Child Marriage 23 जनवरी को बजने वाली थी शहनाई, जिला प्रशासन की टीम ने रुकवाया विवाह
गुरुग्राम के राठीवास में होने वाली थी शादी, लेकिन एक 'गुप्त सूचना' ने खेल बिगाड़ दिया!

Child Marriage/ गुरुग्राम: डीसी अजय कुमार के नेतृत्व में गठित एक विशेष टीम ने गांव राठीवास में होने जा रहे एक बाल विवाह को सफलतापूर्वक रुकवा कर एक नाबालिग बेटी के भविष्य को अंधेरे में जाने से बचा लिया।
गुप्त सूचना ने पलटा पूरा मामला
जानकारी के अनुसार, राठीवास गांव में 23 जनवरी को एक शादी समारोह तय था। घर में तैयारियां चल रही थीं और कार्ड बांटे जा चुके थे। इसी बीच जिला प्रशासन को एक गुप्त सूचना मिली कि होने वाली दुल्हन अभी नाबालिग है। सूचना मिलते ही संरक्षण एवं बाल विवाह निषेध अधिकारी मधु जैन की अगुवाई में संयुक्त विभागीय टीम मौके पर पहुंची। जब लड़की के दस्तावेजों की जांच की गई, तो पाया गया कि उसकी उम्र मात्र 17 साल है। कानूनी रूप से शादी के लिए लड़की की उम्र कम से कम 18 वर्ष होनी अनिवार्य है, जिसके बाद टीम ने तुरंत हस्तक्षेप कर विवाह रुकवा दिया।
कानून का उल्लंघन पड़ेगा भारी: 2 साल की जेल और 1 लाख जुर्माना
डीसी अजय कुमार ने इस मामले पर सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि बाल विवाह निषेध अधिनियम 2006 के तहत यह एक संज्ञेय और गैर-जमानती अपराध है। उन्होंने इसके परिणामों के प्रति आगाह करते हुए बताया:
उम्र की सीमा: शादी के लिए लड़की की उम्र कम से कम 18 वर्ष और लड़के की 21 वर्ष होनी अनिवार्य है।
कड़ी सजा: बाल विवाह करवाने वाले, उसे बढ़ावा देने वाले या उसमें शामिल होने वाले किसी भी व्यक्ति को 2 साल की कड़ी जेल और 1 लाख रुपये का जुर्माना हो सकता है।
गैर-जमानती अपराध: इस जुर्म में आसानी से जमानत नहीं मिलती।
समाज से अपील: जागरूक बनें, सूचना दें
प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे इस कुप्रथा को खत्म करने में सरकार का साथ दें। अगर कहीं भी बाल विवाह होने की जानकारी मिलती है, तो नागरिक तुरंत निम्नलिखित नंबरों पर संपर्क कर सकते हैं:
पुलिस हेल्पलाइन: 112
चाइल्ड हेल्पलाइन: 1098
बाल विवाह निषेध अधिकारी या मैजिस्ट्रेट कार्यालय
“हमारा उद्देश्य सिर्फ कानून लागू करना नहीं, बल्कि बेटियों को उनके हक और शिक्षा के लिए सुरक्षित माहौल देना है। बाल विवाह के खिलाफ यह अभियान जिला में लगातार जारी रहेगा।” > — अजय कुमार, डीसी गुरुग्राम














