Digital Arrest : बुजुर्ग महिला को फोन कर किया ‘फर्ज़ी गिरफ्तार’, खाते से उड़ा लिए 80 लाख रुपए

Digital Arrest : गुरुग्राम में साइबर अपराधियों ने एक 70 वर्षीय बुजुर्ग महिला को ‘डिजिटल अरेस्ट’ का शिकार बनाकर करीब 80 लाख रुपये की भारी-भरकम ठगी कर ली। ठगों ने खुद को सरकारी एजेंसियों और मुंबई पुलिस का अधिकारी बताकर महिला को यह यकीन दिलाया कि उनका आधार कार्ड और बैंक खाता एक मनी-लॉन्ड्रिंग केस में इस्तेमाल हुआ है। डर और दबाव में आई महिला को उन्होंने लगातार फोन और वीडियो कॉल पर 48 घंटे तक अपनी निगरानी में रखा।
पीड़िता सेक्टर-67 की रहने वाली है। ठगों ने उससे कहा कि उसकी एफडी और बैंक में जमा राशि जब्त हो सकती है, इसलिए उसे अपनी “क्लीन मनी” एक सुरक्षित सरकारी खाते में ट्रांसफर करनी होगी। इस झांसे में आकर महिला ने अपनी कई फिक्स्ड डिपॉजिट तोड़कर रकम ठगों द्वारा बताए गए खातों में भेज दी। कुल मिलाकर लगभग ₹78.89 लाख उसके खाते से निकल गए।
महिला को जब बाद में शक हुआ और कॉल्स बंद हो गईं, तो उसने मामले की शिकायत साइबर थाना (दक्षिण) में की। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गैंग ने इंटरनेट कॉलिंग और व्हाट्सएप वीडियो का इस्तेमाल कर महिला को मानसिक रूप से डराया और उसे बाहर किसी से संपर्क करने से रोका।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह ‘डिजिटल अरेस्ट’ गिरोह संगठित तरीके से काम करता है और बुजुर्गों व अकेले रहने वाले लोगों को निशाना बनाता है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी कॉलर द्वारा खुद को पुलिस, CBI, NIA या बैंक अधिकारी बताने की स्थिति में तुरंत हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत करें और किसी भी अनजान खाते में पैसे न भेजें।











