपोर्ट (transport) इंटरनेट जैसी बुनियादी सुविधाएं अपने आप बेहतर हो जाती हैं। इसके अलावा हॉस्टल मार्केट लाइब्रेरी कैंटीन जैसी सुविधाएं भी बनती हैं जिससे आसपास के लोगों को रोजगार मिलता है।

पाली और खुड़ाना गांवों के लोग इस बात को अच्छे से समझते हैं। उन्होंने कहा कि यदि IIT यहां बनता है तो सीधे और परोक्ष (direct and indirect) तौर पर हजारों युवाओं को रोजगार मिलेगा।

गांव के एक युवा ने कहा हमें अब इंजीनियरिंग की पढ़ाई के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा। अगर IIT पास में होगा तो हम जैसे मिडिल क्लास (middle class) लड़कों के लिए ये किसी सपने से कम नहीं होगा।

केंद्र सरकार से संपर्क के लिए बनेगी कमेटी

बैठक में निर्णय लिया गया कि अब एक कमेटी बनाई जाएगी जो केंद्र सरकार और संबंधित एजेंसियों से सीधे संपर्क करेगी। इस कमेटी का उद्देश्य होगा कि IIT की स्थापना की प्रक्रिया को और तेज़ किया जाए और कोई अड़चन न आने पाए।

इसके लिए पंचायतें जल्द ही एक प्रस्तावित नक्शा (proposed map) और भूमि की जानकारी (land documents) के साथ दिल्ली में संबंधित अधिकारियों से मिलेंगी। ग्रामीणों ने उम्मीद जताई है कि सरकार उनकी इस ईमानदार और आत्मीय भावना को जरूर स्वीकार करेगी।

 

Sunil Yadav

सुनील यादव पिछले लगभग 15 वर्षों से गुरुग्राम की पत्रकारिता में सक्रिय एक अनुभवी और विश्वसनीय पत्रकार हैं। उन्होंने कई बड़े नेशनल न्यूज़ चैनलों में ( India Tv, Times Now,… More »
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