Gurugram News: रॉबर्ट वाड्रा पर ईडी का शिकंजा, बिना पैसे 58 करोड़ की ज़मीन डील, चार्जशीट से खुला बड़ा राज
Robert Vadra Money Laundering Case: कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी के पति रॉबर्ट वाड्रा एक बार फिर ईडी के रडार पर हैं। इस बार मामला हरियाणा के शिकोहपुर गांव की 3.53 एकड़ जमीन से जुड़ा है, जो कथित रूप से बिना कोई पैसा चुकाए खरीदी गई और बाद में उसे DLF को 58 करोड़ रुपये में बेच दिया गया।

Gurugram News: कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी के पति रॉबर्ट वाड्रा एक बार फिर ईडी के रडार पर हैं। इस बार मामला हरियाणा के शिकोहपुर गांव की 3.53 एकड़ जमीन से जुड़ा है, जो कथित रूप से बिना कोई पैसा चुकाए खरीदी गई और बाद में उसे DLF को 58 करोड़ रुपये में बेच दिया गया।Robert Vadra Money Laundering Case
ईडी ने रॉबर्ट वाड्रा और उनकी कंपनियों पर मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप लगाते हुए चार्जशीट दाखिल की है, जो उनके खिलाफ पहली आधिकारिक चार्जशीट है। दिल्ली के राउज एवेन्यू कोर्ट में दाखिल चार्जशीट में ईडी ने वाड्रा पर मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप लगाया है। ईडी के अनुसार शिकोहपुर गांव में 3.53 एकड़ जमीन खरीदने के लिए वाड्रा ने एक भी पैसे नहीं दिये और बाद में उसका लैंड यूज बदलवाने के बाद डीएलएफ को 58 करोड़ में बेच दिया।Robert Vadra Money Laundering Case
इस मामले में ईडी वाड्रा की कंपनी स्काईलाइट हॉस्पिटिलिटी के 37.64 करोड़ रुपये जब्त कर चुकी है। ईडी की चार्जशीट के अनुसार ओकांरेशवर प्रॉपर्टीज ने हरियाणा सरकार द्वारा लैंड यूज बदलने से इनकार करने के बाद इस जमीन को फरवरी 2008 में 7.5 करोड़ रुपये बेच दिया। स्काईलाइट हॉस्पिटिलिटी के नाम जमीन की रजिस्ट्री होने के दो महीने के भीतर इस जमीन का लैंड यूज बदलकर कॉर्मिशियल उपयोग की अनुमति दे दी। लैंड यूज बदलने के बाद राबर्ट वाड्रा ने इस जमीन को 58 करोड़ रुपये डीएलएफ को बेच दिया था।Robert Vadra Money Laundering Case
सामान्य से दिखने वाले इस बिजनेस डील में ईडी ने अदालत के सामने बड़े पैमाने पर गड़बड़ी के सबूत पेश किये। जमीन की रजिस्ट्री भले ही स्काईलाइट हॉस्पिटिलिटी के नाम हुआ था, लेकिन 7.5 करोड़ रुपये का चेक वाड्रा की एक दूसरी कंपनी स्काईलाइट रियलिटी ने दिया था। हैरानी की बात है कि इन दोनों कंपनियों के खाते में उस समय सिर्फ एक-एक लाख रुपये जमा थे।Robert Vadra Money Laundering Case
यानी बिना पैसे के 7.5 करोड़ रुपये का चेक दिखाकर रजिस्ट्री कर ली गई। यही नहीं, इस 7.5 करोड़ रुपये के चेक को ओंकारेशनवर प्रॉपर्टीज ने कभी भुनाया ही नहीं। हद तो यह कि रजिस्ट्री के लिए 45 लाख रुपये के स्टांप पेपर खरीदने कै पैसे भी ओंकारेश्वर प्रॉपर्टीज ने ही दिये। यानी एक पैसा खर्च किये बिना ही पूरी जमीन रॉबर्ट वाड्रा की हो गई।ईडी ने इस मामले में अप्रैल में वाड्रा से तीन दिन तक लगातार पूछताछ की थी। ईडी का कहना है कि वाड्रा बिना एक पैसे खर्च किये 58 करोड़ रुपये की डील करने से जुड़े सवालों का जवाब नहीं दे पाए।Robert Vadra Money Laundering Case
ईडी की चार्जशीट को संज्ञान में लेने पर अदालत में बहस होगी। यदि अदालत इस मामले में संज्ञान लेता है तो वाड्रा की मुश्किलें बढ़ सकती है। इसके अलावा ईडी आर्थिक भगोड़ा संजय भंडारी से जुड़े लंदन के 12 ब्रायंस्टन स्क्वायर बंगले और बीकानेर जमीन घोटाले के मामले में भी वाड्रा के खिलाफ जांच कर रही है। दो दिन पहले भी ईडी वाड्रा से लंदन के बंगले के बारे में पूछताछ कर चुकी है।Robert Vadra Money Laundering Case