20 दिन बाद बदलने जा रही है Delhi-NCR की रफ्तार, जानें उस हाईवे के बारे में, जो बदलेगा 6 शहरों की किस्मत
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने किया DND-फरीदाबाद-सोहना एक्सेस कंट्रोल्ड कॉरिडोर का निरीक्षण

Delhi-NCR : राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) के करोड़ों वाहन चालकों के लिए राहत की बड़ी खबर है। दिल्ली-एनसीआर में ट्रैफिक के भारी दबाव को कम करने और दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे को राजधानी से सीधे जोड़ने वाले महत्वाकांक्षी DND-फरीदाबाद-सोहना एक्सेस कंट्रोल्ड हाईवे का पहला चरण (DND फ्लाईवे से जैतपुर) अगले 20 दिनों के भीतर पूरी तरह तैयार हो जाएगा। इसके उद्घाटन के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अनुरोध किया जाएगा।
केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने मंगलवार को दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, केंद्रीय राज्य मंत्रियों और हरियाणा व दिल्ली के लोक निर्माण विभाग (PWD) मंत्रियों के साथ इस 6-लेन हाई-स्पीड कॉरिडोर का जमीनी निरीक्षण किया। निरीक्षण के बाद केंद्रीय मंत्री ने घोषणा की कि इस स्ट्रेच के खुलते ही नोएडा, पूर्वी दिल्ली और दक्षिण दिल्ली से सोहना जाने वाले यात्री शहर के सबसे भारी जाम (जैसे आश्रम और बदरपुर) से बचे बिना सीधे एक्सप्रेसवे पर चढ़ सकेंगे।
25 मिनट में सोहना और 45 मिनट में जेवर एयरपोर्ट
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने बताया कि इस कॉरिडोर के शुरू होने से महारानी बाग (DND फ्लाईवे) से सोहना की दूरी महज 25 मिनट में तय की जा सकेगी। इसके साथ ही, फरीदाबाद के चंदावली गांव से उत्तर प्रदेश के गौतम बुद्ध नगर (dayanapur) में बन रहे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर) को जोड़ने वाले 31.425 किलोमीटर लंबे एक अन्य एक्सप्रेसवे लिंक का काम भी तेजी से चल रहा है।
करीब 2,360 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इस 6-लेन कनेक्टिंग लिंक के पूरा होने के बाद, दक्षिण दिल्ली, गुरुग्राम और फरीदाबाद के लोग केवल 45 मिनट में जेवर एयरपोर्ट पहुंच सकेंगे। इससे इंदिरा गांधी इंटरनेशनल (IGI) एयरपोर्ट पर हवाई यात्रियों का दबाव भी काफी कम होगा।
छह शहरों को जोड़ेगा एक कॉरिडोर
भारतमाला परियोजना के तहत कुल 59.063 किलोमीटर लंबे इस मुख्य कॉरिडोर को 4,463 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से विकसित किया जा रहा है। यह पूरी तरह से ‘एक्सेस-कंट्रोल्ड’ (सीमित प्रवेश-निकास वाला) कॉरिडोर है, जो छह प्रमुख शहरों दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, फरीदाबाद, गुरुग्राम और सोहना को एक हाई-स्पीड ट्रांसपोर्ट नेटवर्क से जोड़ देगा।
एक्सप्रेसवे दिल्ली में महारानी बाग के पास DND फ्लाईवे और रिंग रोड के जंक्शन से शुरू होकर कालिंदी कुंज, जैतपुर-मीठापुर मार्ग और फरीदाबाद बाईपास होते हुए हरियाणा के नूंह जिले के खलीलपुर के पास केएमपी (KMP) एक्सप्रेसवे से जुड़ेगा।
