Delhi NCR Master Plan 2041 को मिली रफ्तार,दिल्ली से गुरुग्राम, सोनीपत और गाजियाबाद तक 30 मिनट की सुपरफास्ट कनेक्टिविटी

Delhi NCR Master Plan 2041 : नेशनल कैपिटल रीजन प्लानिंग बोर्ड (NCRPB) की 16 जून को हुई उच्चस्तरीय बैठक में दिल्ली एनसीआर मास्टर प्लान 2041 (Regional Plan 2041) को लेकर कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर चर्चा हुई । केंद्रीय आवास एवं शहरी विकास मंत्री मनोहर लाल खट्टर, हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी समेत दिल्ली, उत्तर प्रदेश और राजस्थान के प्रतिनिधियों ने बैठक में हिस्सा लिया।
बैठक में साफ कर दिया गया कि फिलहाल एनसीआर के मौजूदा दायरे में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा। हरियाणा के कुछ जिलों को एनसीआर से बाहर करने की चर्चाओं के बीच यह फैसला अहम माना जा रहा है।
30 मिनट में होगी NCR के प्रमुख शहरों तक पहुंच
मास्टर प्लान 2041 के तहत दिल्ली और एनसीआर के प्रमुख शहरों के बीच यात्रा समय कम करने की योजना बनाई गई है। प्रस्ताव के अनुसार गुरुग्राम, गाजियाबाद, फरीदाबाद और सोनीपत जैसे शहरों तक लगभग 30 मिनट में पहुंचने के लिए हाई स्पीड मास ट्रांजिट नेटवर्क विकसित किया जाएगा।
इसके अलावा करनाल, हापुड़, बुलंदशहर और जींद जैसे शहरों को एक घंटे की कनेक्टिविटी के दायरे में लाने का लक्ष्य रखा गया है, जबकि दूरस्थ क्षेत्रों को रैपिड रेल और एक्सप्रेसवे नेटवर्क के जरिए 2 से 3 घंटे में जोड़ने की योजना है।
आठ नए नमो भारत कॉरिडोर को मिलेगी रफ्तार
दिल्ली-मेरठ नमो भारत कॉरिडोर के बाद अब दिल्ली-गुरुग्राम-शाहजहांपुर-नीमराना-अलवर और दिल्ली-पानीपत-करनाल समेत आठ नए RRTS कॉरिडोर पर तेजी से काम आगे बढ़ाने की तैयारी है।
दिल्ली में ट्रैफिक दबाव कम करने के लिए करनाल और राजस्थान के नीमराना तक नमो भारत नेटवर्क के विस्तार पर भी चर्चा हुई। इसके अलावा लंबी दूरी के लिए सुपरफास्ट मास ट्रांजिट रेल सिस्टम और ऑर्बिटल रेल नेटवर्क पर भी विचार किया गया।
हर राज्य में बनेगी एक-एक ‘नमो सिटी’
बैठक में दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में एक-एक नई “नमो सिटी” विकसित करने के प्रस्ताव पर भी सहमति बनी। इन शहरों को आधुनिक सुविधाओं और बेहतर कनेक्टिविटी के साथ विकसित किया जाएगा। Delhi NCR Master Plan 2041
आठ नए स्मार्ट शहर बसाने की तैयारी
दिल्ली पर बढ़ते जनसंख्या दबाव को कम करने के लिए हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में 5 से 8 नई ग्रीनफील्ड टाउनशिप विकसित करने की योजना बनाई गई है।
हरियाणा में KMP एक्सप्रेसवे के आसपास प्रस्तावित पंचग्राम प्रोजेक्ट और उत्तर प्रदेश में न्यू नोएडा तथा यमुना सिटी को इस योजना में शामिल किया जा सकता है। इन शहरों को हाई स्पीड रेल और रैपिड ट्रांजिट स्टेशनों के आसपास विकसित किया जाएगा। Delhi NCR Master Plan 2041
2030 तक दुनिया का सबसे बड़ा शहरी क्लस्टर बनेगा NCR
अनुमान है कि अगले 10 से 15 वर्षों में एनसीआर की आबादी में करीब 3 करोड़ लोगों की बढ़ोतरी होगी। वर्ष 2030 तक दिल्ली-एनसीआर जापान के टोक्यो को पीछे छोड़कर दुनिया का सबसे बड़ा शहरी क्लस्टर बन सकता है। एनसीआर के विकास के लिए लगभग 20 लाख करोड़ रुपये के निवेश का अनुमान लगाया गया है।
हरियाणा के पांच जिले फिलहाल रहेंगे NCR में शामिल
हरियाणा सरकार ने महेंद्रगढ़, जींद, भिवानी, चरखी दादरी और करनाल को एनसीआर क्षेत्र से बाहर करने की मांग उठाई थी। हालांकि एनसीआर प्लानिंग बोर्ड की बैठक में मौजूदा 55,083 वर्ग किलोमीटर क्षेत्रफल वाले एनसीआर को यथावत रखने का प्रस्ताव सामने आया। इसका मतलब है कि फिलहाल एनसीआर का दायरा कम नहीं होगा और मौजूदा सब-रीजनल प्लान पहले की तरह लागू रहेगा।