Chenab Railway Bridge and Kasara Tunnel: भारतीय इंजीनियरिंग के दो अनोखे कारनामे, ऐसी बाकमाल कारीगरी कि नहीं होता आँखों पर विश्वास
Kasara Ghat Tunnel: भारत के इंजीनियरों का जवाब नहीं। इनका जिक्र पूरे विश्व में हो रहा है। जम्मू-कश्मीर में चेनाब नदी पर बना विश्व का सबसे ऊंचा रेलवे पुल दुनिया में चर्चा का विषय बन गया है। यह भारतीय कारीगरी का बड़ा कमाल है। मुंबई-नागपुर समृद्धि एक्सप्रेसवे पर निर्मित कसारा घाट टनल भी ऐसा ही उदाहरण है।

Chenab Railway Bridge and Kasara Tunnel: भारत के इंजीनियरों का जवाब नहीं। इनका जिक्र पूरे विश्व में हो रहा है। जम्मू-कश्मीर में चेनाब नदी पर बना विश्व का सबसे ऊंचा रेलवे पुल दुनिया में चर्चा का विषय बन गया है। यह भारतीय कारीगरी का बड़ा कमाल है। मुंबई-नागपुर समृद्धि एक्सप्रेसवे पर निर्मित कसारा घाट टनल भी ऐसा ही उदाहरण है।
कसारा घाट सुरंग

701 किलोमीटर लंबे मुंबई-नागपुर समृद्धि हाईवे पर बनी कसारा घाट सुरंग महाराष्ट्र की सबसे लंबी सड़क सुरंग है। यह एक ट्विन ट्यूब सुरंग है, जिसमें बाईं ट्यूब 7.78 किलोमीटर लंबी और दाईं ट्यूब 7.74 किलोमीटर लंबी है। यह पश्चिमी घाट की 160 मीटर ऊंची पहाड़ी को पार करती है।
प्रत्येक ट्यूब 17.6 मीटर चौड़ी (3 लेन) और 9.12 मीटर ऊंची है। न्यू ऑस्ट्रेलियन टनलिंग मेथड (NAT) के तहत बनी इस सुरंग में 26 क्रॉस पैसेज, 10 लेट-बाय और एक इमरजेंसी वेंटिलेशन सिस्टम है। इंजीनियरों का कहना है कि सुरंग कम से कम 100 साल तक ऐसी ही रहेगी। इसमें सीसीटीवी, अग्निशामक यंत्र और 70 मीटर गहरा ऊर्ध्वाधर शाफ्ट है जो यात्रियों के लिए इसे सुरक्षित बनाता है। सुरंग से मुंबई-नागपुर की यात्रा 14 घंटे से घटाकर 8 घंटे में पूरी होगी।

चिनाब रेलवे ब्रिज
जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले में चिनाब नदी पर निर्माणाधीन चिनाब रेलवे ब्रिज उधमपुर-श्रीनगर-बारामुल्ला रेल लिंक (USBRL) का हिस्सा है। यह पुल 359 फीट ऊंचा है, जो पेरिस के एफिल टॉवर से 35 फीट ऊंचा है।

यह दुनिया का सबसे ऊंचा रेलवे आर्च ब्रिज है, जिसकी लंबाई 467 मीटर और लंबाई 1.3 किमी है। इसका निर्माण 2003 में शुरू हुआ था और 2024 में पूरा होगा। इसकी लागत 1,480 करोड़ रुपये है। पुल 17 स्पैन से बना है, जिसमें 120 फीट लंबा मुख्य आर्च भी शामिल है। यह 180 किमी/घंटा की रफ्तार से चलने वाली हवाओं और 8.5 तीव्रता के भूकंप को झेल सकता है।
इसके निर्माण में 25,000 टन स्टील और उन्नत विस्फोट-रोधी तकनीक का इस्तेमाल किया गया था। चिनाब नदी की 1,200 मीटर गहरी घाटी और भौगोलिक जटिलता के बीच निर्माण चुनौतीपूर्ण था। इसे भारतीय रेलवे और इरकॉन ने मिलकर पूरा किया।

यह पुल जम्मू-कश्मीर को देश के बाकी हिस्सों से जोड़ता है, जिससे श्रीनगर तक की रेल यात्रा 12 घंटे से घटकर 3.5 घंटे रह जाती है। हाल ही में शुरू की गई कटरा-श्रीनगर वंदे भारत एक्सप्रेस (26401) इसी रूट का हिस्सा है। पीएम मोदी जल्द ही देश में इस रेल रूट को समर्पित करेंगे।
इससे नासिक, औरंगाबाद और शिरडी जैसे क्षेत्रों में व्यापार और पर्यटन को बढ़ावा मिला है। चेनाब ब्रिज और कसारा सुरंग भारत की आत्मनिर्भरता और तकनीकी प्रगति के प्रतीक हैं। चेनाब ब्रिज कश्मीर को देश से जोड़ता है, जबकि समृद्धि राजमार्ग महाराष्ट्र की आर्थिक रीढ़ को मजबूत करता है।