इंजीनियरिंग का बेजोड़ नमूना: दिल्ली-एनसीआर का पहला ‘नेटवर्क आर्क ब्रिज’
इस कॉरिडोर के निर्माण में कई आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल किया गया है। इसका सबसे बड़ा आकर्षण आगरा नहर पर बनाया गया 140 मीटर लंबा ‘नेटवर्क आर्क ब्रिज’ है, जो दिल्ली-एनसीआर का पहला आधुनिक आर्क ब्रिज है।
नहर के पानी का प्रवाह प्रभावित न हो, इसलिए इस पुल को बिना किसी मध्यवर्ती पिलर (इंटरमीडिएट पिलर) के हवा में सस्पेंडर्स के सहारे तैयार किया गया है। इसे बनाने में 2,396 मीट्रिक टन उच्च क्षमता वाले E450 स्ट्रक्चरल स्टील और ग्रेड 10.9 हाई-टेंसिल बोल्ट का इस्तेमाल किया गया है। इसमें भूकंप रोधी ‘हाई-डैम्पिंग रबर बियरिंग्स’ और ‘स्विवेल एक्सपेंशन जॉइंट्स’ लगाए गए हैं। इस पुल के पियर कैप्स की चौड़ाई 36.4 मीटर और आर्क रिब की ऊंचाई 47 मीटर है, जो देश में सबसे चौड़े पियर कैप्स में से एक हैं।
कॉरिडोर का 7 किलोमीटर हिस्सा एलिवेटेड है, जो दिल्ली मेट्रो की मजेंटा लाइन सहित 4 अलग-अलग मेट्रो लाइनों के ऊपर से गुजरता है। इस घनी आबादी वाले क्षेत्र में निर्माण करना एनएचएआई (NHAI) के लिए बेहद चुनौतीपूर्ण था।
पर्यावरण का रखा ध्यान: कचरे के पहाड़ों से बनी सड़क
ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट के साथ-साथ इस हाईवे के निर्माण में पर्यावरण संरक्षण का विशेष ध्यान रखा गया है। दिल्ली के ओखला और गाजीपुर लैंडफिल (कूड़े के पहाड़ों) से 2 लाख मीट्रिक टन बायो-माइंड इनर्ट मटेरियल (कचरे से प्रसंस्कृत सामग्री) का उपयोग सड़क के बेस को भरने में किया गया है, जिससे प्राकृतिक मिट्टी पर निर्भरता कम हुई है। इसके अलावा, कॉरिडोर के आसपास ध्वनि प्रदूषण रोकने के लिए ‘नॉइज़ बैरियर’ लगाए जा रहे हैं और बड़े पैमाने पर लैंडस्केपिंग व वृक्षारोपण किया जा रहा है। वन भूमि के बदले में एनटीपीसी (NTPC) की 10 हेक्टेयर बंजर भूमि पर दिल्ली सरकार द्वारा ‘जंगल सफारी’ प्रोजेक्ट विकसित किया जा रहा है।
दिल्ली-एनसीआर के लिए ₹34,000 करोड़ का मेगा प्लान
गडकरी ने बताया कि केंद्र सरकार दिल्ली-एनसीआर को जाम और प्रदूषण से मुक्त करने के लिए 1.25 लाख करोड़ रुपये का ‘डीकंजेस्ट प्लान’ चला रही है। इसी के तहत केवल दिल्ली-एनसीआर के लिए 34,000 करोड़ रुपये की नई परियोजनाओं की घोषणा की गई है। इनमें यूईआर-2 (UER-II) से दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे तक 6-लेन लिंक और दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे से नोएडा व फरीदाबाद को जोड़ने वाली एक अन्य 6-लेन सड़क शामिल है। (Delhi-NCR)
निरीक्षण के दौरान दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भी केंद्र सरकार की सराहना करते हुए कहा कि दिल्ली और उसके आसपास हाईवे विकास के लिए केंद्र ने करीब 1.3 लाख करोड़ रुपये का निवेश किया है। अगर ये एक्सप्रेसवे और टनल नेटवर्क न बनते, तो आज दिल्ली के जाम की स्थिति अकल्पनीय होती। (Delhi-NCR)