ED Raid : रहेजा डेवलपर्स पर ED का बड़ा एक्शन: 2500 करोड़ की धोखाधड़ी के आरोप में NCR के 7 ठिकानों पर छापेमारी
4500 खरीदारों के फंसे पैसे, गुरुग्राम से दिल्ली तक ईडी की रेड से रियल एस्टेट सेक्टर में हड़कंप

ED Raid : एनसीआर के दिग्गज रियल एस्टेट ग्रुप ‘रहेजा डेवलपर्स’ की मुश्किलें बढ़ गई हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने 2500 करोड़ रुपये की कथित धोखाधड़ी के आरोप में कंपनी के प्रमोटर नवीन रहेजा और उनके करीबियों के 7 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की है। दिल्ली, गुरुग्राम, नोएडा और ग्रेटर नोएडा के साथ-साथ दिल्ली की पॉश कॉलोनियों (सैनिक फार्म और न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी) में ईडी की टीमें दस्तावेज खंगाल रही हैं।
क्या है पूरा मामला?
यह पूरा विवाद मुख्य रूप से गुरुग्राम के सेक्टर-78 स्थित ‘रहेजा रेवांता’ प्रोजेक्ट से जुड़ा है। आरोप है कि कंपनी ने लगभग 4500 खरीदारों से प्रोजेक्ट के नाम पर 2500 करोड़ रुपये वसूले, लेकिन 13 साल बीत जाने के बाद भी उन्हें घर नहीं मिला। ईडी की जांच में इस बात की पड़ताल की जा रही है कि क्या प्रोजेक्ट के लिए जुटाए गए फंड को दूसरे खातों में डायवर्ट किया गया है।
आरोप: पजेशन की मंशा ही नहीं थी!
प्रोजेक्ट के आवंटी अर्जुन पुनिया और अन्य खरीदारों का आरोप है कि ईओडब्ल्यू (EOW) की रिपोर्ट के अनुसार प्रोजेक्ट पूरा करने के लिए फंड पर्याप्त था, फिर भी बिल्डर ने 200 करोड़ का अतिरिक्त लोन लिया। खरीदारों का कहना है कि साइट पर बुनियादी सुविधाओं का ढांचा तक तैयार नहीं है, जिससे स्पष्ट होता है कि कंपनी की मंशा कभी घर देने की थी ही नहीं।
बिल्डर की सफाई: ‘सरकारी सिस्टम ने फंसाया’
वहीं रहेजा डेवलपर्स लिमिटेड के मीडिया प्रवक्ता ने धोखाधड़ी के सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। प्रवक्ता का कहना है कि कंपनी जांच में प्रवर्तन निदेशालय का पूर्ण सहयोग कर रही है। कंपनी के अनुसार, उन्होंने ग्राहकों से प्राप्त राशि की तुलना में कहीं अधिक निवेश प्रोजेक्ट में किया है। देरी का मुख्य कारण आवश्यक सरकारी इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी है। प्रवक्ता ने स्पष्ट किया कि 61 मंजिला इमारत जैसे बड़े प्रोजेक्ट में पानी, बिजली और सीवरेज जैसी जरूरी सेवाओं के बिना सुरक्षित रूप से पजेशन देना संभव नहीं है।