Dangerous Road In Gurugram : सर्वे रिपोर्ट में खुलासा, खतरों से भरा है Delhi Gurugram Expressway, थार हादसे के बाद टूटी नींद
गुरुग्राम ट्रैफिक पुलिस ने खुलासा किया है कि दिल्ली गुरुग्राम एक्सप्रेसवे पर करीब 45 ऐसी जगह हैं जो कि बेहद खतरनाक है । ये वो 45 जगह हैं जहां पर सबसे ज्यादा सड़क हादसे होते हैं ।

Dangerous Road In Gurugram : Delhi Gurugram Expressway पर शनिवार सुबह गुरुग्राम में हुए थार गाड़ी के भीषण सड़क हादसे के बाद आखिरकार गुरुग्राम ट्रैफिक पुलिस की नींद टूट ही गई । गुरुग्राम पुलिस अब इस एक्सप्रेसवे पर खतरों के निशान लगाएगी ताकि रात के अंधेरे में चलते वक्त रिफ्लेक्टर की वजह से पहले ही वाहन चालक आगाह हो जाए ।
गुरुग्राम ट्रैफिक पुलिस ने खुलासा किया है कि दिल्ली गुरुग्राम एक्सप्रेसवे पर करीब 45 ऐसी जगह हैं जो कि बेहद खतरनाक है । ये वो 45 जगह हैं जहां पर सबसे ज्यादा सड़क हादसे होते हैं । इन हादसों की वजह होती है कि इन जगहों पर किसी तरह के दिशा सूचक (साइन बोर्ड) नहीं लगे हुए । इन जगहों पर किसी तरह के रिफ्लेक्टर्स नहीं लगे हुए जिनकी वजह से कई बार वाहन चालक भ्रमित हो जाता है ।
साइनेज बोर्ड ना होने की वजह से कई बार वाहन चालक अचानक से ही अपने वाहन की स्पीड कम कर देता है और पीछे से स्पीड से आ रहे वाहन की वजह से सड़क हादसे हो जाते हैं । इसके अलावा इस एक्सप्रेसवे पर वाहनों की स्पीड को नियंत्रित करने के लिए भी कोई खास इंतजाम नहीं किए गए हैं । दिल्ली गुरुग्राम एक्सप्रेसवे पर टोल तो भारी भरकम वसूला जाता है लेकिन रात के समय में इस एक्सप्रेसवे पर ठीक से स्ट्रीट लाइट्स भी नहीं जलती ।
गुरुग्राम ट्रैफिक पुलिस ने इस एक्सप्रेसवे का सर्वे कराया था जिसमें कुल 45 ऐसे प्वाइंट्स मिलें हैं जिनमें खामियां पाइ गई हैं । अब गुरुग्राम ट्रैफिक पुलिस प्राइवेट कंपनियों के साथ मिलकर इन जगहों पर साइनेज बोर्ड, स्पीड लिमिट के बोर्ड्स और स्पीड को नियंत्रित करने के लिए रंबल स्ट्रिप्स लगवाएगी ।
इस रिपोर्ट के सामने आने के बाद एक बात साफ होती है कि अब तक अधिकारी केवल हाथ पर हाथ धरकर बैठे थे । लेकिन जब शनिवार को थार गाड़ी हादसे का शिकार हुई और उसमें पांच युवक युवतियों की मौत हुई तो प्रशासन की नींद खुली है । लेकिन सवाल ये है कि जब इस एक्सप्रेसवे पर पिछले कई सालों से टोल वसूला जा रहा है तो ये जिम्मेवारी टोल कंपनी की होनी चाहिए ना कि प्रशासन की । प्रशासन को टोल कंपनी के खिलाफ भी एक्शन लेना चाहिए जिन्होंने जिम्मेवारी से काम नहीं किया ।