Online Gaming Fraud पर ED का शिकंजा: Haefer प्लेटफॉर्म पर धोखाधड़ी के मामले में 30 करोड़ की संपत्ति जब्त

ED की जांच में सामने आया कि आरोपियों द्वारा विभिन्न बैंकों के खातों में 30 करोड़ से अधिक की राशि अभी भी रखी गई है। इन खातों में ₹18.57 करोड़ की शेष राशि सहित कुल 8 बैंक खाते शामिल हैं।

Online Gaming Fraud :  प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के प्रावधानों के तहत एक बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म ‘Haefer’ से जुड़े मामलों में  30 करोड़ से अधिक की संपत्ति जब्त की है।

ED के बेंगलुरु आंचलिक कार्यालय ने 18 नवंबर 2025 से 22 नवंबर 2025 तक मैसर्स नेटवर्कस प्राइवेट लिमिटेड (ANNPL) और मैसर्स गेमक्राफ्ट टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड (GTPL) के कार्यालयों एवं निदेशकों के आवासीय परिसरों पर कार्रवाई की।

ED की यह कार्रवाई कर्नाटक पुलिस द्वारा दर्ज प्राथमिकी पर आधारित है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि एएनएनपीएल द्वारा संचालित गेमिंग प्लेटफॉर्म ‘Haefer’ पर बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी हुई है। यह प्लेटफॉर्म कार्ड गेम्स पर सट्टेबाजी, जुआ खेलने और तकनीकी गड़बड़ियों पर आधारित था।

शिकायतकर्ताओं ने बताया कि व्यापक धोखाधड़ी के कारण उन्हें 3 करोड़ रुपये से ज्यादा का वित्तीय नुकसान हुआ। प्लेटफॉर्म पर अनियमित गेमिंग प्रथाओं के साथ-साथ हेड-टैक्सी जैसी सुविधाओं को नजरअंदाज करने का आरोप है। अधिकारियों और उपयोगकर्ताओं का आरोप है कि प्लेटफॉर्म ने जानबूझकर गेमिंग की हेराफेरी की और अनुचित खेल को बढ़ावा दिया।

ED की जांच में सामने आया कि आरोपियों द्वारा विभिन्न बैंकों के खातों में ₹30 करोड़ से अधिक की राशि अभी भी रखी गई है। इन खातों में ₹18.57 करोड़ की शेष राशि सहित कुल 8 बैंक खाते शामिल हैं। यह राशि संदिग्ध रूप से अपराध से प्राप्त आय (Proceeds of Crime) है।

ED ने PMLA, 2002 की धारा 17(1) (ए) के तहत इन संपत्तियों को फ्रीज कर दिया है। एजेंसी ने स्पष्ट किया कि जब्त की गई संपत्ति अवैध रूप से मादक पदार्थों की तस्करी और अन्य आपराधिक गतिविधियों से जुड़ी हो सकती है।

इस कार्रवाई से यह भी संकेत मिलता है कि सरकार आईटी नियम 2025 (ITR-2025) के माध्यम से ऑनलाइन रियल मनी गेमिंग (RMOG) के प्रचार और विनियमन पर प्रतिबंध लगाने के बाद, ऐसे अवैध संचालन के खिलाफ कठोर कदम उठा रही है। मामले का अनुसंधान जारी है और इस रैकेट में शामिल अन्य संदिग्ध व्यक्तियों की भूमिका की जांच की जा रही है।

Sunil Yadav

सुनील यादव पिछले लगभग 15 वर्षों से गुरुग्राम की पत्रकारिता में सक्रिय एक अनुभवी और विश्वसनीय पत्रकार हैं। उन्होंने कई बड़े नेशनल न्यूज़ चैनलों में ( India Tv, Times Now,… More »
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