Haryana में घर खरीदना हुआ महंगा : गुरुग्राम बना सबसे महंगा शहर, जानें नई कीमतें
नई नीति के अनुसार अब बालकनी के लिए भी 1,300 रुपये प्रति वर्ग फुट की दर से अतिरिक्त शुल्क देना होगा

Haryana में घर खरीदने का सपना देख रहे मध्यम और कम आय वर्ग के लोगों को अब अपनी जेब ज्यादा ढीली करनी होगी। राज्य सरकार ने ‘अफोर्डेबल हाउसिंग पॉलिसी-2013’ में महत्वपूर्ण संशोधन करते हुए फ्लैटों की आवंटन दरों (Allotment Rates) में 10 से 12 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी कर दी है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।
सरकार का कहना है कि पिछले कुछ वर्षों में जमीन की कीमतों, निर्माण सामग्री और श्रम लागत (Labour Cost) में भारी वृद्धि हुई है। इसके कारण डेवलपर्स के लिए पुरानी दरों पर प्रोजेक्ट पूरे करना घाटे का सौदा साबित हो रहा था। कई प्रोजेक्ट्स बीच में ही रुक गए थे। नई दरों के लागू होने से रुके हुए प्रोजेक्ट्स को गति मिलने और नए प्रोजेक्ट्स शुरू होने की उम्मीद है।
शहरों के अनुसार नई दरें (प्रति वर्ग फुट):
गुरुग्राम: दर 5,000 रुपये से बढ़कर 5,575 रुपये हो गई है।
फरीदाबाद और सोहना: यहां अब दरें 5,450 रुपये प्रति वर्ग फुट होंगी।
पंचकूला, कालका और पिंजौर: (हाई और मीडियम पोटेंशियल टाउन) के लिए दर 5,050 रुपये तय की गई है।
लो-पोटेंशियल टाउन: यहां दरें 3,800 से बढ़ाकर 4,250 रुपये कर दी गई हैं।
बालकनी और पार्किंग के लिए भी अतिरिक्त खर्च
नई नीति के अनुसार अब बालकनी के लिए भी 1,300 रुपये प्रति वर्ग फुट की दर से अतिरिक्त शुल्क देना होगा (जो प्रति फ्लैट अधिकतम 1.30 लाख रुपये होगा)। इसके अलावा, पार्किंग के नियमों में भी बदलाव किया गया है। अब हर फ्लैट के लिए एक अनिवार्य कार पार्किंग सुनिश्चित की गई है, जिससे फ्लैट की कुल लागत में 3 से 4 लाख रुपये तक की बढ़ोतरी हो सकती है।
पुराने आवेदकों पर क्या होगा असर
यह बढ़ोतरी उन सभी लाइसेंसों पर लागू होगी जहाँ अभी तक आवंटन (Allotment) नहीं हुआ है। जिन योजनाओं में आवेदन पहले ही मांगे जा चुके हैं, वहां सफल उम्मीदवारों से बढ़ी हुई दर के हिसाब से अंतर राशि मांगी जाएगी। हालांकि, यदि कोई आवेदक नई दरों पर फ्लैट नहीं लेना चाहता, तो वह अपना आवेदन वापस ले सकता है और उसकी जमा राशि बिना किसी कटौती के वापस कर दी जाएगी।