Dwarka Expressway News: एक्सप्रेसवे पर सितंबर माह से टोल वसूली की तैयारी,ऑटोमैटिक सिस्टम से सफर होगा और भी तेज़
प्रस्तावित टोल दरों के अनुसार, निजी वाहनों (कार, वैन, जीप) के लिए एकतरफा यात्रा का शुल्क 105 और वापसी का शुल्क 155 होगा।

Dwarka Expressway News: आधुनिक इंजीनियरिंग का बेजोड़ नमूना, देश का पहला आठ-लेन एलिवेटेड द्वारका एक्सप्रेसवे अब जल्द ही टोल वसूली की प्रक्रिया शुरू करने वाला है। 17 अगस्त को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा उद्घाटन किए गए इस एक्सप्रेसवे पर फिलहाल निशुल्क यात्रा की सुविधा है, लेकिन अब भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने टोल प्लाजा पर शुल्क वसूली के लिए कमर कस ली है। यह टोल वसूली सितंबर से शुरू होने की संभावना है, बशर्ते केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय की मंजूरी मिल जाए।
प्रस्तावित टोल दरों के अनुसार, निजी वाहनों (कार, वैन, जीप) के लिए एकतरफा यात्रा का शुल्क 105 और वापसी का शुल्क 155 होगा। वहीं, वाणिज्यिक वाहनों के लिए यह दर 355 से 535 तक हो सकती है। जो यात्री इस एक्सप्रेसवे का दैनिक उपयोग करते हैं, उनके लिए 3,000 का वार्षिक पास एक बेहतर विकल्प होगा, जिससे उन्हें एक ट्रिप के लिए लगभग 15 का खर्च आएगा।

एक्सप्रेसवे की सबसे बड़ी खासियत इसका मानव रहित (driverless) टोल सिस्टम है। सोनीपत के बाद यह दूसरा ऐसा टोल प्लाजा होगा जहां कोई कर्मचारी तैनात नहीं होगा। यह ऑटोमैटिक टोल मैनेजमेंट सिस्टम पूरी तरह से सेंसर-आधारित है, जो FASTag के जरिए बिना रुके शुल्क काट लेगा।
तकनीक से वाहनों को रुकना नहीं पड़ेगा, जिससे समय और ईंधन दोनों की बचत होगी। इसके अलावा, स्वचालित नंबर प्लेट पहचान प्रणाली (automatic number plate recognition system) पर भी काम चल रहा है, जिससे भविष्य में टोल प्लाजा पर रुकने की आवश्यकता पूरी तरह खत्म हो जाएगी। हाईवे पर प्रवेश करते ही एक यूनिक आईडी जनरेट होगी, और वाहन के गुजरते ही शुल्क सीधे बैंक खाते से कट जाएगा।

11 हजार 000 करोड़ की लागत से निर्मित, 29 किलोमीटर लंबा यह एक्सप्रेसवे भारतमाला परियोजना का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसका 18.9 किलोमीटर हिस्सा हरियाणा में और 10.1 किलोमीटर दिल्ली में है। यह एक्सप्रेसवे दिल्ली के महिपालपुर में शिव मूर्ति से शुरू होकर गुरुग्राम के खेड़की दौला टोल प्लाजा तक जाता है, जिससे दिल्ली और गुरुग्राम के बीच यात्रा का समय घटकर मात्र 20-25 मिनट रह गया है।
एक्सप्रेसवे के निर्माण में 2 लाख मीट्रिक टन स्टील और 20 लाख क्यूबिक मीटर सीमेंट का इस्तेमाल किया गया, जो इसे एक विशालकाय परियोजना बनाता है। यह देश का पहला सिंगल पिलर पर बना एलिवेटेड एक्सप्रेसवे है, जिसमें 34 अंडरपास, 31 सुरंग और 12 रोड ओवरब्रिज शामिल हैं। इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे के पास बनी 3.6 किलोमीटर लंबी 8-लेन टनल देश की सबसे चौड़ी अर्बन टनल है, जो इस परियोजना को और भी खास बनाती है।

द्वारका एक्सप्रेसवे का चालू होना सिर्फ एक सड़क परियोजना नहीं है, बल्कि यह राष्ट्रीय राजमार्ग-48 (NH-48) पर यातायात के दबाव को कम करने और दिल्ली-एनसीआर में कनेक्टिविटी को एक नया आयाम देने की दिशा में एक बड़ा कदम है। इसका अत्याधुनिक टोल सिस्टम, तेज और सुगम यात्रा सुनिश्चित करते हुए, आधुनिक शहरी परिवहन व्यवस्था का एक नया मानक स्थापित कर रहा है।










