Crime News: ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर ठगी, गुरुग्राम पुलिस ने बैंक मैनेजर समेत 4 को किया गिरफ्तार
गुरुग्राम पुलिस द्वारा अब तक अलग-अलग साइबर अपराध के मामलों में कुल 37 बैंक कर्मचारियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जो इस तरह के आपराधिक नेटवर्क की व्यापकता को दिखाता है।

Crime News: साइबर ठगों ने अब सीधे-सादे लोगों को ठगने के लिए बैंक कर्मचारियों के साथ मिलकर एक नया जाल बिछाया है। गुरुग्राम पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए स्टॉक ट्रेडिंग में निवेश का लालच देकर करोड़ों की धोखाधड़ी करने वाले एक गिरोह का भंडाफोड़ किया है। इस मामले में एक बैंक मैनेजर समेत कुल 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
16 मार्च 2025 को साइबर क्राइम पुलिस पश्चिम, गुरुग्राम को एक शिकायत मिली। एक पीड़ित ने बताया कि उसे व्हाट्सएप ग्रुप पर आकर्षक मुनाफे का लालच देकर ठगी का शिकार बनाया गया। मामले की जांच के दौरान, पुलिस ने पाया कि यह एक संगठित गिरोह है, जिसमें बैंक कर्मचारी भी शामिल हैं।
साइबर अपराध सहायक पुलिस आयुक्त प्रियान्शु दिवान के नेतृत्व में इंस्पेक्टर संदीप कुमार की टीम ने इस मामले में चार आरोपियों को गुरुग्राम से गिरफ्तार किया, जिनकी पहचान शुभम कौशिक (डिप्टी मैनेजर, बंधन बैंक), बलराम, डेविड गौतम और नवल के रूप में हुई है। ये सभी उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले से हैं।
पुलिस पूछताछ में पता चला कि ठगी की गई रकम में से 3 लाख रुपये असलम नाम के एक व्यक्ति के खाते में ट्रांसफर किए गए थे। चौंकाने वाली बात यह है कि दो बैंक कर्मचारियों, जितेंद्र और अमित ने इस खाते का मोबाइल नंबर बदलवाकर इसे साइबर ठगों डेविड और नवल को 10% कमीशन पर दिया था।
जब ठगी के पैसे इस खाते में आए, तो बैंक ने इसे होल्ड पर डाल दिया था। लेकिन, आरोपी शुभम कौशिक (डिप्टी मैनेजर, बंधन बैंक) ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए इस खाते से होल्ड हटा दिया। उसने 3 लाख 96 हजार रुपये आरोपी बलराम के खाते में ट्रांसफर कर दिए, जिसके बाद बलराम ने ये पैसे निकालकर शुभम और उसके साथी बैंक कर्मचारी को दे दिए। बलराम को इस काम के बदले 5 हजार रुपये का कमीशन मिला था।
गुरुग्राम पुलिस के मुताबिक, इस मामले में शुभम कौशिक सहित कुल 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है और जांच जारी है। यह गिरफ्तारी यह भी दर्शाती है कि साइबर ठगों ने अब सीधे बैंक कर्मचारियों से साठ-गांठ कर ली है, ताकि ठगी के पैसों को आसानी से निकाला जा सके।
गुरुग्राम पुलिस द्वारा अब तक अलग-अलग साइबर अपराध के मामलों में कुल 37 बैंक कर्मचारियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जो इस तरह के आपराधिक नेटवर्क की व्यापकता को दिखाता है।