Drunk Driving: गुरुग्राम की सड़कों पर पैग लगाकर गाड़ी दौड़ाने वाले ‘बेवड़ों’ का कटा चालान, लाइसेंस भी सस्पेंड
चालान के साथ थमाया 3 महीने का 'नो ड्राइविंग' का अल्टीमेटम; ज्यादा उड़ने वाले एक महाशय पर तो दर्ज हो गया मुकदमा

Drunk Driving : साइबर सिटी गुरुग्राम की सड़कों पर शराब पीकर हुड़दंग मचाने और रफ्तार का शौक पालने वाले (Drunk Driving) वाहन चालकों के खिलाफ गुरुग्राम ट्रैफिक पुलिस ने अब तक का सबसे बड़ा हंटर चलाया है। जून 2026 के पूरे महीने चले एक विशेष और कड़े अभियान के दौरान पुलिस ने नियमों की धज्जियां उड़ाने वाले शराबी चालकों को सबक सिखाते हुए रिकॉर्ड तोड़ कार्रवाई की है। पुलिस की इस ताबड़तोड़ चेकिंग से पूरे शहर के वाहन चालकों में हड़कंप मचा हुआ है।
डीसीपी ट्रैफिक के निर्देश पर बनीं स्पेशल टीमें
यातायात को सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाने के लिए पुलिस उपायुक्त (यातायात) प्रतीक गहलोत (IPS) ने खुद इस अभियान की कमान संभाली। उनके कड़े दिशा-निर्देशों पर अमल करते हुए सहायक पुलिस आयुक्त यातायात मुख्यालय/हाईवे सत्यपाल यादव (HPS) की देखरेख में ट्रैफिक पुलिस की कई विशेष टीमों का गठन किया गया। इन टीमों को शहर के उन प्रमुख चौराहों, पब-बार के नजदीकी रास्तों और ब्लैक स्पॉट्स पर तैनात किया गया था, जहां अक्सर (Drunk Driving) ड्रिंक एंड ड्राइव के मामले सामने आते हैं।
जून के महीने में कार्रवाई के हैरान करने वाले आंकड़े:
1 जून से 30 जून 2026 तक चले (Drunk Driving) इस महा-अभियान के दौरान गुरुग्राम पुलिस ने जो आंकड़े दर्ज किए हैं, वे आंखें खोलने वाले हैं:
कुल चालान: नाके लगाकर की गई सघन चेकिंग के दौरान कुल 1,891 वाहन चालक शराब के नशे में गाड़ी चलाते (Drunk Driving) हुए पकड़े गए, जिनके तुरंत भारी-भरकम चालान काटे गए।
वाहन इंपाउंड: गंभीर लापरवाही बरतने वाले 15 वाहनों को मौके पर ही जब्त (इंपाउंड) कर पुलिस थाने का रास्ता दिखा दिया गया।
मुकदमा दर्ज: हद पार करने वाले 01 वाहन चालक के खिलाफ पुलिस ने सीधे एफआईआर (अभियोग) दर्ज कर कानूनी शिकंजा कसा है।
सिर्फ चालान नहीं, 3 महीने के लिए ‘पैदल’ हो जाएंगे चालक
गुरुग्राम ट्रैफिक पुलिस ने साफ कर दिया है कि शराब पीकर गाड़ी चलाना (Drunk Driving) सिर्फ एक साधारण जुर्माना भरने का मामला नहीं है। इस अभियान के तहत पकड़े गए सभी 1891 चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस को 03 महीने के लिए सस्पेंड करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। कानून के मुताबिक, सस्पेंशन की इस अवधि के दौरान ये लोग कोई भी वाहन नहीं चला सकेंगे। अगर कोई इस दौरान गाड़ी चलाते पकड़ा गया, तो उसे सीधे जेल की हवा खानी पड़ सकती है।
सुरक्षित सड़कों के लिए गुरुग्राम पुलिस का कड़ा संदेश
गुरुग्राम ट्रैफिक पुलिस द्वारा चलाए गए इस कड़े अभियान का मुख्य उद्देश्य सड़कों पर मासूम लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ करने वाले रईसजादों और शराबी चालकों पर नकेल कसना है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह अभियान सिर्फ जून महीने तक सीमित नहीं है, बल्कि भविष्य में भी नियमों की पालना सुनिश्चित कराने और यातायात को पूरी तरह सुरक्षित व व्यवस्थित बनाने के लिए ऐसी औचक और सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। पुलिस ने आम जनता से भी अपील की है कि ‘सड़क सुरक्षा-जीवन रक्षा’ के सिद्धांत को अपनाएं और नशे में कभी भी स्टीयरिंग न संभालें।