Bypass road: NH-19 पर 400 करोड़ की लागत से बनेगा सात किलोमीटर लंबा बाइपास , जाम से मिलेगी राहत

Bypass road: उत्तर प्रदेश के आगरा वालों के लिए अच्छी खबर है. जल्द ही उन्हें जाम की झाम से छुटकारा मिलने वाली है. आपको बता दें कि NHAI ने एत्मादपुर तहसील में सात किलोमीटर लंबा बाइपास बनाने का निर्णय लिया है. आइए जानते हैं ये कब तक बनकर तैयार हो सकता है?
बाइपास परियोजना की घोषणा
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने आगरा जिले की एत्मादपुर तहसील में नेशनल हाईवे-19 के जाम की समस्या से निजात दिलाने के लिए सात किलोमीटर लंबा बाइपास बनाने का निर्णय लिया है. इस परियोजना पर लगभग 400 करोड़ रुपये खर्च होंगे और इसका उद्देश्य रोजाना लगने वाले लंबे ट्रैफिक जाम से लोगों को राहत दिलाना है.
सर्वेक्षण और प्रस्तावना प्रक्रिया

बाइपास निर्माण के लिए एनएचएआई द्वारा एक महीने तक क्षेत्र का विस्तृत सर्वेक्षण किया गया. सर्वेक्षण के दौरान फ्लाईओवर की तुलना में बाइपास को अधिक उपयोगी और दीर्घकालिक समाधान के रूप में चुना गया. अब यह प्रस्ताव सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय को भेजा गया है, जिसकी स्वीकृति मिलने के बाद अगली प्रक्रिया शुरू होगी.
एत्मादपुर तहसील के सामने हाईवे-19 पर हर दिन सुबह और शाम भारी ट्रैफिक जाम लगता है. कई बार यह जाम सात से नौ किलोमीटर तक लंबा हो जाता है, जिससे यात्रियों को घंटों परेशानी का सामना करना पड़ता है. यह बाइपास जाम से राहत दिलाने के साथ-साथ ट्रैफिक प्रबंधन को भी बेहतर बनाएगा.
भविष्य की योजना और दीर्घकालिक लाभ
एनएचएआई द्वारा किए गए सर्वेक्षण में पाया गया कि बाइपास निर्माण आगामी 40 वर्षों तक जाम की समस्या का स्थायी समाधान हो सकता है. इससे न सिर्फ स्थानीय लोगों को राहत मिलेगी बल्कि वाहनों की निर्बाध आवाजाही से आर्थिक गतिविधियों में भी तेजी आएगी.

बाइपास का प्रस्तावित मार्ग

प्रस्तावित बाइपास लगभग सात किलोमीटर लंबा होगा और यह एत्मादपुर तहसील के पीछे या सामने से होकर निकलेगा. इसका मार्ग इस तरह तय किया जाएगा कि हाईवे पर वाहनों का दबाव कम हो और आसपास के इलाकों की कनेक्टिविटी भी बेहतर हो.
भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया
बाइपास निर्माण के लिए किसानों से भूमि की खरीद की जाएगी. जैसे ही मंत्रालय की अनुमति प्राप्त होगी, भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी. इसके लिए उचित मुआवजे और सरकारी नियमों के अनुसार किसानों से बातचीत की जाएगी ताकि विवाद से बचा जा सके.
प्रोजेक्ट रिपोर्ट और निर्माण प्रक्रिया
मंत्रालय की स्वीकृति के बाद डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) तैयार की जाएगी, जिसमें बाइपास के तकनीकी, वित्तीय और सामाजिक पहलुओं को शामिल किया जाएगा. इसके बाद निर्माण कार्य चरणबद्ध तरीके से आरंभ होगा और इसे तय समय में पूरा करने का लक्ष्य होगा.
आसपास के जिलों को लाभ
बाइपास बनने से आगरा और फिरोजाबाद जैसे शहरों के बीच यात्रा करने वाले वाहनों को वैकल्पिक मार्ग मिलेगा. इससे न सिर्फ समय की बचत होगी बल्कि ईंधन की खपत भी कम होगी. साथ ही, स्थानीय व्यापार, परिवहन और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा.











