Haryana में घर-दुकान खरीदना हुआ महंगा, सबसे ज्यादा असर Gurugram-Faridabad पर, सरकार ने बढाए EDC चार्ज
हरियाणा सरकार के इस फैसले के बाद हरियाणा में रिहायशी ही नहीं बल्कि औद्योगिक, कर्मशियल और कंबाइंड यूज वाले सभी प्रोजेक्ट्स की कीमतों में जबरदस्त उछाल आएगा ।

Haryana : हरियाणा में एक जनवरी से घर, प्लॉट, फ्लैट खरीदना महंगा हो गया है । हरियाणा में पिछले साल सर्किल रेट बढाए गए और अब साल की शुरुआत होते ही सरकार ने EDC (External Development Charge) में 10 प्रतिशत की बढोतरी कर दी है । जिससे गुरुग्राम और फरीदाबाद में घर खरीदने वालों के लिए अतिरिक्त बोझ बढ गया है । पूरे हरियाणा में अकेले गुरुग्राम में ही सबसे ज्यादा रेट बढे हैं ।
हरियाणा के 46 मुख्य शहरों में EDC 10% तक बढा दी गई हैं जो कि 1 जनवरी 2026 से लागू होंगी । हरियाणा सरकार के इस फैसले के बाद हरियाणा में रिहायशी ही नहीं बल्कि औद्योगिक, कर्मशियल और कंबाइंड यूज वाले सभी प्रोजेक्ट्स की कीमतों में जबरदस्त उछाल आएगा ।

हर साल बढेंगे 10% दाम
हरियाणा सरकार ने साफ किया है कि हर साल हरियाणा में EDC में 10 प्रतिशत की बढोतरी की जाएगी जब तक नए सलाहकार द्वारा स्थाई दरें निर्धारित नहीं की जाती हैं तब तक हर साल 1 अप्रैल से EDC में 10 फीसदी की बढोतरी की जाएगी ।
गुरुग्राम में घर खरीदना होगा सबसे महंगा !
हरियाणा सरकार द्वारा बढाई गई ईडीसी चार्ज का असर सबसे ज्यादा गुरुग्राम के खरीददारों पर पड़ने वाला है । गुरुग्राम पूरे हरियाणा में सबसे महंगा ज़ोन है । यहां पर प्लॉटेड कॉलोनियों में ईडीसी बढोतरी के बाद 1.37 करोड़ रुपए प्रति एकड़ हो जाएगा । इसी प्रकार 300 PPA वाली ग्रुप हाउसिंग 4.12 करोड़ रुपए प्रति एकड़ और 400 PPA वाली ग्रुप हाउसिंग 5.49 करोड़ रुपए प्रति एकड़ हो जाएगी ।
सोनीपत-पानीपत में प्लॉटेड प्रोजेक्ट्स के लिए 96 लाख रुपए प्रति एकड़ EDC होगा जबकि पंचकुला के लिए आवासीय प्लॉटेड 39 लाख रुपए प्रति एकड़ और ग्रुप हाउसिंग के लिए 1.26 करोड़ रुपए प्रति एकड़ हो गया है ।
अंबाला, कुरुक्षेत्र, बहादुरगढ, रेवाड़ी, रोहतक, हिसार जैसे शहरों में प्लॉटेड कॉलोनियों के लिए EDC 82 लाख रुपए प्रति एकड़ तय की गई है ।
क्या होता है EDC ?
ईडीसी वो शुल्क होता है जो कि किसी भी बिल्डर प्रोजेक्ट से वसूला जाता है । इसको वसूलने का मुख्य कारण बिल्डरों से सड़क, पानी, बिजली और सीवरेज जैसी सुविधाएं देने के लिए होता है । अक्सर बिल्डर EDC का अतिरिक्त भार निवेशकों से ही वसूलते हैं ऐसे में हरियाणा में EDC में हुई बढोतरी का सीधा बोझ निवेशकों और खरीददारों पर पड़ने वाला है ।












