Delhi-NCR में नेपाली चोर गैंग का ख़तरा : नेपाल में हो रही डकैती की ट्रेनिंग, पुलिस की सख्त चेतावनी

इंस्पेक्टर शर्मा ने कहा नेपाली लोगों को घर पर काम करने के लिए नौकर बिल्कुल न रखें। ये सिर्फ घरों में चोरी करने के लिए आते हैं, घर की सभी जानकारी जुटाने के बाद कुछ ही दिनों में चोरी की वारदात को अंजाम देकर फरार हो जाते हैं।

Delhi-NCR :  गुरुग्राम में चोरी की बढ़ती वारदातों के पीछे एक बेहद खतरनाक और संगठित पैटर्न सामने आया है। अपराध शाखा की गहन जांच में खुलासा हुआ है कि चोरी की बड़ी घटनाओं को अंजाम देने के लिए नेपाल के तीन जिलों में दस से अधिक गैंग शातिर चोरों को पेशेवर तरीके से प्रशिक्षित कर रहे हैं और उन्हें विशेष रूप से भारत भेज रहे हैं।

खुफिया जानकारी के अनुसार, नेपाल के जिले गौरी फैंटा, धनगढ़ी और अच्छाम में ये गैंग सबसे ज्यादा सक्रिय हैं। यहीं पर चोरों को ताले तोड़ने और 5 से 7 मिनट के भीतर पूरे घर को साफ करने की ट्रेनिंग दी जाती है। ये प्रशिक्षित चोर हर तरह के ताले तोड़ने में माहिर होते हैं और चोरी के बाद भागने का पूरा रूट पहले से तैयार रखते हैं।

गुरुग्राम के सेक्टर-17 इलाके में अक्टूबर माह में हुई एक चोरी की जांच के दौरान नेपाल गई पुलिस टीम को इस पूरे संगठित ऑपरेशन के बारे में चौंकाने वाली जानकारी मिली।

इन गैंग्स का सबसे खतरनाक तरीका है, घरों में नौकरी पाना। ये अपराधी निजी एजेंसियों के माध्यम से या पुराने, भरोसेमंद नौकरों की जगह फर्जी दस्तावेजों के साथ खुद को घर में प्रवेश दिलाते हैं।

फेसबुक से जानकारी: चोरी की योजना बनाने के लिए ये शातिर चोर फेसबुक के ज़रिए पुराने नौकरों से भी संपर्क साधकर लोगों के घरों और कीमती सामानों के बारे में पूरी जानकारी जुटाते हैं।

फर्जी दस्तावेज़: ये गिरोह निजी एजेंसियों को भी फर्जी दस्तावेज़ देते हैं, जिनका सत्यापन ठीक से नहीं हो पाता है।

चोरी की वारदात को अंजाम देने के लिए ये अपराधी पहले घर के लोगों के खाने में नींद की दवा मिला देते हैं। जैसे ही घर के लोग बेहोश होते हैं, ये शातिर चोर केवल 5 से 7 मिनट के भीतर चोरी की घटना को अंजाम देकर फरार हो जाते हैं। कई बार तो ये भागने के लिए मकान मालिक की कार भी चुरा लेते हैं।

चोरी के तुरंत बाद, ये चोर दिल्ली-एनसीआर से कैब या बस पकड़ते हैं और उत्तर प्रदेश के लखीमपुर-खीरी बॉर्डर के रास्ते तेज़ी से नेपाल में प्रवेश कर जाते हैं। वारदात को अंजाम देने के 24 घंटे के भीतर चोर वापस नेपाल पहुंच जाते हैं, जिससे उन्हें पकड़ना लगभग असंभव हो जाता है।

नेपाल के धनगढ़ी जिले में पहुंचते ही चोर एक होटल में रुकते हैं और वहीं सुनार को बुलाया जाता है। 48 घंटे के भीतर ही चोरी किए गए सोने को बेच दिया जाता है, और सुनार भी उसका आकार बदल देता है, ताकि उसे पकड़ा न जा सके।

अपराध शाखा सेक्टर-43 के प्रभारी इंस्पेक्टर नरेंद्र शर्मा ने इस गंभीर स्थिति को देखते हुए नागरिकों को सख्त चेतावनी दी है। उन्होंने बताया कि भारत और नेपाल के बीच आरोपियों को पकड़कर लाने की कोई संधि नहीं है। इसी का फायदा चोर उठाते हैं, क्योंकि नेपाल जाने के बाद उन्हें वापस लाना कानूनी रूप से बहुत मुश्किल होता है।

इंस्पेक्टर शर्मा ने कहा नेपाली लोगों को घर पर काम करने के लिए नौकर बिल्कुल न रखें। ये सिर्फ घरों में चोरी करने के लिए आते हैं, घर की सभी जानकारी जुटाने के बाद कुछ ही दिनों में चोरी की वारदात को अंजाम देकर फरार हो जाते हैं।

उन्होंने नागरिकों से अपील की है कि चोरी की इन घटनाओं को केवल जागरूकता से ही रोका जा सकता है। पुलिस ने चेतावनी दी है कि ये गिरोह फर्जी दस्तावेज़ बनाने में माहिर होते हैं, इसलिए सत्यापन निजी एजेंसी पर नहीं, बल्कि व्यक्तिगत स्तर पर पुख्ता होना बेहद ज़रूरी है।

Sunil Yadav

सुनील यादव पिछले लगभग 15 वर्षों से गुरुग्राम की पत्रकारिता में सक्रिय एक अनुभवी और विश्वसनीय पत्रकार हैं। उन्होंने कई बड़े नेशनल न्यूज़ चैनलों में ( India Tv, Times Now,… More »
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