Crime News: एमटीपी किट के अवैध कारोबार का भंडाफोड़, मेडिकल स्टोर मालिक गिरफ्तार
पुलिस ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम, मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेगनेंसी एक्ट और भारतीय न्याय संहिता की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। यह कार्रवाई अवैध रूप से बेची जा रही दवाओं पर अंकुश लगाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। स्वास्थ्य विभाग ने चेतावनी दी है कि ऐसे अवैध कारोबार में लिप्त लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

Crime News: गुरुग्राम में अवैध रूप से एमटीपी (मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेगनेंसी) किट बेचने वाले एक बड़े रैकेट का भंडाफोड़ हुआ है। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने एक गुप्त सूचना के आधार पर सेक्टर-48 स्थित एक मेडिकल स्टोर पर छापा मारकर दो लोगों को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई ने बिना डॉक्टर की सलाह और पर्ची के गर्भपात किट बेचने के खतरनाक चलन को उजागर किया है।
मिली जानकारी के अनुसार, सिविल सर्जन डॉ. अलका सिंह को शिकायत मिली थी कि एक मेडिकल स्टोर अवैध रूप से एमटीपी किट बेच रहा है, जिससे महिलाओं के जीवन को गंभीर खतरा हो सकता है। इस सूचना पर तुरंत कार्रवाई करते हुए, उप सिविल सर्जन डॉ. जेपी राजलीवाल के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई। टीम ने एक महिला को नकली ग्राहक बनाकर भेजा। महिला ने 11 सप्ताह की गर्भावस्था की अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट दिखाकर किट मांगी, जिसके बदले उसे 1500 रुपये में तुरंत किट दे दी गई।
नकली ग्राहक के इशारे पर, स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सदर थाना पुलिस के साथ मिलकर तुरंत मेडिकल स्टोर पर छापा मारा। मौके पर जावेद नामक व्यक्ति को पकड़ा गया, जिसने खुलासा किया कि मेडिकल स्टोर मोहम्मद आरिफ के नाम पर पंजीकृत है। इसके बाद, पुलिस ने मोहम्मद आरिफ को भी गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम, मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेगनेंसी एक्ट और भारतीय न्याय संहिता की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। यह कार्रवाई अवैध रूप से बेची जा रही दवाओं पर अंकुश लगाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। स्वास्थ्य विभाग ने चेतावनी दी है कि ऐसे अवैध कारोबार में लिप्त लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
जांच टीम में डॉ. प्रदीप कुमार, डॉ. हरीश कुमार और जिला ड्रग कंट्रोल अधिकारी अमनदीप चौहान शामिल थे। यह घटना इस बात की याद दिलाती है कि मेडिकल स्टोरों पर अवैध दवाओं की बिक्री पर कड़ी निगरानी रखना कितना जरूरी है।












