Demolition: गुरुग्राम में चला ‘पीला पंजा’, स्टिल्ट पार्किंग में चल रहे कमर्शियल ऑफिसों को किया गया ध्वस्त

नाथूपुर रोड और S-ब्लॉक में जिला नगर योजनाकार की बड़ी कार्रवाई;,हाईकोर्ट के आदेश पर कई अवैध दफ्तर जमींदोज,

Demolition : साइबर सिटी गुरुग्राम के पॉश इलाके डीएलएफ फेज-3 (DLF Phase-3) में अवैध निर्माणों और नियमों को ताक पर रखकर चल रही व्यावसायिक गतिविधियों के खिलाफ प्रशासन का हंटर लगातार चल रहा है। जिला नगर योजनाकार (प्रवर्तन) यानी डीटीपीई (DTPE) का महा-अभियान यहाँ तीसरे दिन भी पूरी आक्रामकता के साथ जारी रहा। इस कार्रवाई से इलाके के अवैध कब्जाधारियों और प्रॉपर्टी डीलरों में हड़कंप मचा हुआ है। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ यह सख्त कार्रवाई पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के आदेशों की अनुपालना में की जा रही है।

Demolition : कार्रवाई के मुख्य बिंदु 

  • लोकेशन: डीएलएफ फेज-3 के नाथूपुर रोड और एस (S) ब्लॉक।

  • किसके नेतृत्व में: DTPE अमित माधोलिया और उनकी टीम।

  • मुख्य टारगेट: रिहायशी प्लॉटों में चल रही व्यावसायिक गतिविधियां और अवैध निर्माण।

  • बड़ी कार्रवाई: स्टिल्ट पार्किंग एरिया में बनाए गए अवैध दफ्तरों को पूरी तरह ध्वस्त किया गया।

Demolition : S-ब्लॉक में भारी पुलिस बल के साथ पहुंचा बुलडोजर

विभागीय अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार, तीसरे दिन की कार्रवाई का मुख्य केंद्र डीएलएफ फेज-3 का नाथूपुर रोड और एस-ब्लॉक रहा। डीटीपीई अमित माधोलिया के नेतृत्व में विभाग की टीम भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची। जैसे ही जेसीबी (बुलडोजर) ने अवैध निर्माणों को ढहाना शुरू किया, वहां हड़कंप मच गया। टीम ने नाथूपुर रोड पर स्थित कई इमारतों के स्टिल्ट पार्किंग क्षेत्र में अवैध रूप से बनाए गए कार्यालयों (Offices) और अन्य अवैध ढांचों को देखते ही देखते मलबे में तब्दील कर दिया।

Demolition : नियमों की उड़ाई जा रही थी धज्जियां: पार्किंग में चल रहे थे ऑफिस

अधिकारियों ने मौके पर पाया कि कई भवन मालिकों ने बिल्डिंग बायलॉज (Building Bye-Laws) का सरेआम उल्लंघन किया था। नियमों के मुताबिक, इमारतों में स्टिल्ट पार्किंग (Stilt Parking) का प्रावधान केवल वाहनों को खड़ा करने के लिए होता है, ताकि सड़कों पर ट्रैफिक जाम न लगे।

अधिकारियों का बयान: “कई मकान मालिकों ने स्टिल्ट पार्किंग को चारों तरफ से कवर करके उसे कमर्शियल ऑफिस और दुकानों का रूप दे दिया था। यह पूरी तरह से गैरकानूनी है। रिहायशी इलाकों में ऐसी व्यावसायिक गतिविधियां बर्दाश्त नहीं की जा सकतीं।”

भवन मालिकों को सख्त चेतावनी, आगे भी जारी रहेगा अभियान

कार्रवाई के दौरान न केवल अवैध निर्माणों को हटाया गया, बल्कि संबंधित भवन मालिकों और कब्जेधारियों को भविष्य के लिए सख्त लहजे में चेतावनी भी दी गई। अधिकारियों ने साफ कहा कि अगर दोबारा इन जगहों पर अवैध निर्माण या कमर्शियल एक्टिविटी शुरू की गई, तो उनके खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज कराई जाएगी।

डीटीपीई कार्यालय ने स्पष्ट कर दिया है कि पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के सख्त निर्देशों के तहत यह अभियान अभी रुकने वाला नहीं है। आने वाले दिनों में रिहायशी क्षेत्रों में चल रहे अन्य अवैध कमर्शियल कॉम्प्लेक्स, अतिक्रमण और अवैध निर्माणों के खिलाफ भी इसी तरह का सख्त एक्शन देखने को मिलेगा।

Manu Mehta

मनु मेहता पिछले लगभग 18 वर्षों से गुरुग्राम की पत्रकारिता में सक्रिय एक अनुभवी और विश्वसनीय पत्रकार हैं। उन्होंने कई बड़े नेशनल न्यूज़ चैनलों (ANI News, News Express, TV 9,… More »
Back to top button