Gurugram में ED का बड़ा एक्शन, Universal Builder की 150 करोड़ की प्रॉपर्टी अटैच
ईडी के गुरुग्राम जोनल ऑफिस ने मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम कानून (PMLA) के तहत कार्रवाई करते हुए उनकी 153.16 करोड़ रुपये की अचल और चल संपत्ति को प्रोविजनल अटैचमेंट ऑर्डर के जरिए कुर्क कर लिया है। यह आदेश 17 सितंबर 2025 को जारी किया गया था।

Gurugram News Network : रियल एस्टेट कंपनी यूनिवर्सल बिल्डवेल प्राइवेट लिमिटेड और उससे जुड़ी ग्रुप कंपनियों के पूर्व प्रमोटरों और सहयोगियों के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की बड़ी कार्रवाई ने सैंकड़ों निराश फ्लैट खरीदारों में उम्मीद जगाई है।
ईडी के गुरुग्राम जोनल ऑफिस ने मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम कानून (PMLA) के तहत कार्रवाई करते हुए उनकी 153.16 करोड़ रुपये की अचल और चल संपत्ति को प्रोविजनल अटैचमेंट ऑर्डर के जरिए कुर्क कर लिया है। यह आदेश 17 सितंबर 2025 को जारी किया गया था।

कुर्क की गई संपत्तियों में राजस्थान के कोटपूतली (बहरोड़) इलाके में स्थित 29.45 एकड़ जमीन का एक बड़ा हिस्सा शामिल है। इसके अलावा, गुरुग्राम के सेक्टर-49 स्थित यूनिवर्सल ट्रेड टावर की कई कमर्शियल यूनिट्स और 3.16 करोड़ रुपये की फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) को भी जब्त किया गया है।
ईडी की यह कार्रवाई उन 30 से अधिक एफआईआर पर आधारित है जो एनसीआर के विभिन्न पुलिस स्टेशनों में ठगे गए घर खरीदारों द्वारा दर्ज कराई गई थीं। खरीदारों का आरोप है कि कंपनी के प्रमोटरों रमन पुरी, विक्रम पुरी और वरुण पुरी ने उनसे करोड़ों रुपये लेने के बावजूद रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स को जानबूझकर अधर में छोड़ दिया।
कई निवेशकों ने लगभग 15 साल पहले (2010 से पहले) निवेश किया था और वे इतने लंबे समय से अपने सपनों के घर का इंतजार कर रहे हैं। जानकारी के अनुसार, निर्माण कार्य 2010 से पूरी तरह से ठप पड़ा हुआ है।

ईडी की जांच में सामने आया है कि कंपनी ने लगभग 12 वर्षों की अवधि में 1000 करोड़ रुपये से अधिक की भारी राशि जुटाई। यह रकम गुरुग्राम और फरीदाबाद में आठ विभिन्न रियल एस्टेट परियोजनाओं के नाम पर ली गई थी। चौंकाने वाली बात यह है कि इस विशाल धनराशि का केवल एक छोटा हिस्सा ही इन परियोजनाओं के विकास पर खर्च किया गया।
बाकी धनराशि का कथित तौर पर गबन, फर्जीवाड़ा और धोखाधड़ी करने के लिए इस्तेमाल किया गया, जिसे प्रमोटरों ने निजी लाभ के लिए जमीन और अन्य संपत्तियां खरीदने में लगा दिया।

इस मामले में ईडी ने अपनी जांच को आगे बढ़ाते हुए 22 जुलाई 2025 को तीनों प्रमोटरों को गिरफ्तार किया था। वे फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए, ईडी ने 19 सितंबर को गुरुग्राम की स्पेशल पीएमएलए कोर्ट में उनके खिलाफ चार्जशीट भी दाखिल कर दी है। इस कुर्की को, धोखाधड़ी से अर्जित संपत्ति को जब्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।












