Gurugram में 35 एकड़ में बसाई जा रही 5 Illegal Colonies पर चला बुलडोज़र, सड़कें और फार्महाउस ध्वस्त

Illegal Colonies : गुरुग्राम में अवैध कॉलोनियों के खिलाफ जिला नगर योजनाकार (DTP) विभाग की कार्रवाई लगातार जारी है। इसी कड़ी में 30 अक्टूबर 2026 को फर्रुखनगर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले मुबारिकपुर, खेड़ा झांझरोला, सुल्तानपुर और फर्रुखनगर में पांच अवैध कॉलोनियों के खिलाफ तोड़फोड़ अभियान चलाया गया ।
पुलिस बल की सहायता से की गई इस कार्रवाई में करीब 35 एकड़ क्षेत्र में फैली अवैध कॉलोनियों में सड़क नेटवर्क, बाउंड्री वॉल, कंटेनर कार्यालय, फार्महाउस और अन्य निर्माणों को ध्वस्त किया गया। डीटीपी अमित मधोलिया के अनुसार, यह अभियान अवैध कॉलोनियों में विकसित किए जा रहे निर्माणों पर कार्रवाई के तहत चलाया गया।
मुबारिकपुर में 3.5 एकड़ की अवैध कॉलोनी पर कार्रवाई
अमित मधोलिया ने बताया कि गांव मुबारिकपुर के राजस्व क्षेत्र में करीब 3.5 एकड़ में विकसित की जा रही एक अवैध कॉलोनी पर कार्रवाई की गई। इस कॉलोनी का विज्ञापन ‘वरदान ग्रुप’ और ‘3S डेवलपर्स’ के नाम से KMP के पास किया जा रहा था।
कार्रवाई के दौरान करीब 300 रनिंग मीटर इंटरलॉक सड़क नेटवर्क, 100 रनिंग मीटर तैयार बाउंड्री वॉल और एक कंटेनर कार्यालय को ध्वस्त किया गया।

खेड़ा झांझरोला में KPS Farms के दो फार्महाउस तोड़े
गांव खेड़ा झांझरोला के राजस्व क्षेत्र में करीब 15 एकड़ में विकसित की जा रही अवैध फार्महाउस कॉलोनी KPS Farms पर भी कार्रवाई की गई । इस दौरान दो फार्महाउस और कॉलोनी में बनाया गया पूरा कच्चा सड़क नेटवर्क ध्वस्त कर दिया गया।
सुल्तानपुर में 2 एकड़ की अवैध कॉलोनी पर कार्रवाई
गांव सुल्तानपुर के राजस्व क्षेत्र में करीब 2 एकड़ में विकसित की जा रही अवैध कॉलोनी में तोड़फोड़ अभियान चलाया गया। कार्रवाई के दौरान एक कबड्डी की दुकान को ध्वस्त किया गया ।
फर्रुखनगर में 15 एकड़ की दो अवैध कॉलोनियों पर कार्रवाई
फर्रुखनगर के चांद नगर रोड क्षेत्र में करीब 15 एकड़ में फैली दो अवैध कॉलोनियों के खिलाफ भी कार्रवाई की गई । इस दौरान दोनों कॉलोनियों में विकसित किए गए पूरे कच्चे सड़क नेटवर्क और एक कंटेनर कार्यालय को ध्वस्त किया गया।
पुलिस बल की मौजूदगी में चला अभियान
डीटीपी अमित मधोलिया ने बताया कि 30 अक्टूबर को चलाए गए इस अभियान में फर्रुखनगर थाना क्षेत्र की पुलिस टीम का सहयोग लिया गया। विभागीय कार्रवाई के दौरान अवैध कॉलोनियों में विकसित किए गए निर्माणों को हटाया गया । प्रशासन की इस कार्रवाई से अवैध कॉलोनियों में प्लॉटिंग और निर्माण गतिविधियों पर रोक लगाने का प्रयास किया गया है ।
