Gurugram की सड़कों पर सीएम सैनी का खुलासा, 547 कॉलोनियां, 24 मीटर सड़कें अधूरी, सब कांग्रेस की देन !

Gurugram : हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने विधानसभा में बजट 2026-27 पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए कहा कि राज्य सरकार का यह बजट हरियाणा को विकसित राज्य बनाने की दिशा में एक मजबूत कदम साबित होगा। उन्होंने कहा कि सरकार प्रदेश की जनता की जरूरतों के अनुसार कार्य कर रही है और आगे भी विकास की इसी गति को बनाए रखेगी।

मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि केवल विरोध करने के लिए विरोध करना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि जनता का विश्वास हमेशा काम करने वालों पर ही होता है। यह बजट किसी को निराश नहीं करेगा और प्रदेश के विकास को तीन गुना गति देने का कार्य करेगा।

इस दौरान मुख्यमंत्री ने गुरुग्राम में 24 मीटर चौड़ी सड़कों के निर्माण को लेकर कांग्रेस शासनकाल के निर्णयों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि बजट चर्चा के दौरान विपक्षी विधायक द्वारा गुरुग्राम के सेक्टर-58 से सेक्टर-115 के बीच सैकड़ों कॉलोनियों को 24 मीटर चौड़ी सड़कों से कनेक्टिविटी न होने का मुद्दा उठाया गया, लेकिन उनके द्वारा दिए गए तर्क तथ्यात्मक रूप से सही नहीं हैं।

547 कॉलोनियों की सड़कें अधूरी

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि वर्ष 2007 से 2014 के बीच गुरुग्राम में सेक्टर 58 से 115 तक लगभग 7 हजार एकड़ से अधिक क्षेत्र में 547 कॉलोनियों को केवल 4 करम चौड़े राजस्व रास्तों के आधार पर लाइसेंस दे दिए गए। इन कॉलोनियों के बीच प्रस्तावित 24 मीटर चौड़ी सड़कों के लिए भूमि तो लाइसेंसी से ली गई, लेकिन दो लाइसेंस प्राप्त कॉलोनियों के बीच आने वाली भूमि को न तो एचएसवीपी द्वारा अधिग्रहित किया गया और न ही भूमि अधिग्रहण की लागत को बिल्डरों से देय ईडीसी की राशि में शामिल किया गया।

1150 एकड़ की सड़कें खा गई कांग्रेस

उन्होंने बताया कि इन अधूरी 24 मीटर चौड़ी सड़कों का क्षेत्रफल लगभग 1150 एकड़ के आसपास है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सवाल यह है कि तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने उस समय यह आवश्यक निर्णय क्यों नहीं लिया। इसी वजह से कॉलोनियां तो विकसित होती चली गईं, लेकिन उन्हें जोड़ने वाला 24 मीटर चौड़ी सड़कों का नेटवर्क आज तक अधूरा बना हुआ है।

बुनियादी सुविधा देना चुनौती

मुख्यमंत्री ने कहा कि उस समय सही निर्णय न लेने के कारण केवल यातायात व्यवस्था ही प्रभावित नहीं हुई, बल्कि शहरी अवसंरचना का विकास भी गंभीर रूप से प्रभावित हुआ। जब 24 मीटर चौड़ी आंतरिक सड़कों का विकास नहीं हुआ, तो स्थानीय प्राधिकरणों के लिए जल आपूर्ति, सीवरेज, वर्षा जल निकासी और स्ट्रीट लाइट जैसी बुनियादी सुविधाओं को समन्वित रूप से उपलब्ध कराना भी बेहद कठिन हो गया। (Gurugram)

उन्होंने कहा कि कई स्थानों पर पाइपलाइन बिछाने, सीवरेज नेटवर्क स्थापित करने और ड्रेनेज व्यवस्था विकसित करने में भी बाधाएं आईं, क्योंकि जिस सड़क नेटवर्क के आधार पर यह आधारभूत ढांचा तैयार किया जाना था, वही अधूरा था। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह स्थिति इस बात का प्रमाण है कि उस समय गुरुग्राम के विस्तार को लेकर समग्र और दूरदर्शी योजना का अभाव था।

Sunil Yadav

सुनील यादव पिछले लगभग 15 वर्षों से गुरुग्राम की पत्रकारिता में सक्रिय एक अनुभवी और विश्वसनीय पत्रकार हैं। उन्होंने कई बड़े नेशनल न्यूज़ चैनलों में ( India Tv, Times Now,… More »
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