Copycat : मेवाती सबसे ज्यादा नकलबाज! हरियाणा शिक्षा बोर्ड ने जारी की जिलेवार नकलबाजयों की रिपोर्ट, नूंह और पलवल अव्वल
10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं में नकल के मामले में नूंह (मेवात) ने मारी बाजी, बोर्ड ने 441 नकलचियों पर कसी नकेल।

Copycat : हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की हाल ही में संपन्न हुई 10वीं और 12वीं की परीक्षाओं के आंकड़ों ने सबको चौंका दिया है। बोर्ड द्वारा जारी जिलेवार रिपोर्ट के अनुसार, प्रदेश भर में नकल के कुल 441 मामले दर्ज किए गए हैं। इस फेहरिस्त में नूंह (मेवात) जिला सबसे ऊपर रहा है, जिसने नकल के मामले में प्रदेश के अन्य सभी जिलों को पीछे छोड़ दिया है।
नूंह और पलवल में सबसे ज्यादा मामले
आंकड़ों पर गौर करें तो अकेले नूंह जिले में नकल के 74 मामले सामने आए हैं। इसके बाद दूसरे स्थान पर पलवल रहा, जहाँ 61 मामले दर्ज किए गए। अन्य प्रमुख जिलों की स्थिति इस प्रकार रही:
सोनीपत: 50 मामले
पानीपत: 41 मामले
रोहतक: 38 मामले
गुरुग्राम: 37 मामले
इन जिलों ने पेश की ईमानदारी की मिसाल
जहाँ एक ओर मेवात और पलवल में नकल का बोलबाला रहा, वहीं यमुनानगर और अंबाला जिलों ने एक मिसाल पेश की है। इन दोनों ही जिलों में नकल का एक भी मामला (जीरो केस) दर्ज नहीं हुआ। इसके अलावा कुरुक्षेत्र और फरीदाबाद में केवल 1-1 मामला, जबकि सिरसा, हिसार, फतेहाबाद और रेवाड़ी में 2-2 मामले ही सामने आए।
इम्पर्सनेशन (दूसरे की जगह परीक्षा) के केस भी आए सामने
रिपोर्ट में यह भी खुलासा हुआ है कि केवल नकल ही नहीं, बल्कि दूसरे की जगह परीक्षा देने (इम्पर्सनेशन) के मामले भी पकड़े गए हैं। नूंह में ऐसे 2 मामले और गुरुग्राम में 1 मामला दर्ज किया गया है।
परीक्षा का संक्षिप्त ब्यौरा
इस बार प्रदेश भर के 1,433 केंद्रों पर कुल 5,71,767 परीक्षार्थियों ने शिरकत की थी। इनमें:
कक्षा 10वीं: 2,95,748 छात्र
कक्षा 12वीं: 2,70,663 छात्र
D.El.Ed: 5,356 छात्र
बोर्ड की सख्त कार्रवाई: तीन स्तरीय अनुशासन प्रणाली
बोर्ड अधिकारियों के अनुसार, लगभग 144 मामले ‘मास कॉपीइंग’ (सामूहिक नकल) के संदेह में अभी भी रिव्यू के अधीन हैं। बोर्ड ने नकल रोकने के लिए थ्री-टियर डिसिप्लिनरी मैकेनिज्म लागू किया है। इसके तहत नकल करते पकड़े जाने पर छात्र की परीक्षा रद्द करने के साथ-साथ, ड्यूटी पर मौजूद सरकारी स्कूल स्टाफ के खिलाफ भी सख्त रिपोर्ट तैयार करने का प्रावधान है।